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पीजीआई में बाइपास सर्जरी करानी है तो ये जरूर पढ़ें
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 23 Dec 2013 09:08 AM IST
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पीजीआई ने कोरनेरी आर्टरी बाइपास ग्राफ्टिंग सर्जरी (सीएबीजी) के लिए पैकेज सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया है। इससे मरीजों का सस्ता इलाज होगा। इसके अलावा उन्हें बाहर से सर्जरी का सामान लाने की परेशानी भी नहीं होगी।
सीएबीजी के लिए पैकेज सिस्टम एक जनवरी से शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए पीजीआई ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
पैकेज के तहत अब सीएबीजी का खर्चा 54,000 हजार रुपये होगा। जनरल और प्राइवेट वार्ड का रेट अलग से होगा।
आईसीयू में तीन दिन तक रुकने का चार्ज अलग से तीन हजार रुपये भी देना होगा।
पैकेज में इलाज कराने में करीब आठ से दस हजार रुपये की बचत होगी। इसमें जनरल वार्ड के लिए मरीज से सात हजार रुपये जबकि प्राइवेट वार्ड के लिए 14 हजार रुपये लिए जाएंगे। लैब इंवेस्टीगेशन के लिए भी एक हजार रुपये अतिरिक्त देना होगा।
साल 2005 शुरू हुआ था पैकेज सिस्टम
पीजीआई में पैकेज सिस्टम की शुरुआत साल 2005 में हुई थी। आई, गायनी और कार्डियोलाजी में आने वाली कई सर्जरी पैकेज सिस्टम के तहत ही हो रही हैं।
पीजीआई के साल 20101-12 के आंकड़ों के मुताबिक कार्डियोलॉजी में साल 6700 मरीज भर्ती हुए थे। इनमें से 4700 मरीजों ने पैकेज सिस्टम के तहत इलाज कराया था।
पीजीआई का कहना है कि 80 फीसदी लोग पैकेज के तहत इलाज कराना चाहते हैं।
आर्थोपेडिक विभाग भी शुरू करेगा पैकेज सिस्टम
सूत्रों के मुताबिक आर्थोपेडिक विभाग भी जल्द पैकेज सिस्टम शुरू कर सकता है। इनमें घुटना ट्रांसप्लांट और अन्य इलाज शामिल होंगे।
अगले साल की पहली तिमाही से इसके शुरू होने की उम्मीद है। इस संबंध में विभाग की ओर से एक प्रस्ताव भी पीजीआई को भेजा जा चुका है।
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सीएबीजी के लिए पैकेज सिस्टम एक जनवरी से शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए पीजीआई ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
पैकेज के तहत अब सीएबीजी का खर्चा 54,000 हजार रुपये होगा। जनरल और प्राइवेट वार्ड का रेट अलग से होगा।
आईसीयू में तीन दिन तक रुकने का चार्ज अलग से तीन हजार रुपये भी देना होगा।
पैकेज में इलाज कराने में करीब आठ से दस हजार रुपये की बचत होगी। इसमें जनरल वार्ड के लिए मरीज से सात हजार रुपये जबकि प्राइवेट वार्ड के लिए 14 हजार रुपये लिए जाएंगे। लैब इंवेस्टीगेशन के लिए भी एक हजार रुपये अतिरिक्त देना होगा।
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साल 2005 शुरू हुआ था पैकेज सिस्टम
पीजीआई में पैकेज सिस्टम की शुरुआत साल 2005 में हुई थी। आई, गायनी और कार्डियोलाजी में आने वाली कई सर्जरी पैकेज सिस्टम के तहत ही हो रही हैं।
पीजीआई के साल 20101-12 के आंकड़ों के मुताबिक कार्डियोलॉजी में साल 6700 मरीज भर्ती हुए थे। इनमें से 4700 मरीजों ने पैकेज सिस्टम के तहत इलाज कराया था।
पीजीआई का कहना है कि 80 फीसदी लोग पैकेज के तहत इलाज कराना चाहते हैं।
आर्थोपेडिक विभाग भी शुरू करेगा पैकेज सिस्टम
सूत्रों के मुताबिक आर्थोपेडिक विभाग भी जल्द पैकेज सिस्टम शुरू कर सकता है। इनमें घुटना ट्रांसप्लांट और अन्य इलाज शामिल होंगे।
अगले साल की पहली तिमाही से इसके शुरू होने की उम्मीद है। इस संबंध में विभाग की ओर से एक प्रस्ताव भी पीजीआई को भेजा जा चुका है।