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धुंध का कहर, छुट्टी लेकर घर लौट रहे सेना के जवान समेत दो की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
Updated Sun, 12 Nov 2017 09:09 AM IST
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Bathinda Accident
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सेना में सैनिक के तौर पर कारगिल में तैनात रहे धीरज सिंह निवासी गांव साहनी जिला सीकर, राजस्थान की बठिंडा-डबवाली नेशनल हाईवे पर धुंध के बीच शुक्रवार देर रात हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि उसके टैक्सी चालक गुरदयाल सिंह ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
धीरज सिंह श्रीनगर से हवाई जहाज के जरिए पठानकोट पहुंचे था। वहां से वह अपने घर गांव साहनी जिला सीकर की तरफ किराए की टैक्सी से जा रहे थे। टैक्सी गुरदयाल सिंह चला रहा था। जब वह बठिंडा-डबवाली नेशनल हाईवे पर पहुंचे तो धुंध ज्यादा होने के कारण हाईवे के एक तरफ रखे पत्थर चालक गुुरदयाल सिंह को नजर नहीं आए और उनकी कार पत्थर से जा टकराई।
हादसे में कार सवार दोनों बुरी तरह घायल हो गए, उनको उपचार के लिए संस्था सहारा जनसेवा के सदस्यों के सहयोग से सिविल अस्पताल बठिंडा में दाखिल करवाया गया, लेकिन तब तक धीरज सिंह की मौत हो चुकी थी।
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धीरज सिंह श्रीनगर से हवाई जहाज के जरिए पठानकोट पहुंचे था। वहां से वह अपने घर गांव साहनी जिला सीकर की तरफ किराए की टैक्सी से जा रहे थे। टैक्सी गुरदयाल सिंह चला रहा था। जब वह बठिंडा-डबवाली नेशनल हाईवे पर पहुंचे तो धुंध ज्यादा होने के कारण हाईवे के एक तरफ रखे पत्थर चालक गुुरदयाल सिंह को नजर नहीं आए और उनकी कार पत्थर से जा टकराई।
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हादसे में कार सवार दोनों बुरी तरह घायल हो गए, उनको उपचार के लिए संस्था सहारा जनसेवा के सदस्यों के सहयोग से सिविल अस्पताल बठिंडा में दाखिल करवाया गया, लेकिन तब तक धीरज सिंह की मौत हो चुकी थी।
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दो वर्ष पहले ही हुई थी सैनिक की शादी
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तीस नवंबर तक के लिए मिली थी छुट्टी
सैनिक धीरज सिंह कारगिल से तीस नवंबर तक की छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे थे। मृतक के पिता महावीर सिंह भी फौज में बतौर कप्तान सेवा दे रहे हैं। वह इस समय सूरतगढ़ में तैनात हैं। चौकी वर्धमान पुलिस के एएसआई जसबीर सिंह ने बताया कि सैनिक धीरज सिंह के पिता महावीर सिंह के बयान पर कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया।
दो वर्ष पहले ही हुई थी सैनिक की शादी
हाईवे पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सैनिक धीरज सिंह के पिता महांवीर सिंह ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि उसका बेटा कारगिल में तैनात था। वह साढे़ नौ माह बाद छुट्टी लेकर गांव लौट रहा था। वीरवार को जब उसके बेटे की छुट्टी मंजूर हुई तो उसने सबसे पहले अपनी पत्नी को फोन कर सूचित किया। धीरज को घर आने की इतनी जल्दी थी कि वह खुशी-खुशी कारगिल से हवाई जहाज के जरिए पठानकोट पहुंचा। वहीं से उसने टैक्सी किराए पर ली थी। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व उनके बेटे की शादी हुई थी और उसकी पत्नी बड़ी बेशब्री से इंतजार कर रही थी।
सैनिक धीरज सिंह कारगिल से तीस नवंबर तक की छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे थे। मृतक के पिता महावीर सिंह भी फौज में बतौर कप्तान सेवा दे रहे हैं। वह इस समय सूरतगढ़ में तैनात हैं। चौकी वर्धमान पुलिस के एएसआई जसबीर सिंह ने बताया कि सैनिक धीरज सिंह के पिता महावीर सिंह के बयान पर कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया।
दो वर्ष पहले ही हुई थी सैनिक की शादी
हाईवे पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सैनिक धीरज सिंह के पिता महांवीर सिंह ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि उसका बेटा कारगिल में तैनात था। वह साढे़ नौ माह बाद छुट्टी लेकर गांव लौट रहा था। वीरवार को जब उसके बेटे की छुट्टी मंजूर हुई तो उसने सबसे पहले अपनी पत्नी को फोन कर सूचित किया। धीरज को घर आने की इतनी जल्दी थी कि वह खुशी-खुशी कारगिल से हवाई जहाज के जरिए पठानकोट पहुंचा। वहीं से उसने टैक्सी किराए पर ली थी। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व उनके बेटे की शादी हुई थी और उसकी पत्नी बड़ी बेशब्री से इंतजार कर रही थी।