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Punjab: कारगर साबित हो रहा एंटी ड्रोन सिस्टम, चार माह में गिराए 20 ड्रोन, 50 किलो हेरोइन पकड़ी
Thu, 04 May 2023 08:02 AM IST
निवेदिता वर्मा
पंकज शर्मा, संवाद, अमृतसर (पंजाब)
पंकज शर्मा, संवाद, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 04 May 2023 08:02 AM IST
सार
पिछले साल जून से लेकर अब तक करीब 74 बार ड्रोन भारत की सीमा में घुसे हैं, जिनमें से 35 से ज्यादा को मार गिराया और 15-20 को खदेड़ दिया गया। एंटी ड्रोन सिस्टम से नशा तस्करी में काफी हद तक लगाम लगी है। पंजाब की 553 किलोमीटर की सीमा पाकिस्तान से सटी है।
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ड्रोन
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पाकिस्तान से नशा तस्कर लगातार भारत की सीमा में नशीले पदार्थ पहुंचाने की कोशिश में रहते हैं। ऐसे में बॉर्डर पर लगाया गया एंटी ड्रोन सिस्टम काफी कारगर साबित हो रहा। चार माह (जनवरी से अप्रैल तक) में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने 20 ड्रोन गिराने में कामयाबी पाई है। वहीं, करीब 50 किलो हेरोइन भी पकड़ी है।
पिछले साल जून से लेकर अब तक करीब 74 बार ड्रोन भारत की सीमा में घुसे हैं, जिनमें से 35 से ज्यादा को मार गिराया और 15-20 को खदेड़ दिया गया। एंटी ड्रोन सिस्टम से नशा तस्करी में काफी हद तक लगाम लगी है। पंजाब की 553 किलोमीटर की सीमा पाकिस्तान से सटी है। अभी सीमित क्षेत्र में यह सिस्टम काम कर रहा है। इसकी मदद से जैसे ही कोई ड्रोन पाकिस्तान की तरफ से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो एंटी ड्रोन सिस्टम की रेंज में आ जाता है। इससे बीएसएफ और पंजाब पुलिस के जवान चौकस हो जाते हैं। जवान इसे तुरंत मार गिराने में सफल हो जाते हैं। ज्यादातर मामलों में ड्रोन अपने टारगेट तक पहुंचने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों की हाथ लग जाता है।
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पिछले साल जून से लेकर अब तक करीब 74 बार ड्रोन भारत की सीमा में घुसे हैं, जिनमें से 35 से ज्यादा को मार गिराया और 15-20 को खदेड़ दिया गया। एंटी ड्रोन सिस्टम से नशा तस्करी में काफी हद तक लगाम लगी है। पंजाब की 553 किलोमीटर की सीमा पाकिस्तान से सटी है। अभी सीमित क्षेत्र में यह सिस्टम काम कर रहा है। इसकी मदद से जैसे ही कोई ड्रोन पाकिस्तान की तरफ से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो एंटी ड्रोन सिस्टम की रेंज में आ जाता है। इससे बीएसएफ और पंजाब पुलिस के जवान चौकस हो जाते हैं। जवान इसे तुरंत मार गिराने में सफल हो जाते हैं। ज्यादातर मामलों में ड्रोन अपने टारगेट तक पहुंचने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों की हाथ लग जाता है।
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अप्रैल में पांच ड्रोन गिराए
अप्रैल माह से सबसे अधिक नशीली सामग्री अमृतसर जिले की बाॅर्डर क्षेत्र में ड्रोन की ओर से भेजी गई है। चार अप्रैल को एक ड्रोन धनौआ कलां में एक किलो हेरोइन के साथ सुरक्षा एजेंसियों ने कब्जे में लिया। 15 अप्रैल को तीन किलो हेरोइन व एक ड्रोन को पकड़ा गया। 16 अप्रैल को एक लावारिस हालत में ड्रोन मिला। 23 अप्रैल को तीन किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई, जिसे ड्रोन के माध्यम से फेंका गया था। 27 अप्रैल को बिखरा हुआ ड्रोन मिला और साथ में ही दो पैकेट हेरोइन भी बरामद हुई।
