बच्ची से दुष्कर्म का मामलाः अभिभावकों का फूटा गुस्सा, हाईवे किया जाम, पीड़िता के घर में ताला
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अमृतसर में स्थित एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली एक आठ वर्षीय छात्रा के साथ इसी स्कूल के एक दसवीं के स्टूडेंट द्वारा किये गए दुष्कर्म से गुस्साए सैकड़ों अभिभावक सड़क पर उतर आए। स्कूल परिसर में बैठकर धरना व रोष प्रदर्शन करने वाले अभिभावकों ने अमृतसर-ब्यास राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों तरफ जाम लगा दिया।
पुलिस ने हाईवे पर खड़ी गाड़ियों के रूट बदलाकर उन्हें अमृतसर व जालंधर की तरफ अलग-अलग रास्तों से भेजा। स्कूल परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बाबा बकाला के डीएसपी हरकिशन ने अभिभावकों के साथ बातचीत करने का कई बार प्रयास किया।
गुस्साए अभिभावक दुष्कर्म के आरोपी स्टूडेंट्स के परिजनों को पेश करने की मांग करते रहे। जिला प्रशासन ने अभिभावकों का गुस्सा शांत करने के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी की घोषणा की। इस कमेटी में एसडीएम बाबा बकाला सुमित मुद के साथ जिला शिक्षा अधिकारी व बाल कल्याण विभाग के अधिकारी को शामिल किया गया।
कमेटी दस के दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट डीसी अमृतसर को सौंप देगी। अभिभावकों ने डिप्टी कमिश्नर शिवदुलार सिंह ढिल्लों द्वारा गठित कमेटी को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। अभिभावकों ने मामले की जांच के लिए डीआईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की अगुवाई में कमेटी के गठन की मांग की। जिला प्रशासन ने अभिभावकों की इस मांग को ठुकरा दिया।
बेटी के साथ हुए दुष्कर्म के बाद उसके घर में ताला लटका हुआ है। परिवार कहां गया इसकी कोई जानकारी न तो पुलिस को है न ही आस पड़ोस को। पीड़िता घर में न होने कारण उसका मेडिकल नहीं हो सका। दुष्कर्म के बाद पीड़िता का परिवार मानसिक दबाव में है।
पुलिस ने मां के बयान पर आरोपी लड़के के खिलाफ पॉक्सो एक्ट व धारा 376 के तहत मामला दर्ज करते हुए उसे जुवेनाइल होम होशियारपुर भेज दिया था। पंथक नेता सिरसा ने आरोप लगाए की लड़की के परिवार को जबरन घर से भेज दिया गया है। इस आरोप पर वहां खड़े प्रशासनिक अधिकारी चुप रहे।
स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम छुट्टी के बाद कर दिया जाता है बंद
स्कुल परिसर में हुई बैठक में पहुंचे अभिभावकों द्वारा पूछे प्रश्नों में घिर गए। अभिभावकों ने फादर से पूछा कि स्कूल में लगाए सीसीटीवी कैमरे में इस घटना की जानकारी क्यों नहीं मिली। एक अभिभावक ने पूछा कि स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम कहां है।
इस पर फादर ने कहा कैमरों का कंट्रोल रूम प्रिंसिपल दफ्तर में है। जब उनका दफ्तर खुलता है, तब सीसीटीवी कैमरे ऑन कर दिए जाते हैं। इस पर अभिभावक ने फादर से पूछा तो इन कैमरों का क्या लाभ। जब आरोपी दूसरी कक्षा में दुष्कर्म कर रहा था तब इस घटना की जानकारी इसलिए नहीं मिल सकी कि उस समय सीसीटीवी कैमरे बंद थे।
सीसीटीवी कैमरे स्कूल बंद होने के साथ बंद कर दिए जाते हैं। फादर ने कहा कि आरोपी बारिश के कारण स्कूल साढ़े सात बजे ही पहुंच गया था। वह बाइक से स्कूल आता था। अपनी बाइक को बाहर खड़ी कर देता था। दूसरी कक्षा दूसरी मंजिल में है, आरोपी वहां कैसे पहुंच गया, इस पर फादर ने सफाई देते हुए कहा स्कूल के सेवादार ने दूसरी मंजिल का शटर खोल दिया था, जिससे आरोपी दूसरी मंजिल पर पहुंच गया। आरोपी दुष्कर्म करेगा ऐसा सोचा नहीं था। स्कूल में 2990 बच्चे पढ़ते हैं।
पहले भी हो चुकी है घटना
पंथक नेता बलदेव सिंह सिरसा ने फादर से पूछा की कुछ वर्ष पहले इसी स्कूल में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था। आरोपी पर कोई भी पर्चा दर्ज नहीं हुआ। बाद में पीड़िता ने स्कूल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। सिरसा ने पुलिस से मांग की फादर व प्रिंसिपल पर मामला दर्ज किया जाए।
जांच के बाद स्कूल प्रबंधन पर होगी कार्रवाई: एसएसपी
एसएसपी बिक्रमजीत सिंह दुग्गल ने बताया कि अभी मामले में स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध कोई भी मामला दर्ज नहीं किया जा रहा है। तीन सदस्यीय कमेटी की जांच के बाद जो भी आरोपी पाया गया उसे विरुद्ध मामला दर्ज किया जाएगा। घटना 13 दिसंबर सुबह की है।
स्कूल के दसवीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र ने दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली आठ साल की बच्ची के साथ स्कूल परिसर में ही दुष्कर्म किया था। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़ित बच्ची के परिजनों के अनुसार उन्होंने बच्ची को सुबह करीब आठ बजे स्कूल छोड़ा था।
करीब दो घंटे बाद स्कूल से फोन पर उन्हें सूचना दी गई कि उनकी बच्ची रो रही है। जब वह स्कूल पहुंचे तो बच्ची ने बताया कि स्कूल के एक छात्र ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया है। वह बच्ची को घर ले आए। कुछ देर बाद बच्ची