अमृतसर ब्लास्टः आतंक फैलाने का नया हथियार हैंड ग्रेनेड, अस्थिरता फैलाने के पीछे मास्टरमाइंड ISI
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पंजाब में आतंकवाद फैलाने के लिए हैंड ग्रेनेड को नया हथियार बनाया गया है। लगातार तीसरी बार हैंड ग्रेनेड से हमला और इसके पीछे आईएसआई मास्टरमाइंड है। सूबे में लगातार हुई घटनाओं से इसकी पुष्टि हुई है। वहीं, दहशतगर्दी के इस नए मॉडल ने सुरक्षा एजेंसियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
जम्मू कश्मीर में दहशत फैलाने के लिए हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल काफी समय से होता रहा है। लेकिन पंजाब में यह पहला मौका है जब आतंकवादियों ने इसका प्रयोग किया है। कुछ समय पहले जालंधर के मकसूदां थाने में कुछ लोगों ने हैंड ग्रेनेड फेंक कर दहशत फैला दी थी। बाद में इसमें कश्मीर के कट्टरपंथियों का हाथ निकला था।
पंजाब पुलिस ने चार में से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जिन्होंने स्वीकार किया था कि दहशत फैलाने की नीयत से ही उन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंके थे। करीब दो हफ्ते पहले पटियाला से आतंकी शबनमदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया था। वह आईएसआई के मोड्यूल खालिस्तान गदर फोर्स का सदस्य था। उसके पास से भी पुलिस को हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे।
पंजाब में यह लगातार तीसरी घटना है
पूछताछ में सामने आया था कि उसका इरादा भी दिवाली पर ग्रेनेड से दहशत फैलाना था। उसके बाद अब अमृतसर में निरंकारी सत्संग भवन में जबरन दाखिल होकर दो आतंकियों ने हैंड ग्रेनेड फेंका। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 19 घायल हो गए। पंजाब में यह लगातार तीसरी घटना है, जिसमें हैंड ग्रेनेड ही दहशतगर्दी का हथियार बना है।
आतंक के इस नए चेहरे ने पंजाब की सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। क्योंकि हैंड ग्रेनेड से बहुत आसानी से हमला किया जा सकता है। पहले आतंकी आरडीएक्स का प्रयोग करते थे, जिसमें काफी दिक्कतें हैं। लेकिन हैंड ग्रेनेड को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बहुत आसान है। कश्मीर पैटर्न पर अगर आतंकी पंजाब में भी इसका प्रयोग करने लगे, तो उनसे निपटना बहुत मुश्किल होगा।
मकसूदां थाने पर हमले की तफ्तीश में सुरक्षा एजेंसियों को पता चला था कि कश्मीर से काफी ग्रेनेड पंजाब आ चुके हैं। यह भी उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
आईएसआई ही है मास्टरमाइंड
अमृतसर में हुए ग्रेनेड हमले से एक बार फिर साफ हो गया है कि पंजाब में अस्थिरता फैलाने के लिए होने वाली वारदातों के पीछे मास्टरमाइंड आईएसआई ही है। पटियाला में गिरफ्तार शबनमदीप सिंह से पूछताछ में पता चला था कि वह पाकिस्तान के एक इंटेलिजेंस अफसर के संपर्क में था। वह कट्टरपंथियों के संगठन सिख फॉर जस्टिस के दो लोगों के भी संपर्क में था। जिन्होंने उसे रेफरेंडम 20-20 का प्रचार करने को कहा था।
इस संगठन को भी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थन देती है। वहीं, मकसूदां थाने पर हमले में कश्मीर के कट्टरपंथियों का हाथ सामने आया। कश्मीर के कट्टरपंथियों को भी आईएसआई का ही समर्थन हासिल है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कहा कि अमृतसर के हमले में आईएसआई समर्थित खालिस्तानियों या कश्मीर के कट्टरपंथियों के शामिल होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब में हुई घटनाओं से साबित होता है कि सूबे को अस्थिर करने की पाक की नापाक हरकतें जारी हैं।