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दूसरे 'खेमका' बने कासनी पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 30 Dec 2014 09:18 AM IST
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हुड्डा सरकार के समय में दूसरे खेमका बनकर उभरे प्रदीप कासनी अब खट्टर सरकार को भी पसंद नहीं आए। गुड़गांव मंडल के आयुक्त प्रदीप कासनी को हरियाणा सरकार ने बढ़िया पोस्टिंग देने के कुछ दिन बाद ही हाथ खींच लिए हैं। कासनी के पद का अतिरिक्त कार्यभार रोहतक मंडल के आयुक्त राजीव रंजन को सौंप दिया गया है।
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अब कासनी के पोस्टिंग आर्डर सरकार बाद में जारी करेगी। शीघ्र ही सरकार एक डीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारी का भी तबादला कर सकती है। यह अधिकारी भी फिलहाल गुड़गांव मंडल के ही अधीन हैं।
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इन अधिकारियों के तबादले के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी गई है। संबंधित जिले में मतदाता सूचियों में संशोधन का काम जारी होने के कारण सरकार को चुनाव आयोग से अनुमति मांगनी पड़ी है।
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सूत्रों की माने तो बावल जमीन अधिग्रहण मामले को लेकर कई तरह का फीडबैक सरकार के पास पहुंचा है। कासनी के तबादले का एक पहलू यह भी है कि बावल जमीन अधिग्रहण मामले में जो मुआवजा राशि तय की गई थी, वह अधिक थी। इससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हो सकता था।
हालांकि बाद में सरकार ने बावल में जमीन अधिग्रहण का निर्णय रद्द कर दिया था। दूसरा पहलू यह भी है कि गुड़गांव की कारपोरेट लाबी को कासनी के काम का तरीका पसंद नहीं आ रहा था। अब कासनी की नई नियुक्ति के बाद ही तस्वीर साफ होगी।