NZC Meeting : गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- जल्द एंटी ड्रोन प्रणाली से लैस होंगी देश की सीमाएं
बैठक में लगभग 30 एजेंडे पेश हुए लेकिन ज्यादातर मुद्दों पर विवाद होने के कारण कोई समाधान नहीं निकल पाया। बैठक में मेजबान पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ शामिल हुए।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जल्द ही देश की सीमाओं पर एंटी-ड्रोन प्रणाली तैनात की जाएगी। उन्होंने कहा, मोदी सरकार को नारकोटिक्स और आतंकवाद पर नकेल कसने में कामयाबी मिली है। सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के प्रति सरकार कटिबद्ध है।
शाह ने मंगलवार को पंजाब के अमृतसर में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शाह ने कहा, उत्तरी क्षेत्रीय परिषद का देश के विकास और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि देश की 21 प्रतिशत भूमि और 13 प्रतिशत जनसंख्या के साथ 35 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न उत्पादन इसी क्षेत्र में होता है।
शाह ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और सेना में सबसे अधिक जवान उत्तरी क्षेत्रीय परिषद के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से शामिल होते हैं। उन्होंने परिषद के सभी सदस्य राज्यों से पानी के बंटवारे संबंधी आपसी विवादों को खुले मन और आपसी विमर्श से सुलझाने का अनुरोध किया।
बैठक में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के उपराज्यपालों, चंडीगढ़ के प्रशासक, सदस्य राज्यों के वरिष्ठ मंत्रियों, केंद्रीय गृह सचिव, सचिव, अंतर राज्य परिषद सचिवालय, सदस्य राज्यों के मुख्य सचिवों और उत्तरी क्षेत्र के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
सीएम सुक्खू ने की हिमाचल को विशेष राहत पैकेज देने की मांग
हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विशेष राहत पैकेज की मांग की। सुक्खू ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की परियोजनाओं में हिमाचल की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी के दृष्टिगत प्रदेश को बीबीएमबी निदेशक मंडल में पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा दिया जाए। केंद्रीय उपक्रमों की जल विद्युत परियोजनाओं में वर्तमान 12 प्रतिशत रॉयल्टी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाए। 100 मेगावाट की शानन विद्युत परियोजना लीज के बाद हिमाचल को सौंपी जाए। न्होंने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ सीमा विवादों के समाधान में शाह से हस्तक्षेप का आग्रह किया।
एसवाईएल और पीयू पर भ्रम पैदा कर रहा पंजाब : मनोहर
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पंजाब सतलुज यमुना लिंक यानी की एसवाईएल और पंजाब विवि पर भ्रम पैदा कर रहा है। रावी, सतलुज और ब्यास नदियों से बड़ी मात्रा में पानी पंजाब से पाकिस्तान में बहकर चला जाता है, लेकिन हरियाणा को पानी नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर के कॉलेजों के अलावा पंजाब के रोपड़ व मोहाली के कॉलेजों को भी पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्धता दी जानी चाहिए।
नहर बनाने के सवाल पर उखड़े मान कहा- हमारे पास अतिरिक्त पानी नहीं
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हमारे पास किसी भी राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। एसवाईएल नहर के निर्माण से राज्य की कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसका प्रभाव हरियाणा और राजस्थान पर भी पड़ेगा। सीएम ने कहा कि इसमें नहर बनाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। पंजाब विश्वविद्यालय के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 50 साल से सिर्फ पंजाब ही विवि की मदद कर रहा है। अब यह समझ नहीं आ रहा कि हरियाणा अपने कॉलेजों को पीयू से क्यों जोड़ना चाहता है।
चंडीगढ़ को सिर्फ पंजाब की राजधानी बनाने की मांग की और कहा कि चंडीगढ़ को पंजाब के गांवों को उजाड़कर बनाया गया है। शानन पावर प्रोजेक्ट पर हिमाचल की मांग का विरोध करते हुए इसके स्वरूप में बदलाव का विरोध किया। भारतीय खाद्य निगम के लिए अनाज खरीद के बदले पंजाब के खर्च की भरपाई जानबूझकर नहीं करने का आरोप लगाया। अर्धसैनिक बलों की तैनाती के खर्च का विरोध किया और राज्य को इससे मुक्त करने की मांग की।
स्कूल ड्रॉप आउट पर खास ध्यान दें
शाह ने सहकारिता, स्कूली बच्चों की ड्रॉप आउट दर और कुपोषण जैसे मुद्दों पर राज्यों से खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा, देश में एक भी बच्चा कुपोषित नहीं रहना चाहिए। इसी प्रकार स्कूल ड्रॉप आउट दर को कम करने की जिम्मेदारी हम सबकी है।
हिमाचल को बाढ़ से निपटने के लिए हर संभव मदद...शाह ने हिमाचल प्रदेश में आई भीषण बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए केंद्र द्वारा राज्य सरकार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन देते हुए कहा कि पूरा देश इस संकट की घड़ी में हिमाचल प्रदेश के साथ है।
- बैठक में लगभग 30 एजेंडे पेश हुए, लेकिन ज्यादातर मुद्दों पर विवाद होने के कारण कोई समाधान तक नहीं पहुंच पाया।
देश इस संकट की घड़ी में हिमाचल के साथ
शाह ने हिमाचल प्रदेश में आई भीषण बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन देते हुए कहा कि पूरा देश इस संकट की घड़ी में हिमाचल प्रदेश के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिषद सौहार्द और सद्भावना के माहौल में कठिन और जटिल प्रकृति के मुद्दों को हल करने के लिए एक उपयोगी मंच के रूप में कार्य करती हैं। क्षेत्रीय परिषदों और इसकी स्थायी समितियों की बैठकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। यह 10 वर्षों के दौरान आयोजित बैठकों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक हैं।