फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Annoucements in Punjab assembly by CM capt Amarinder singh

पंजाब में महिलाओं को बड़ी सौगात, सरकारी बसों में 50 फीसदी किराया माफ

Wed, 04 Mar 2020 09:28 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 04 Mar 2020 09:28 AM IST
विज्ञापन
Annoucements in Punjab assembly by CM capt Amarinder singh
कैप्टन अमरिंदर सिंह । - फोटो : एएनआई

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य की सरकारी और पीआरटीसी की बसों में सफर करने वाली महिलाओं को किराए में 50 प्रतिशत छूट देने का एलान किया। इसके साथ ही उन्होंने अगले दो साल में मिनी बसों के लिए पांच हजार नए रूट परमिट जारी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य से रेत माफिया के खात्मे के लिए जल्द ही नई माइनिंग नीति भी लाएंगे। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने सदन में बताया कि अगले दो साल में 52 सीटों वाली बसों के लिए 2000 और रूट परमिट दिए जाएंगे। राज्य की ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस समय मामला अदालत के अधीन है। जब भी मसला हल होगा, अदालत की हिदायतों के मुताबिक अपेक्षित कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन


उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि कोई भी ट्रांसपोर्ट परमिट गैर-कानूनी पाया गया तो उसे रद्द कर दिया जाएगा। 142 परमिटों के लिए कारण बताओ नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इन मामलों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग के बाकी 212 परमिटों के लिए भी 15 दिवसीय कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा उन्होंने ट्रांसपोर्ट कारोबार में एकाधिकार और अनुचित मुनाफाखोरी रोकने के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता भी दोहराई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रिटायर हो रहे हर मुलाजिम की जगह तीन लोगों की भर्ती 

रिटायरमेंट की उम्र घटाने संबंधी सरकार के फैसले का जिक्र करते हुए कैप्टन ने कहा कि इससे खाली होने वाले सभी पद अगले दो साल में भरे जाएंगे। उच्च पे-स्केल पर सेवामुक्त होने वाले प्रत्येक कर्मचारी के बदले कम पे-स्केल पर तीन नौजवानों के लिए नौकरियां पैदा की जाएंगी।

अपनी सरकार के प्रमुख प्रोग्राम ‘घर-घर रोजगार और कारोबार’ को यकीनी बनाने की वचनबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि उनकी सरकार ने पिछले तीन साल में ठेके पर रखे मुलाजिमों समेत 57 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में सरकार की नीतियों से राज्य में उद्योग को काफी प्रोत्साहन मिला है।

पंजाब के गांवों में 24 घंटे मिलेगी एंबुलेंस सेवा 
मुख्यमंत्री ने एलान किया कि अगले दो साल में एंबुलेंस की संख्या 242 से बढ़ाकर 400 की जाएगी। इससे 30 से 35 गांवों के प्रत्येक क्लस्टर के लिए 24 घंटे एंबुलेंस सेवाएं दी जा सकेंगी। 

प्रशासनिक ड्यूटी के साथ क्लीनिक प्रैक्टिस भी करें डॉक्टर 

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सभी डॉक्टरों को प्रशासनिक कामों के साथ-साथ क्लीनिक वर्क (इलाज संबंधी सेवाएं) भी करना चाहिए। राज्य में इस समय पर कुल 4,036 डॉक्टरों में से 1000 डॉक्टर क्लीनिक वर्क में शामिल नहीं होते। यदि विश्वविद्यालयों के उप कुलपति पढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य कर सकते हैं, पीजीआई के प्रमुख प्रशासकीय कार्यों के साथ क्लीनिक प्रैक्टिस कर सकते हैं तो पंजाब के डॉक्टर क्यों नहीं।

कृषि विविधता पर ध्यान केंद्रित 
राज्य के किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए फसलीय विविधता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विविधता प्रोग्राम के अंतर्गत खरीफ की मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का उपबंध भी किया गया है। इसी तरह दालें, कपास, बासमती और बागबानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया जा रहा है। इस प्रयास के अंतर्गत प्रति एकड़ धान के कम पैदावार वाले क्षेत्रों/ब्लॉकों और भूजल की कमी वाले क्षेत्रों में धान को वैकल्पिक फसलों के अधीन लाने को प्राथमिकता दी जाएगी।

दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने का वैकल्पिक रूट तलाशेगा पंजाब

पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत बैंस ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए पंजाब की सरकारी वोल्वो बसों की दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में एंट्री बैन होने और सूबे की निजी बसों द्वारा एनआरआईज से की जा रही लूट का मुद्दा उठाया। बैंस ने सदन में बताया कि सरकारी वोल्वो बसों के एयरपोर्ट तक नहीं जाने की वजह से निजी ट्रांसपोर्ट कंपनियों की बसें विदेशों से आने-जाने वाले एनआईआरज से  अधिक किराया वसूलती हैं। इस मामले को लेकर ट्रांसपोर्ट मंत्री आम आदमी पार्टी के विधायकों को साथ लेकर दिल्ली जाएं। इस बात पर सदन में मौजूद आप विधायकों ने भी सहमति जताई।

इस पर ट्रांसपोर्ट मंत्री रजिया सुल्ताना ने कहा कि दिल्ली की अदालत ने पंजाब की वोल्वो बसों को आईएसबीटी तक अनुमति दी है। वे इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार से कई बार बातचीत का समय मांग चुकी हैं, ताकि मामले को हल किया जा सके, लेकिन केजरीवाल सरकार की ओर से मिलने का समय ही नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर आप विधायक इस मामले में सहयोग करने को तैयार है तो वह उनकी शुक्रगुजार है।

दिल्ली एयरपोर्ट तक पंजाब की वोल्वो बसों को ले जाने के लिए पंजाब का ट्रांसपोर्ट विभाग वैकल्पिक रूट तलाश करेगा, ताकि पंजाब की सरकारी बसों को एयरपोर्ट तक ले जाया जा सके। इसके अलावा एक रिव्यू पिटीशन भी दायर की जाएगी। आप विधायक अमन अरोड़ा ने सदन को विश्वास दिलाया कि आम आदमी पार्टी से सभी सदस्य ट्रांसपोर्ट मंत्री के साथ चलने को तैयार हैं। बैंस ने कहा कि पंजाब की सरकारी बसों को सवारियां उठाने के लिए केवल ढाई मिनट का समय दिया जाता है और निजी बसों को नौ मिनट का समय दिया जाता है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि देश के ट्रांसपोर्ट मंत्रियों की एक कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मंत्री के समक्ष इस मामले को उठाया था। उस समय दिल्ली के मंत्री ने मामले को हल करने के लिए आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बाद कुछ किया नहीं हुआ। उन्होंने दिल्ली के सीएम केजरीवाल को इस मामले को लेकर एक पत्र भी लिखा था। लेकिन इसका भी कोई जवाब नहीं आया।

काम रोको प्रस्ताव अस्वीकार होने पर सदन से किया वाकआउट

आम आदमी पार्टी के विधायकों ने मंगलवार सुबह को पंजाब विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। विपक्ष के हरपाल सिंह चीमा ने कैप्टन सरकार को अनुसूचित जाति विरोधी करार देते हुए कहा कि कांग्रेस ने दलित वर्ग के साथ जितने भी वायदे किए थे उनमें से एक भी वायदा पूरा नहीं किया।

इसके बाद सदन में आप की सदस्य सरबजीत कौर माणूंके द्वारा अनुसूचित जाति के मुद्दे पर लाए गए ‘काम रोको प्रस्ताव’ को स्पीकर द्वारा स्वीकृति नहीं दिए जाने पर रोष जताते हुए आप विधायकों ने पहले स्पीकर के समक्ष जाकर सदन में नारेबाजी की और हरपाल चीमा के नेतृत्व में वाकआउट कर गए।

आप विधायकों प्रिंसिपल बुद्ध राम और मास्टर बलदेव सिंह ने अनुसूचित जाति को 5-5 मरले के प्लॉट देने, 200 यूनिट बिजली की सुविधा को शर्तों रहित करने, संविधान की 85वीं संशोधन लागू करने, प्राइवेट कंपनियों में आरक्षण लागू करने, दलित परिवारों के सभी कर्ज माफ करने, मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने, प्राइवेट स्कूलों में आरटीआई कानून के अंतर्गत 25 प्रतिशत अनुसूचित जाति के परिवारों के बच्चों का दाखिला यकीनी बनाने, अंडर मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक बकाया, वजीफे जारी करने जैसे काफी मुद्दे पहले तो विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते हुए उठाए और बाद में सदन में बजट प्रस्ताव पर बहस के दौरान भी यह मुद्दे उठाए गए।

प्रवासी पक्षियों के सवाल पर वन मंत्री और अकाली दल के विधायकों में ठन गई

पंजाब विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान प्रवासी पक्षियों के सवाल पर वन मंत्री और अकाली दल के विधायकों में ठन गई। बहस इस स्तर तक पहुंची कि दोनों की सदस्यों ने इस्तीफा देने की चुनौती दे डाली। अकाली विधायक बिक्त्रस्म सिंह मजी?ठिय ने वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत से कहा कि उन्होंने सदन में जो आंकड़े पेश किए हैं, वह गलत हैं और अगर उनके आरोप को कोई गलत साबित कर दे वे (मजीठिया) इस्तीफा दे देंगे और अगर आरोप सही साबित हुआ तो मंत्री इस्तीफा दे दें।

