Ludhiana: सांसद रवनीत बिट्टू के आवास के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, पुतला भी फूंका
पंजाब के लुधियाना में मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सांसद रवनीत सिंह बिट्टू का पुतला फूंका और उनके आवास का घेराव किया। प्रदर्शन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि सांसद ने एक बार भी सरकार के सामने हमारी आवाज नहीं उठाई है। आज तक हमारी मांगों पर ध्यान भी नहीं दिया गया।
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अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू की कोठी का घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सांसद बिट्टू का पुतला भी फूंका और कोठी के बाहर जमकर नारेबाजी की। पुलिस और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू की कोठी पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें गेट के बाहर ही रोक दिया। इस प्रदर्शन की अगुवाई जिला प्रधान आंगनबाड़ी सुभाष रानी ने की। इसके बाद उन्होंने एक मांग पत्र सौंपा और कई तरह के सवाल पूछे।
आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब सीटू की तरफ से पंजाब की महासचिव और जिला प्रधान सुभाष रानी ने बताया कि आईसीडीएम स्कीम पिछले कई सालों से लगातार निचले स्तर पर काम कर रही हैं। इसके साथ-साथ मुलाजिम कई तरह के काम कर रही है। एकीकृत बाल विकास सेवा योजना, राष्ट्रीय सेहत मिशन और मिड डे मील प्रोग्राम के फ्रंट लाइन कार्यकर्ता समेत कई सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सबसे आगे होती है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कोविड-19 और लॉकडाउन के दौरान भी अपनी और परिवारों की जान खतरे में डाल कर पूरे मन से सेवा की। मगर केंद्र सरकार ने गलत बर्ताव किया। सरकार ने कोविड 19 के दौरान जान गंवाने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मुआवजा तक नहीं दिया। इसकी बजाय सरकार ने बजट में 30 फीसदी की कटौती कर दी।
महत्वपूर्ण स्कीम होने के बावजूद इतने सालों से काम कर रही संस्थाओं को किसी भी सरकार ने विभाग में तब्दील करने का प्रयास नहीं किया। पांच साल में सांसद कोई फंड नहीं ला सके। इसके अलावा भी कई मुद्दों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। सांसद ने एक बार भी उनका मुद्दा सरकार के समक्ष लोकसभा में नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों की तरफ ध्यान न दिया गया तो संघर्ष ओर भी तेज किया जाएगा।