अमृतसर ट्रेन हादसाः दशहरे का आयोजक सौरव मदान आया सामने, कार्यक्रम को लेकर किया खुलासा
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जौड़ा फाटक पर धोबीघाट के भीतर दशहरे का आयोजन करने वाला सौरव मदान परिवार समेत घर पहुंच गया है। उसने कहा कि चहादीवारी में दशहरा मनाने की परमिशन ले रखी थी, इसी कारण निगम ने पानी का टैंकर भी भेजा था। भीड़ हमारे परिवार पर हमला कर सकती थी, इसलिए हमारा परिवार तीन दिन के लिए कहीं चला गया था। मदान ने निगम कमिश्नर सोनाली गिरी के इस दावे को भी गलत करार दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि निगम से कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली गई थी।
मदान ने कहा कि वह निगम कमिश्नर के पीए से मिले थे। निगम की अनुमति के बाद ही पानी का टैंकर और फायर टेंडर भेजा गया। पुलिस से भी अनुमति ली गई थी। रेलवे से अनुमति की जरूरत नहीं थी, क्योंकि कार्यक्रम रेलवे की जमीन पर नहीं हो रहा था। मदान ने खुद को और नवजोत कौर सिद्धू को बेकसूर बताया।
उसने कहा, हादसे के लिए मैं और डॉ. नवजोत कौर सिद्धू किसी भी तरीके से कुसूरवार नहीं हैं। इसमें रेलवे और लोगों की खुद की गलती है। लोगों को खुद सोचना चाहिए कि कहां खड़ा होना है। स्टेज से कई बार अनाउंसमेंट कराई गई कि ट्रैक पर खड़े न हों। लोगों को अनाउंसमेंट के बाद ट्रैक से हटना चाहिए था। रेलवे ट्रैक की तरफ कोई एलसीडी स्क्रीन नहीं लगाई गई थी।
मदान ने कहा, ‘मैं भागा नहीं था, बल्कि डर गया था। भीड़ को उकसाकर मेरे घर पर हमला कराया गया। मदान ने कहा कि क्या मेरा यह कसूर है कि मैंने यह कार्यक्रम करवाया। क्या मैं गेटमैन हूं या ड्राइवर हूं। मदान ने साफ कहा कि वह घायलों के साथ है और उनसे मुलाकात भी करने घर भी जाएंगे। अभी उनको सम्मन नहीं आया है, जब मजिस्ट्रेट इन्क्वायरी में उनको बुलाया जाएगा, वह शामिल होकर पूरा सहयोग करेंगे।