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फीस का नोटिस निकलने पर छात्रों में गुस्सा, वीसी कार्यालय पर हंगामा

Sat, 01 Aug 2020 02:09 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2020 02:09 AM IST
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Anger among students on the notice of fee, uproar at VC office
पीयू वीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे एबीवीपी के कार्यकर्ता। - फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। पीयू में कई विभागों ने छात्रों को फीस के नोटिस थमाए तो छात्रों में आक्रोश पनप गया। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने वीसी कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान काफी देर तक हंगामा होता रहा। जब कोई अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं आया तो छात्रों का गुस्सा बढ़ गया और वे वीसी कार्यालय का पहला सुरक्षा घेरा जबरन तोड़कर अंदर चले गए। हालांकि दूसरे गेट पर उन्हें पुलिस बल ने रोक लिया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। आखिर में पीयू प्रशासन के अधिकारी उनकी बात सुनने आए और उन्होंने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद जाकर मामला शांत हुआ।
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एबीवीपी अध्यक्ष हरीश गुर्जर, संयोजक जतिन सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता पीयू वीसी कार्यालय पर एकत्रित हुए। इस दौरान पहले कार्यकर्ताओं ने बैठक की। पदाधिकारियों ने कहा कि यूआईएएमएस विभाग ने छात्रों से फीस लेने के लिए नोटिस निकाला है। इस विभाग की फीस एक लाख से कम नहीं है। इस समय कोरोना चल रहा है। लोगों का कामकाज प्रभावित हो गया है। सबके सामने आर्थिक तंगी चल रही है, लेकिन पीयू प्रशासन को फीस वसूलने की पड़ी हुई है।
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भूगोल विभाग ने भी फीस के लिए नोटिस जारी कर दिया। इसी तरह बीएससी के छात्रों से भी फीस वसूलने को नोटिस निकाला गया है। इसकी खबर छात्रों को पहले दी ही नहीं गई। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले छात्रों से भी फीस लिए जाने की बात की जा रही है। पीयू के इस रवैये पर एबीवीपी ने कहा कि वह यह सब बर्दाश्त नहीं करेगी।
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संयोजक जतिन सिंह ने कहा कि गरीब छात्रों की फीस बिल्कुल माफ की जाए। साथ ही छात्रों को फीस भरने के जो नोटिस निकाले गए हैं, वे वापस लिए जाएं। यदि दोबारा नोटिस निकाले जाएं तो छात्रों से किस्तों में फीस ली जाए। यदि कोई छात्र फीस जमा करने में असमर्थ है तो उसका नाम न काटा जाए और न ही उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाए। उसकी समस्या को समझा जाए और उसे फीस जमा करने का समय दिया जाए। वहीं इसके लिए लेट फीस भी न ली जाए।
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