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Army Day: फरमान- जान हथेली पर रखकर देश की सुरक्षा करते हैं जवान, न लटकें उनके काम
Wed, 15 Jan 2020 12:07 PM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 15 Jan 2020 12:07 PM IST
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Indian Army
जान हथेली पर रखकर देश की सुरक्षा करने वाले सशस्त्र बलों के जवानों, उनके परिवारों और आश्रितों के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के सरकारी विभागों में इनका कोई काम नहीं लटकेगा। सभी अधिकारी और कर्मचारी इनके कामों को स्नेह व सम्मानपूर्वक तरीके से प्राथमिकता के आधार पर निपटाएंगे। हर विभाग के कार्यालयों में जवानों और उनके परिवारों के लिए अलग से काउंटर स्थापित होंगे। उन्हें लंबी लाइन में भी नहीं लगना पड़ेगा। जवान और उनके परिजन अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालयों में जाकर कार्य करवा सकेंगे।
हरियाणा सरकार ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी और एसडीएम को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस संबंध में हरियाणा सरकार को पत्र लिखा था। जिसके बाद सरकार हरकत में आई है। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर सरकार अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। मुख्य सचिव हरियाणा की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सशस्त्र बलों के जवान विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी जान की परवाह किए बगैर देश की सुरक्षा और सेवा करते हैं।
जवान अपने घर परिवार से हजारों किलोमीटर दूर जोखिम भरे इलाकों और खराब मौसम में डयूटी पर तैनात रहे हैं। सशस्त्र बलों में थलसेना, वायुसेना और नौसेना, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ के कार्यरत जवान, अधिकारी और सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक इत्यादि शामिल हैं।
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हरियाणा सरकार ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी और एसडीएम को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस संबंध में हरियाणा सरकार को पत्र लिखा था। जिसके बाद सरकार हरकत में आई है। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर सरकार अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। मुख्य सचिव हरियाणा की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सशस्त्र बलों के जवान विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी जान की परवाह किए बगैर देश की सुरक्षा और सेवा करते हैं।
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जवान अपने घर परिवार से हजारों किलोमीटर दूर जोखिम भरे इलाकों और खराब मौसम में डयूटी पर तैनात रहे हैं। सशस्त्र बलों में थलसेना, वायुसेना और नौसेना, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ के कार्यरत जवान, अधिकारी और सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक इत्यादि शामिल हैं।
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जवानों, उनके परिवार की अच्छी तरह देखभाल हमारा कर्तव्य
मुख्य सचिव के अनुसार जवानों और उनके परिवार की अच्छी तरह देखभाल करना हमारा कर्तव्य बनता है। सैनिक वर्ष में सीमित समय के लिए घर आते हैं। जिस दौरान उन्हें अपने लंबित काम भी निपटाने होते हैं। उनमें से अनेक काम सरकार के विभिन्न स्तरों और कार्यालयों से जुड़े रहते हैं।
इसलिए सभी विभागों को निर्देश दिए जाते हैं कि जब भी कोई सैनिक, उनका परिवार या आश्रित कार्यालय आए तो स्नेह और सम्मान के साथ तत्काल उनका काम निपटाएं। अलग से सेवा काउंटर जल्द बनाएं ताकि कोई असुविधा न हो। इससे जवान घरेलू समस्याओं से मुक्त होकर न केवल अपने काम को भलिभांति कर सकेंगे, बल्कि और बुलंद हौसले के साथ देश की सेवा में तत्पर रहेंगे।
अशिक्षित जनता के लिए नियुक्त करें विशेष प्रतिनिधि
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को कहा है कि वे सशस्त्र बलों के जवानों व उनके परिजनों के अलावा जन साधारण और अशिक्षित जनता के काम तत्परता से निपटाने के लिए भी विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करें ताकि उन्हें भटकना न पड़े। व्यक्तिगत तौर पर अधिकारी, कर्मचारी इनके कामों को प्राथमिकता दें। इन निर्देशों की प्रति विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों को भी भेजी गई है।
इसलिए सभी विभागों को निर्देश दिए जाते हैं कि जब भी कोई सैनिक, उनका परिवार या आश्रित कार्यालय आए तो स्नेह और सम्मान के साथ तत्काल उनका काम निपटाएं। अलग से सेवा काउंटर जल्द बनाएं ताकि कोई असुविधा न हो। इससे जवान घरेलू समस्याओं से मुक्त होकर न केवल अपने काम को भलिभांति कर सकेंगे, बल्कि और बुलंद हौसले के साथ देश की सेवा में तत्पर रहेंगे।
अशिक्षित जनता के लिए नियुक्त करें विशेष प्रतिनिधि
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को कहा है कि वे सशस्त्र बलों के जवानों व उनके परिजनों के अलावा जन साधारण और अशिक्षित जनता के काम तत्परता से निपटाने के लिए भी विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करें ताकि उन्हें भटकना न पड़े। व्यक्तिगत तौर पर अधिकारी, कर्मचारी इनके कामों को प्राथमिकता दें। इन निर्देशों की प्रति विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों को भी भेजी गई है।