मजीठिया ने सरकार से जानना चाहा था कि पंजाब के हरिके पत्तन में प्रवासी पक्षियों की हर साल आमद में कमी आ रही है। अगर ऐसा है तो इस कमी के कारणों को जानने के लिए सरकार ने क्या कार्यवाही की है? इसके जवाब में वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने सदन में बताया कि यह बात सही नहीं है कि हरिके पत्तन में प्रवासी पक्षियों की हर साल आमद में कमी आ रही है। उन्होंने बताया कि हर साल आने वाले प्रवासी पक्षियों की गिनती विशेषज्ञ संस्थाओं के प्रतिनिधियों के जरिए करवाई जाती है ताकि इनकी आमद में हो रहे बदलाव पर नजर रखी जा सके।

वन मंत्री ने यह भी बताया कि बीते सात साल के आंकड़ों के अनुसार, हरिके पत्तन में पक्षियों की औसत गिनती 90561 है। इस साल भी 91000 के करीब प्रवासी पक्षी गिने गए हैं। जहां तक पक्षियों की प्रजातियों का संबंध है, इस साल 94 प्रजातियों के पक्षी पाए गए हैं जो पिछले सात सालों में सबसे ज्यादा हैं। इस पर विधायक मजीठिया ने पूरक प्रश्न पूछा कि क्या मंत्री स्वयं कभी हरिके पत्तन गए हैं और उन्होंने कहा कि पक्षियों की आमद को लेकर मंत्री गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं जबकि सर्वे के अनुसार पक्षियों की आमद में लगातार कमी आ रही है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि हरिके पत्तन के आसपास बड़े पैमाने पर कब्जे हो रहे हैं, जिस कारण वहां पक्षियों की आमद कम हो गई है।

मजीठिया ने सवाल? किया कि क्या सरकार हरिके पत्तन के आसपास कब्जे हटवाएगी? इस पर वन मंत्री ने स्पष्ट जवाब न देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद अकालियों द्वारा किए गए अवैध कब्जे से हजारों एकड़ जमीन छुड़ाई गई है। तब मजीठिया ने कहा क?ि अगर मंत्री हरिके पत्तन से एक इंच भी कब्जा छुड़ाना साबित कर दें तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे, अन्यथा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दे दें। तब स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए अगले प्रश्न के लिए सदस्य का नाम पुकारा और यह मामला यह समाप्त हो गया।

मुलाजिमों का बकाया डीए एकमुश्त नहीं देगी

पंजाब सरकार अपने मुलाजिमों का बकाया डीए एकमुश्त नहीं देगी। विधानसभा में मंगलवार को बजट प्रस्ताव पर बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने साफ कर दिया कि बकाया डीए विभिन्न त्यौहारों के दौरान धीरे-धीरे जारी किया जाता रहेगा। वर्ष 2020-21 के बजट को बेहतरीन और राज्य के लिए विकासोन्मुखी करार देते हुए वित्त मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सदन में बहस के दौरान विभिन्न सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों और मांगों के लिए नए वित्त वर्ष में फंड देने का ऐलान भी किया। वैसे, इस मामले में वित्त मंत्री ने अपनी पार्टी के सदस्यों द्वारा उठाई गई ज्यादातर मांगों को स्वीकार कर लिया।

सदन में बजट प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा सरकारी मुलाजिमों के बकाया डीए का मुद्दा उठाते हुए आपत्ति जताई गई कि बजट में कर्मचारियों का बकाया डीए देने के लिए कोई उपबंध नहीं किया गया। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि कर्मचारियों के डीए का भारी भरकम बकाया उन्हें पिछली सरकार से विरासत में मिला है। उन्होंने कहा कि इस साल छठे वेतन आयोग को लागू करने के लिए उन्होंने बजट में 4000 करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट उम्र घटाए जाने के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए 3500 करोड़ रुपये और कर्मचारियों को 6 फीसदी डीए देने के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि %%होली, दिवाली भी आएंगे। हम त्यौहारों को सूखा तो नहीं जाने दे सकते। कर्मचारियों को उनका डीए धीरे-धीरे त्यौहारों पर दिया जाता रहेगा।ऽ बजट प्रस्ताव पर बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सदन में कई सदस्यों ने बजट की आलोचना की और कई सदस्यों ने प्रशंसा की है। बहस के दौरान जिन सदस्यों ने अपने-अपने इलाकों की जरूरतों का उल्लेख किया है, उन्होंने वह सभी लिखकर रख ली हैं। इनमें से जितनी वे इस साल पूरी कर सकते हैं, उनके लिए फंड अवश्य दिया जाएगा लेकिन जो मांगें रह जाएंगी, उनके लिए अगले बजट में अवश्य फंड की व्यवस्था की जाएगी।

