पंजाबः अमृतसर पहुंची NIA की तीन सदस्यीय टीम, आतंकी हमले की करेगी जांच
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पंजाब के अमृतसर में स्थित निरंकारी भवन में रविवार सुबह हुए आतंकी हमले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मामले में सख्त कार्रवाई करने को कहा है। पंजाब डीजीपी ने भी कहा है कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। एनआईए की तीन सदस्यीय टीम आज अमृतसर में घटनास्थल पर पहुंच गई है और मामले की जांच में जुट गई है।
Punjab: Three member team of National Investigation Agency (NIA) to reach the blast site in Amritsar today. The blast that took place earlier in the day claimed three lives.— ANI (@ANI) November 18, 2018
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Punjab: Three member team of National Investigation Agency (NIA) reached the blast site in Amritsar. The blast that took place earlier in the day claimed three lives. pic.twitter.com/iBI0TLV84t
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 18, 2018
बाइक पर आए दो लोगों ने ग्रेनेड फेंके, रविवार सुबह हुआ हमला
हाई अलर्ट के बावजूद राजासांसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर स्थित गांव अदलीवाल स्थित निरंकारी भवन में रविवार सुबह आतंकी हमला हो गया। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 19 लोग घायल बताए जा रहे हैं। वारदात को गर्म चादर लपेटे दो लोगों ने सवा 11.15 बजे उस समय अंजाम दिया, जब 200 लोग सत्संग कर रहे थे। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई।
डीजीपी ने घटना को आतंकी हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि हमला एक समाज के लोगों पर हुआ है और यह देश विरोधी लोगों की साजिश है। घटना के बाद एरिया में नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी गई। शिक्षा मंत्री ओपी सोनी सूचना मिलते ही जालंधर में अपना सरकारी कार्यक्रम छोड़कर मौके पर पहुंचे। बाद में डीजीपी सुरेश अरोड़ा, डीजीपी दिनकरल गुप्ता, डीजीपी हरदीप सिंह ढिल्लों समेत तमाम पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
डीजीपी सुरेश अरोड़ा की तरफ से एनआईए की टीम को बुला लिया गया है। फिलहाल फोरेंसिक विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और सबूत जुटा रही है। घटना के बाद हरियाणा और दिल्ली में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। अमृतसर से बॉर्डर की तरफ जाने वाली सभी सड़कें सील कर दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह निरंकारी भवन में सत्संग चल रहा था। गेट पर दो सेवादार गगनदीप सिंह और अर्जुन तैनात थे। करीब 11.15 बजे प्लसर बाइक पर दो व्यक्ति आए। दोनों पंजाबी में बोल रहे थे और गर्म चादर लपेटे थे। आते ही दोनों ने पिस्तौल सेवादारों की कमर पर रखी। इसके बाद एक आतंकी अंदर हाल में करीब 100 मीटर चला गया और स्टेज की तरफ बढ़ा।
इसके बाद उसने ग्रेनेड फेंके। एक श्रद्धालु गुरभाग सिंह ने बताया कि सब लोग शांति से सत्संग सुन रहे थे। इस बीच ग्रेनेड उनके कान के पास से निकलकर गया। पहले तो उन्होंने सोचा कि किसी बच्चे ने स्टेज की तरफ कोई चीज फेंकी है। इससे पहले कि वह पीछे मुड़कर ठीक तरह से देख पाते, विस्फोट हो गया। इसके बाद चीख पुकार मच गई और लोग हॉल से भागने लगे। इसके बाद हमलावर फरार हो गए।
काफी शक्तिशाली था ग्रेनेड
डीजीपी हरदीप सिंह ढिल्लों के मुताबिक, एक ही ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था, जो काफी शक्तिशाली था। भवन के सामने बनी कोठी के मालिक करणदीप सिंह का कहना है कि वह परिवार के साथ टीवी देख रहे थे, उनको धमाकों की आवाज सुनाई दी। वह बाहर निकले तो देखा कि सामने भवन में चीखपुकार मची हुई थी। इसके बाद गांव वाले भवन में पहुंचे और एंबुलेंस व पुलिस को फोन किया।
राजस्थान बार्डर सील
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आखिर ये विस्फोटक यहां पहुंचा कैसे। घटना के बाद एहतियातन राजस्थान बॉर्डर सील कर दिया गया है। अमृतसर में पहले से ही आतंकी हमले को लेकर हाई अलर्ट जारी है। ऐसे में इस तरह की घटना ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। निरंकारी मिशन के सतगुरु प्रमुख बाबा हरदेव का 13 मई
2016 को कनाडा में सड़क हादसे में निधन हो गया था। 16 जुलाई 2018 को बाबा हरदेव की पुत्री सुदीक्षा ने मिशन की बागडोर संभाली थी। वे निरंकारी मिशन की छठी मुखिया हैं। निरंकारी डेरे पर ग्रेनेड हमला हुआ है। हमले से आतंकी जाकिर मूसा का कोई संबंध नहीं है। सत्संग में 200 से ज्यादा लोग थे, जिसमें से तीन की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए हैं। इसमें एक की हालत काफी गंभीर है। उसे आईवीवाई अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। - एसपीएस परमार, आईजी