Amritpal Singh: अमृतपाल के डेरों-गुरुद्वारों में छिपने की आशंका, पुलिस ने बढ़ाई धर्मस्थलों की सुरक्षा
खुफिया एजेंसियों के अनुसार अमृतपाल अमृतसर, होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर या राज्य के अन्य जिलों में किसी धार्मिक स्थल में शरण ले सकता है। इसे देखते हुए अमृतसर समेत अन्य प्रमुख तख्तों और गुरुद्वारों के बाहर अतिरिक्त पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई है।
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पुलिस को 13 दिन से छका रहे खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की तलाश में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब में एक बार फिर बड़ा ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पाकिस्तान से सटे पठानकोट में हाई अलर्ट कर दिया गया है। उसके डेरे या गुरुद्वारे में छिपने की आशंका के चलते श्री हरमंदिर साहिब समेत सभी बड़े धर्मस्थलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है। वहीं, होशियारपुर में ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पुलिस ने आखिरी बार उसे होशियारपुर के मरनाइयां गांव में देखने का दावा किया था।
जिस गाड़ी में बुधवार को अमृतपाल दिखा था, वह उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बड़ेपुरा (अमरिया) स्थित गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी बाबा मोहन सिंह के नाम पर पंजीकृत है। ग्रंथी बाबा मोहन सिंह ने बताया कि गाड़ी को पिछले चार माह से पूरनपुर के मोहनापुर गुरुद्वारे के सेवादार जोगा सिंह इस्तेमाल कर रहे थे। चार दिन पहले ही जोगा सिंह पंजाब जाने की बात कहकर गए थे।
जोगा सिंह और उनका चालक गुरवंत सिंह पंजाब पुलिस की हिरासत में हैं। गुरुवार को पंजाब पुलिस ने मोहनापुर पहुंचकर करीब ढाई घंटे तक छानबीन की। पंजाब पुलिस मोहनापुर गांव पहुंची। यहां पुलिस ने जोगा सिंह की गाड़ी के चालक गुरवंत सिंह के पिता गुरमीत सिंह से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि चार पांच माह पहले ही वह पंजाब से यहां आए हैं। बेटा गुरवंत गुरुद्वारे में गाड़ी चलाता है। वह अभी पंजाब पुलिस के पास है। टीम ने गुरमीत सिंह की फोन पर गुरवंत से बातचीत भी कराई।
पुलिस, बीएसएफ, आईबी समेत विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की बैठक
पठानकोट के एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह खख ने गुरुवार को बीएसएफ, आईबी समेत सभी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें अमृतपाल, नशा तस्करी, सीमा सुरक्षा सहित तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई। पठानकोट की सीमा दो राज्यों हिमाचल एवं जम्मू कश्मीर से सटी है।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार अमृतपाल अमृतसर, होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर या राज्य के अन्य जिलों में किसी धार्मिक स्थल में शरण ले सकता है। इसे देखते हुए अमृतसर समेत अन्य प्रमुख तख्तों और गुरुद्वारों के बाहर अतिरिक्त पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई है। यह कदम बुधवार को अमृतपाल की ओर से सरबत खालसा बुलाए जाने की मांग के बाद उठाया गया है।
इंटर स्टेट नाके लगाकर हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रत्येक सब डिवीजन में डीएसपी स्तर के अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है कि कम से कम रात में दो बार नाकों की चेकिंग करें। नाकों के फोटो खींचकर पुलिस के ग्रुप में शेयर किए जाएं। पहले यह माना जा रहा था कि अमृतपाल नेपाल भाग गया है लेकिन उसके होशियारपुर में देखे जाने के बाद पुलिस ने सर्च ऑपरेशन को व्यापक कर दिया है।
सरबत खालसा बुलाना जत्थेदार का अधिकार क्षेत्र: एसजीपीसी
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के महासचिव भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने अमृतपाल की अपील पर कहा कि सरबत खालसा बुलाना या न बुलाना श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार का अधिकार क्षेत्र है, जो भी फैसला श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार करेंगे एसजीपीसी उसके के अनुसार चलेगी।
अमृतपाल के गनमैन पर जम्मू में केस दर्ज
अमृतपाल सिंह के गनमैन वरिंदर सिंह के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के सहारे आर्म्स लाइसेंस रिन्यू करवाने के मामले में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। 2014 में वरिंदर सिंह ने बंदूक का लाइसेंस लिया था। लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। वरिंदर सिंह को असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया था। वहीं, पुलिस ने एक रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब को भेजी है, जिस में कहा गया है कि कुल गिरफ्तार 360 युवाओं में से 348 को छोड़ दिया गया है।