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सराहनीय पहलः एक ईमेल से छुड़वाएं किसी का भी नशा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 13 Aug 2015 11:13 AM IST
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आपके परिवार, दोस्त या पड़ोस में अगर कोई नशे का शिकार तो आप उसकी मदद एक ईमेल लिखकर कर सकते हैं। इसके लिए आपको बस helpinghanddrugs@gmail.com पर मेल करना है।
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इस कैंपेन की शुरुआत एक्स डीजीपी शशिकांत की एनजीओ इंसाफ, हक फाउंडेशन और सेंटर फार सोशल वर्क ने मोहाली स्थित मायो अस्पताल के साथ मिलकर की है। कैंपेन के तहत समाज के हर वर्ग से यह अपील की गई है कि इस ई मेल आईडी पर मैसेज मिलने के बाद एनजीओ व अस्पताल मरीज की हर संभव मदद करने को तत्पर रहेगा।
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साइकेट्रिस्ट डॉ. अबरीश सिंगल ने कहा कि नशे में डूबे नौजवान ही पैसे न मिलने पर गलत काम करते हैं। वे नशा छोड़ना चाहें तो हम उनकी मदद करेंगे। कैंपेन के तहत गरीब लोगों का निशुल्क इलाज किया जाएगा। कैंपेन की शुरुआत चंडीगढ़ से की जा रही है, आगे इसे हर जिले गांव तक पहुंचाया जाएगा।
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कैंपेन में तकरीबन 500 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। साथ ही गर्वनमेंट कालेज आफ कार्मस एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से आशीष थियेटर ग्रुप के स्टूडेंट्स ने स्टेज पर नशाखोरी व पंजाब पुलिस भर्ती के ऊपर कटाक्ष भरा नाटक पेश किया। साथ ही संदेश दिया कि पंजाब को नशाखोरी से बचाने की सख्त जरूरत है।
सरकार समझे, ये मरीज हैं कैदी नहीं : शशिकांत
पीयू के लॉ ऑडीटोरियम में इस कैंपेन के शुभारंभ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी शशिकांत ने कहा कि बढ़ते नशे की बीमारी को जड़ से खत्म करना है। मैं खुद इस नशाखोरी के खिलाफ एक अरसे से लड़ रहा हूं और अंतिम सांस तक लड़ता रहूंगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त री-हैबिलटेशन सेंटर में मरीजों को कैदियों की तरह रखा जाता है। जहां वे खुद को नुकसान पहुंचाते है और उनकी हालत बिगड़ती ही जाती है। मेरा मानना है कि वो मरीज है कोई कैदी नहीं।