वित्त मंत्री ने यह नए ऐलान किए
वित्त मंत्री ने अपने बजट प्रस्ताव के अलावा मंगलवार को बहस के दौरान उठाई गई मांगों में से- जैतो में आरओ लगाने, श्री आनंदपुर साहिब में नया बाईपास बनाने और श्री आनंदपुर साहिब डेवलपमेंट अथारिटी के लिए 20 करोड़ रुपये देने, बनूड़-राजपुरा के दो स्कलों के लिए 50-50 लाख रुपये, गुरदासपुर के बाला अफगाना कालेज को स्पोर्टस कालेज बनाने, पंजाबी भाषा के विस्तार के लिए 5 करोड़ रुपये, पंजाबी यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी के लिए 5 करोड़ रुपये, बटाला के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये और होशियारपुर में पार्कों के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया।

पंजाब के गोदामों से 12 लाख टन चावल यूपी शिफ्ट होगा

पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु द्वारा राज्य के अनाज से खचाखच भरे गोदामों को खाली करवाने के प्रयासों को उस समय सफलता मिली जब केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने मंगलवार को सूबे से 12 लाख टन चावल उत्तर प्रदेश स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए। इस फ़ैसले की जानकारी देते हुए आशु ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर नयी दिल्ली में राम विलास पासवान से मुलाकात की थी और पंजाब के गोदामों से गेहूँ और धान की ढुलाई की सुस्त रफ्तार में तेज़ी लाने का अनुरोध किया था।

आशु ने बताया कि मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री के ध्यान में लाया गया कि पंजाब के गोदामों में मौजूदा समय में 200 लाख टन अनाज है, जिसमें 109 लाख टन चावल और 91 लाख टन गेहूँ है। इसकी ढुलाई की रफ्तार बहुत धीमी है। उन्होंने बताया कि स्थिति यह बन गई है कि रबी की आगामी फ़सल के भंडारण की समस्या के अलावा धान के भंडारण की भी बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री के ध्यान में लाया कि पंजाब के कृषि विभाग की तरफ से की गई भविष्यवाणी के अनुसार पंजाब में 135 लाख टन गेहूँ की खरीद होने की संभावना है, जिस कारण भंडारण की समस्या और विकराल रूप धारण करेगी। आशू ने कहा कि सीमित साधनों के कारण पंजाब सरकार अपने स्तर पर भंडारण क्षमता बढ़ाने में असमर्थ है। उन्होंने पासवान से अपील की कि इसके लिए केंद्र सरकार बाकायदा देश व्यापक ठोस रणनीति तैयार करे ताकि पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में पैदा होने वाला अनाज खऱाब न हो।

पंजाब तीन साल संभालता है अनाज
आशू ने बताया कि जहाँ पंजाब जैसे राज्य को ख़ुद अनाज पैदा करके तीन-तीन साल संभालना पड़ता है, वहीं अन्य राज्यों में केवल तीन महीने से ज़्यादा अनाज भंडार नहीं किया जाता। अगर केंद्र सरकार पहल करे तो पंजाब के अनाज को अन्य राज्यों में भंडार किया जा सकता है। आशु ने कहा कि अनाज की ढुलाई के लिए विशेष मंजूरी रोज़ाना की 10-12 मालगाड़ियों की ही मिलती है, जो बढ़ाकर कम-से-कम 20 की जानी चाहिए।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री के ध्यान में लाया कि बीते साल खऱीदे धान का चावल जो केंद्रीय पूल में पंजाब राज्य द्वारा भेजा जाना था, जगह की कमी के कारण डिलीवर नहीं किया जा सका। उन्होंने बताया कि पंजाब  केंद्रीय पूल में फरवरी 2020 तक चावल देने का लक्ष्य 66 प्रतिशत निश्चित किया गया था, जिसमें से सिर्फ 52 प्रतिशत ही हासिल किया जा सका है। इसके अलावा मौजूदा समय में पंजाब में बीते वर्ष खऱीदी गई 30 लाख टन गेहूं खुले में पड़ी है। इस मौके पर आशु ने पंजाब सरकार के गेहूं के रखरखाव के बदले केंद्र सरकार की तरफ बकाया 750 करोड़ रुपए की राशि भी जल्द जारी करने की विनती की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed