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Hindi News ›   Chandigarh ›   Amisha Bansal received Kalpana Chawla Memorial Award at convocation ceremony of Punjab Engineering College

PEC Convocation: राष्ट्रपति के हाथों मिला अवॉर्ड, खुशी से दमके पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों के चेह

Mon, 10 Oct 2022 11:07 AM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 10 Oct 2022 11:07 AM IST
सार

संस्थान से वर्ष 2022 में पासआउट विद्यार्थियों को जितनी खुशी कैंपस प्लेसमेंट की थी, उससे ज्यादा खुशी संस्थान की ओर से मिले पुरस्कारों की थी।

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Amisha Bansal received Kalpana Chawla Memorial Award at convocation ceremony of Punjab Engineering College
राष्ट्रपति के हाथों अवॉर्ड लेने के बाद अमीषा बंसल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के दीक्षांत समारोह में कल्पना चावला मेमोरियल अवॉर्ड नाभा (पटियाला) की अमीषा बंसल को मिला। उन्हें यह अवार्ड पेक के 52वें दीक्षांत समारोह में रविवार को दिया गया। अमीषा ने बताया कि वर्ष 2018 में मैं परिवार के साथ केदारनाथ गई थी। हमें हेलीकॉप्टर से जाना था तो सभी को थोड़ा डर लग रहा था लेकिन पायलट को देखकर मेरे पापा ने मुझसे कहा कि इंजीनियर तो सब बनते हैं तुम कुछ अलग करो। बात मन में बैठ गई और कुछ अलग करने की ठान ली। कुछ समय पहले जब पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) से फोन आया और बताया गया कि राष्ट्रपति के हाथों मुझे कल्पना चावला मेमोरियल अवॉर्ड मिलने वाला है तो खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। ये सच है कि आप जो ठान लोगे, वो कर लोगे।  

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अमीषा के अलावा कई विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया गया। संस्थान से वर्ष 2022 में पासआउट विद्यार्थियों को जितनी खुशी कैंपस प्लेसमेंट की थी, उससे ज्यादा खुशी संस्थान की ओर से मिले पुरस्कारों की थी। राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार मिलने का अवसर जीवन में कभी कभार ही आता है। जीवन के इस अनमोल क्षण को यादगार बनाने के लिए बड़ी संख्या में छात्र पेक कैंपस में पहुंचे थे। अमीषा बंसल भी उन्हीं में से हैं। 
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अमीषा ने बताया कि उनका कैंपस सिलेक्शन हुआ था लेकिन वह एयरोनोटिकल इंजीनियर बनना चाहती थीं इसलिए आईआईटी मुंबई में दाखिले की कोशिश की और देशभर में 18वीं रैंक लाकर अब वहां से मास्टर्स इन प्रोपल्सन एरोस्पेस कर रहीं हैं। अमीषा ने बताया कि उनके पिता राजीव बंसल व्यवसायी हैं और मां मंजू बंसल गृहिणी हैं।
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घर में दस से ज्यादा इंजीनियर, सभी पेक से निकले :  नमन गर्ग
सेक्टर-7 निवासी नमन गर्ग को इलेट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान आने पर राष्ट्रपति से पुरस्कार दिया गया। उन्होंने बताया कि उनके घर में दस से ज्यादा लोग इंजीनियर हैं और सभी पेक से ही पढ़े हैं इसलिए पेक पीढ़ी दर पीढ़ी हमारे यहां इंजीनियर तैयार कर रहा है, जिसमें मेरा नाम भी जुड़ गया है। नमन ने बताया कि उनका कैंपस सिलेक्शन हुआ था और वह एमएनसी एक्जॉन मोबाइल कंपनी में एक्जक्यूशन इंजीनियरिंग के पद पर तैनात हैं। उनके पिता चोगिंदर गुप्ता बीएसएनएल में कार्यरत हैं और मां निशि सरकारी स्कूल में संस्कृत की शिक्षिका हैं।


आईआईटी छोड़कर पेक को चुना, अब गूगल में कर रही काम : जैस्मिन बसंल
पंचकूला निवासी जैस्मिन बंसल को अनमोल और प्रांशु गर्ग कंप्यूटर साइंस पुरस्कार से नवाजा गया। जैस्मिन ने बताया कि उन्हें आईआईटी में भी मौका मिल रहा था लेकिन कंप्यूटर साइंस पढ़ने का मन था इसलिए पेक को चुना। इस समय वह गूगल में कार्यरत हैं और बैंगलौर रहतीं हैं। उन्होंने कहा कि जब आप दूसरों को उत्साहित करते हैं तो आप खुद को भी उत्साहित महसूस करते हैं। पेक में यही संस्कार दिए गए हैं। राष्ट्रपति की बात बिल्कुल सही है जब वंचितों को शिक्षा का लाभ मिलेगा तभी हमारी शिक्षा की सार्थकता है। 

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