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गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 16 Jun 2017 09:13 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। मामले में हिसार निवासी अनुज सिंगला ने आरोप लगाया था कि नियुक्ति की शर्तों को बीच में बदल दिया गया है जो नियमों के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने याचिका पर यूनिवर्सिटी के वीसी व रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
याची ने कहा कि गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसरों के विभिन्न पदों के लिए 2016 में विज्ञान निकाला था। विज्ञापन के अनुसार सामान्य श्रेणी में 21 व आरक्षित श्रेणी में 14 अंक वाले आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना था।
इसके आधार पर इंटरव्यू के लिए 20 आवेदकों को बुलाया गया। इंटरव्यू में याची के 20 अंक थे और उसे सूची में 21वें स्थान पर रखा गया। याची को बताया गया कि अकादमिक रिकार्ड के 25 अंक तथा अनुभव के 5 अंक के आधार पर इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। याची ने कहा कि जो मानक अपनाए गए वे विज्ञापन में दिए गए मानकों से बिल्कुल अलग थे।
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याची केवकील विजयपाल सिहाग ने कहा कि विज्ञापन के अनुसार अकादमिक रिकार्ड के 25, रिसर्च वर्क के 25 तथा 5 अंक अनुभव के जोड़े जाने चाहिए थे। ऐसे में विज्ञापन मे दी गई इस शर्त के अनुसार मेरिट बनाकर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाए।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह तय किया गया है कि विज्ञापन की शर्त को नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान नहीं बदला जा सकता है। इस मामले में ऐसा किया गया है जो गलत है। यदि विज्ञापन के मानकों केअनुसार नियुक्ति प्रक्रिया होती है तो वह उन 20 की सूची में आएगा जिन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
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याची ने कहा कि गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसरों के विभिन्न पदों के लिए 2016 में विज्ञान निकाला था। विज्ञापन के अनुसार सामान्य श्रेणी में 21 व आरक्षित श्रेणी में 14 अंक वाले आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना था।
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इसके आधार पर इंटरव्यू के लिए 20 आवेदकों को बुलाया गया। इंटरव्यू में याची के 20 अंक थे और उसे सूची में 21वें स्थान पर रखा गया। याची को बताया गया कि अकादमिक रिकार्ड के 25 अंक तथा अनुभव के 5 अंक के आधार पर इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। याची ने कहा कि जो मानक अपनाए गए वे विज्ञापन में दिए गए मानकों से बिल्कुल अलग थे।
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याची केवकील विजयपाल सिहाग ने कहा कि विज्ञापन के अनुसार अकादमिक रिकार्ड के 25, रिसर्च वर्क के 25 तथा 5 अंक अनुभव के जोड़े जाने चाहिए थे। ऐसे में विज्ञापन मे दी गई इस शर्त के अनुसार मेरिट बनाकर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाए।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह तय किया गया है कि विज्ञापन की शर्त को नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान नहीं बदला जा सकता है। इस मामले में ऐसा किया गया है जो गलत है। यदि विज्ञापन के मानकों केअनुसार नियुक्ति प्रक्रिया होती है तो वह उन 20 की सूची में आएगा जिन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।