सारी सीमा में लगे सिस्टम तो रुक जाएगी तस्करी
अटारी बॉर्डर बेल्ट के डीएसपी प्रवेश चोपड़ा और अजनाला सीमांत क्षेत्र के डीएसपी संजीव कुमार का कहना है कि सीमा क्षेत्र में जो एंटी ड्रोन सिस्टम लगाया गया है, वह पाकिस्तानी नशा तस्करों पर नकेल कसने में सफल रहा है। अगर यह सिस्टम सारी बॉर्डर बेल्ट में स्थापित कर दिया जाए, तो नशा तस्करी पूरी तरह से रुक जाएगी।
अप्रैल माह से सबसे अधिक नशीली सामग्री अमृतसर जिले की बाॅर्डर क्षेत्र में ड्रोन की ओर से भेजी गई है। चार अप्रैल को एक ड्रोन धनौआ कलां में एक किलो हेरोइन के साथ सुरक्षा एजेंसियों ने कब्जे में लिया। 15 अप्रैल को तीन किलो हेरोइन व एक ड्रोन को पकड़ा गया। 16 अप्रैल को एक लावारिस हालत में ड्रोन मिला। 23 अप्रैल को तीन किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई, जिसे ड्रोन के माध्यम से फेंका गया था। 27 अप्रैल को बिखरा हुआ ड्रोन मिला और साथ में ही दो पैकेट हेरोइन भी बरामद हुई।
सारी सीमा में लगे सिस्टम तो रुक जाएगी तस्करी
अटारी बॉर्डर बेल्ट के डीएसपी प्रवेश चोपड़ा और अजनाला सीमांत क्षेत्र के डीएसपी संजीव कुमार का कहना है कि सीमा क्षेत्र में जो एंटी ड्रोन सिस्टम लगाया गया है, वह पाकिस्तानी नशा तस्करों पर नकेल कसने में सफल रहा है। अगर यह सिस्टम सारी बॉर्डर बेल्ट में स्थापित कर दिया जाए, तो नशा तस्करी पूरी तरह से रुक जाएगी।
ऐसे काम करता है एंटी ड्रोन सिस्टम
जब भी कोई ड्रोन एंटी ड्रोन सिस्टम की रेंज में आ जाता है, तो वह अपने टारगेट को भूल जाता है। उसका सारा फीड किया प्रोग्राम खराब हो जाता है। इसके चलते वह सुरक्षा एजेंसियों की गोलियों का शिकार हो जाता है। जैसे ही ड्रोन पाक सीमा से भारत की तरफ उड़ान भरता है, तो एंटी ड्रोन सिस्टम से इसकी सूचना बीएसएफ को मिल जाती है। इतना ही नहीं बीएसएफ ने एक फीमेल डॉग को भी प्रशिक्षित किया है, जो दूर से आते ड्रोन की आवाज सुन जवानों को अलर्ट कर देता है।
नाके लगाने के साथ की जा ही पेट्रोलिंग
पिछले माह पूरी सीमा क्षेत्र पर 75 से अधिक पुलिस नाके रात छह से सुबह पांच बजे तक लगाए जाते रहे। बीएसएफ की ओर से अपने स्तर पर भी अलग से 25 के करीब नाके लगाए गए हैं। इसी तरह करीब 20 पैट्रोलिंग पार्टियां सारी रात गश्त करती हैं। इसके चलते आधी दर्जन से अधिक नशा तस्करी के मामले में पकड़ में आए हैं।
जब भी कोई ड्रोन एंटी ड्रोन सिस्टम की रेंज में आ जाता है, तो वह अपने टारगेट को भूल जाता है। उसका सारा फीड किया प्रोग्राम खराब हो जाता है। इसके चलते वह सुरक्षा एजेंसियों की गोलियों का शिकार हो जाता है। जैसे ही ड्रोन पाक सीमा से भारत की तरफ उड़ान भरता है, तो एंटी ड्रोन सिस्टम से इसकी सूचना बीएसएफ को मिल जाती है। इतना ही नहीं बीएसएफ ने एक फीमेल डॉग को भी प्रशिक्षित किया है, जो दूर से आते ड्रोन की आवाज सुन जवानों को अलर्ट कर देता है।
नाके लगाने के साथ की जा ही पेट्रोलिंग
पिछले माह पूरी सीमा क्षेत्र पर 75 से अधिक पुलिस नाके रात छह से सुबह पांच बजे तक लगाए जाते रहे। बीएसएफ की ओर से अपने स्तर पर भी अलग से 25 के करीब नाके लगाए गए हैं। इसी तरह करीब 20 पैट्रोलिंग पार्टियां सारी रात गश्त करती हैं। इसके चलते आधी दर्जन से अधिक नशा तस्करी के मामले में पकड़ में आए हैं।