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Gurdaspur News: संदिग्ध हालात में गोली लगने से जवान की मौत, माता-पिता ने लगाया शव की बेकद्री का आरोप
Thu, 22 Sep 2022 08:49 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 22 Sep 2022 08:49 PM IST
सार
बुधवार को अमरपाल का शव अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंचा गया और शाम को सेना की गाड़ी शव लेकर पहुंची। मगर आरोप है कि शव को गांव के बाहरी ही उतार दिया गया और सेना का वाहन लौट गया। परिजनों का कहना है कि बेटे का शव लिफाफे में लपेटा था। इसी कारण उन्होंने डीसी दफ्तर के बाहर धरना लगाया।
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डीसी दफ्तर के बाहर धरना देते जवान का परिवार और ग्रामीण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पंजाब के दीनानगर के गांव वजीरपुर के रहने वाले 23 वर्षीय सैनिक अमरपाल की ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। पारिवारिक सदस्यों का आरोप है कि भारतीय सेना ने उनके जवान बेटे की बेकद्री की है। शव को लिफाफे में लपेटकर गांव के बाहर ही गाड़ी से उतार कर चले गए। उनकी मांग है कि इसकी जांच की जाए कि किन हालातों में बेटे की मौत हुई है, क्योंकि अमरपाल आत्महत्या करने वालों में से नहीं था।
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परिजनों व ग्रामीणों ने डीसी दफ्तर के बाहर शव लेकर धरना भी दिया और उचित सम्मान की मांग की। लोगों ने सड़क भी जाम की। बाद में आश्वासन मिलने के बाद धरना खत्म किया गया और शव का अंतिम संस्कार किया गया। गुरदासपुर के डीसी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
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अमरपाल के माता-पिता ने बताया कि सोमवार शाम 4:30 बजे के करीब अमरपाल से बात हुई थी। वह बिल्कुल ठीक था। मंगलवार सुबह उन्हें गांव के सरपंच ने सूचना दी कि अमरपाल ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। मगर किसी अधिकारी ने परिवार को कोई सूचना नहीं दी। बाद में उनके मित्र के साथ संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि अमरपाल की सुबह 4 से 6 बजे तक ड्यूटी थी।
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ड्यूटी के दौरान पांच बजे वह कपड़े लेकर कमरे में छोड़ने गया और इसी दौरान ही कमरे में जाकर उसने अपने आप को गोली मार ली। परिजनों ने कहा कि ऐसा कोई भी कारण नहीं था कि अमरपाल आत्महत्या करता। मामले की जांच होनी चाहिए। बुधवार को अमरपाल का शव अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंचा गया और शाम को सेना की गाड़ी शव लेकर पहुंची। मगर आरोप है कि शव को गांव के बाहरी ही उतार दिया गया और सेना का वाहन लौट गया। परिजनों का कहना है कि बेटे का शव लिफाफे में लपेटा था। इसी कारण उन्होंने डीसी दफ्तर के बाहर धरना लगाया।