हरियाणा: सब इंस्पेक्टर भर्ती में लगातार सामने आ रहे फर्जीवाड़े, दो ने जिंदा पिता को मृत दिखा हासिल किये पांच अंक
सब इंस्पेक्टर भर्ती में एक और फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। दरअसल, दो अभ्यर्थियों ने अपने जिंदा पिता को मृत दिखा दिया और पांच अंक भी हासिल कर लिए।
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सब इंस्पेक्टर की भर्ती में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। पहले 15 तो तहसीलदार से हस्ताक्षरित शपथ पत्र देने ही नहीं आये थे और कई के बायोमेट्रिक निशान का मिलान नहीं हुआ था। अब एक और नई बात का खुलासा हुआ है कि दो उम्मीदवारो ने अपने जिंदा पिता को ही मृत दिखा दिया और सामाजिक आधार पर पांच अंक हासिल कर लिये।
अब तक की तीन स्तरीय जांच में 28 उम्मीदवार के शपथ पत्र झूठे मिले हैं। जिन्होंने गलत तरीके से सामाजिक एवं आर्थिक आधार पर मिलने वाले अंक हासिल किए हैं। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि जिलों में एसआई चयनित आवेदकों की जांच सीआईडी, तहसीलदार और डीसी की अध्यक्षता में आधारित कमेटी कर रही है।
आयोग अब चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर जांच एजेंसियों से जांच का समय सीमा निर्धारण करवाएगा। खदरी ने कहा कि फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा और उनके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
नियुक्तियों में फर्जीवाड़ा: अधर में लटकी 25 भर्तियां
नियुक्तियों में फर्जीवाड़े के खुलासों से विभिन्न विभागों में होने वाली 25 भर्तियां अधर में लटक गई हैं। कहीं नियुक्ति रुक गई है तो कई परीक्षा स्थगित कर दी गई है। विजिलेंस जांच होने से कई परीक्षाओं का परिणाम लटक गया है। इससे नौकरियों के इंतजार में बैठे हजारों युवाओं का इंतजार और बढ़ गया है। सबसे अहम बात ये है कि विवादित भर्तियों और परीक्षाओं को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये रद्द होंगी या नहीं।
हरियाणा लोक सेवा आयोग के उप सचिव अनिल नागर, अश्वनी शर्मा और नवीन ने गिरफ्तारी के दौरान कबूला है कि उन्होंने डेंटल सर्जन और एचसीएस प्री परीक्षा के अलावा भी अन्य भर्तियों में गड़बड़ी की है। इसके चलते हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग दोनों में ही खलबली मची हुई है।
साल्वर गैंग से लेकर नौकरी बेच गिरोह के सामने आने से दोनों आयोगों ने कुछ परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं तो कुछ का परिणाम रोक लिया गया है। इससे पहले आयोग दोबारा से एक्सरसाइज कर रहा है कि कहीं शेष भर्तियों में तो आरोपियों का दखल नहीं था। ऐसे में भर्ती प्रक्रियाएं पांच से छह लंबित हो सकती हैं।
ये भर्तियां हैं विवादित
अभी तक डेंटल सर्जन, एचसीएस प्री, सब इंस्पेक्टर भर्ती, वीएलडीए, एएनएम, स्टाफ नर्स भर्ती में गड़बड़ी की बातें आरोपियों ने स्वीकार की हैं। महिला कांस्टेबल की भर्ती में खाली छोड़ी गई ओएमआर सीटों की जांच चल रही है, जबकि एसआई में अभ्यर्थियों को अंगूठे मैच नहीं कर रहे हैं। दूसरी ओर, पुरुष सिपाही का परिणाम अभी जारी नहीं हुआ है। एचपीएससी ने मुख्य सचिव की परीक्षा स्थगित कर दी है, जबकि 11 श्रेणियों के अभ्यर्थियों के दस्तावेज जमा कराने का शेड्यूल रोक दिया है। एचएसएससी की ओर से भी एचएसआईआईडीसी, पंचायती राज, पीडब्ल्यूडी, आर्किटेक्ट विभाग में अलग-अलग पदों को लेकर होने वाली परीक्षा स्थगित कर चुका है।
परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर विवाद
हरियाणा सरकार की तरफ से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। इन सभी भर्तियों में गड़बड़ी करने की बात पकड़े गए आरोपियों ने की है। ऐसे में अभ्यर्थी की धड़कनें भी बढ़ी हुई हैं कि ये भर्तियां रद्द होंगी या फिर इनकी परीक्षा दोबारा से ली जाएगी। इसको लेकर न तो आयोग कुछ बता रहे हैं और न ही सरकार।
विजिलेंस रिपोर्ट पर होगा फैसला: आयोग
हरियाणा लोक सेवा आयोग के चेयरमैन आलोक वर्मा का कहना है कि विजिलेंस की रिपोर्ट के आधार पर ही परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर फैसला लिया जाएगा। इसी प्रकार, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी का कहना है कि विजिलेंस ने अभी उनसे कोई दस्तावेज नहीं मांगे हैं। जांच में जो सामने आएगा, उसके आधार पर फैसला लिया जाएगा।