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सामुदायिक सरोकारों की मिसाल: गांव खेड़ा में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी का कम्युनिटी सर्वे
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फतेहगढ़ साहिब। श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी समाज से जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में लगातार सार्थक पहल कर रही है। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट की एनएसएस यूनिट की ओर से गांव खेड़ा में एक व्यापक कम्युनिटी सर्वे आयोजित किया गया। इस सर्वे का उद्देश्य विश्वविद्यालय और ग्रामीण समुदाय के बीच संवाद को मजबूत करना तथा सामाजिक मुद्दों को समझकर समाधान की दिशा में प्रयास करना रहा।
यह सर्वे एनएसएस प्रोग्राम अफसर डाॅ. रुचि मल्होत्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें 50 एनएसएस स्वयंसेवी विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने संरचित प्रश्नावली के माध्यम से घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद किया। सर्वे के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और सरकारी कल्याण योजनाओं से जुड़ी अहम जानकारियां एकत्र की गईं।
एनएसएस प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डाॅ. हरनीत बिलिंग ने बताया कि सर्वे के दौरान विद्यार्थियों और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक व सहयोगपूर्ण माहौल बना। गांववासियों ने खुलकर अपनी समस्याएं, अनुभव और अपेक्षाएं साझा कीं। इससे विद्यार्थियों को समाज की जमीनी जरूरतों और वास्तविक परिस्थितियों को नजदीक से समझने का अवसर मिला। साथ ही विश्वविद्यालय और समुदाय के बीच आपसी विश्वास भी मजबूत हुआ।
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सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते हैं ऐसे कार्यक्रम
विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर प्रो. डा. परितपाल सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सामुदायिक गतिविधियां विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां प्रयोगात्मक शिक्षा का सशक्त माध्यम हैं और एनएसएस के आदर्श वाक्य नॉट मी, बट यू की भावना को साकार करती हैं। वाइस-चांसलर ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय आगे भी इस तरह के प्रयासों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।
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यह सर्वे एनएसएस प्रोग्राम अफसर डाॅ. रुचि मल्होत्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें 50 एनएसएस स्वयंसेवी विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने संरचित प्रश्नावली के माध्यम से घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद किया। सर्वे के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और सरकारी कल्याण योजनाओं से जुड़ी अहम जानकारियां एकत्र की गईं।
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एनएसएस प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डाॅ. हरनीत बिलिंग ने बताया कि सर्वे के दौरान विद्यार्थियों और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक व सहयोगपूर्ण माहौल बना। गांववासियों ने खुलकर अपनी समस्याएं, अनुभव और अपेक्षाएं साझा कीं। इससे विद्यार्थियों को समाज की जमीनी जरूरतों और वास्तविक परिस्थितियों को नजदीक से समझने का अवसर मिला। साथ ही विश्वविद्यालय और समुदाय के बीच आपसी विश्वास भी मजबूत हुआ।
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सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते हैं ऐसे कार्यक्रम
विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर प्रो. डा. परितपाल सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सामुदायिक गतिविधियां विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां प्रयोगात्मक शिक्षा का सशक्त माध्यम हैं और एनएसएस के आदर्श वाक्य नॉट मी, बट यू की भावना को साकार करती हैं। वाइस-चांसलर ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय आगे भी इस तरह के प्रयासों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।