Punjab: पंजाबी गायक जी खान माफी मांगने पहुंचे तो जंग का मैदान बना मंदिर, जमकर चले ईंट-पत्थर
महंत नारायण दास पुरी ने उन्हें समझाने की कोशिश की और कहा कि व्यक्ति भगवान के घर आकर माफी मांग रहा है, उसे माफ करने में कोई हर्ज नहीं। इतने में वह वह भड़क गए और उन्होंने महंत नारायण दास पुरी जी से दुर्व्यवहार किया। इतने में सामने से हिंदू संगठनों में आपस में कहासुनी हो गई।
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लुधियाना में हिंदुओं का प्राचीन संगला वाला शिवाला मंदिर रविवार को उस समय कुछ असामाजिक तत्वों ने जंग का मैदान बन गया जब पंजाबी सिंगर जी खान वहां अपनी गलती की माफी मांगने पहुंचे थे। हैरानी की बात यह है कि प्राचीन संगला वाला शिवाला मंदिर को जंग का मैदान बनाने में खुद को हिंदू नेता बताने वाले भी शामिल थे। वह यहीं नहीं रुके बल्कि मंदिर प्रांगण में ही गाली-गलौज की और और ईंट-पत्थर चलाकर मंदिर की मर्यादा को भंग किया।
मंदिर के मुख्य सेवादार एवं महंत नारायण दास पुरी ने उन्हें रोकने की काफी कोशिश की लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी धक्के दिया और दुर्व्यवहार किया। मंदिर के बाहर भी कुछ नेता भिड़ते नजर आए। सूचना के बाद कई थानों की पुलिस के साथ आला अधिकारी वहां पहुंचे।
इतने में हमलावर वहां से फरार हो गए। पुलिस ने वहां से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पंजाबी गायक जी खान ने कुछ दिन पहले गणेश उत्सव के दौरान मंच से अश्लील गाना गया था। इसके बाद शिवसेना पंजाब ने संत समाज की अध्यक्षता में इसका विरोध किया और थाना डिविजन दो में गायक के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। अदालत ने जी खान को जमानत भी दे दी है।
इसके बावजूद जी खान संत समाज के साथ-साथ हिंदू समाज से माफी मांगना चाहते थे। उन्होंने हिंदू नेताओं से संपर्क किया तो सभी ने संत समाज के महंत नारायण दास पुरी से कहकर पंजाबी सिंगर जी खान को प्राचीन संगला वाला शिवाला मंदिर में बुला लिया। जहां जी खान ने महंत नारायण दास पुरी के चरणों में बैठ माफी मांगी और इसके बाद शिवाला में जाकर भगवान भोलेनाथ के समक्ष माफी मांगी। इतने में कुछ असामाजिक तत्व व खुद को हिंदू समाज के रक्षक कहने वाले नेता वहां पहुंचे और उन्होंने मंदिर प्रांगण में नारेबाजी शुरू कर दी।
महंत नारायण दास पुरी ने उन्हें समझाने की कोशिश की और कहा कि व्यक्ति भगवान के घर आकर माफी मांग रहा है, उसे माफ करने में कोई हर्ज नहीं। इतने में वह वह भड़क गए और उन्होंने महंत नारायण दास पुरी जी से दुर्व्यवहार किया। इतने में सामने से हिंदू संगठनों में आपस में कहासुनी हो गई।
एक-दूसरे को मंदिर प्रांगण में ही गाली दी और हाथापाई करने लगे। किसी तरह से झगड़ा करने वालों को बाहर निकाला गया और मंदिर के बाहर भी खुद को हिंदू नेता बताने वाले भिड़ते नजर आए। वह आपस में ही मंदिर प्रागंण से लड़ते-लड़ते बाहर पहुंच गए और जमकर मंदिर की मर्यादा को भंग किया।
मामला कुछ शांत हुआ तो हिंदू संगठनों के कुछ सदस्य अंदर चले गए तो कुछ धर्म के ठेकेदार बाहर खड़े थे। इतने में उनके कुछ लोग और आ गए। आते ही हमलावरों ने कुछ नहीं देखा तो मंदिर प्रांगण में ईंट-पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। रविवार होने की वजह से मंदिर के अंदर भीड़ ज्यादा थी। ईंट-पत्थर चलने के बाद वहां भगदड़ मच गई। ईंट-पत्थर चलाते हुए हमलावर मंदिर के बाहर तक आ गए। इसी दौरान शिवसेना पंजाब के नेता भानू प्रताप बाहर खड़े थे। हमलावरों के हाथ वह लग गए और उन्होंने जमकर धुनाई की।