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दृष्टिहीन पति के लिए ये पत्नी बनी ‘श्रवण कुमार’, इस तरह बनाया था जीवनसाथी
रमेश शुक्ला ‘सफर’/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Sat, 25 Feb 2017 09:10 AM IST
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दृष्टिहीन युवक संग शादी करने वाली लड़की कल्पना
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शिवरात्रि के मौके पर आपको एक ऐसी महिला की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जो ‘श्रवण कुमार’ बनकर अपने दृष्टिहीन पति का साथ निभा रही है। नाम है कल्पना, जिन्होंने 2014 में दृष्टिहीन श्रवण कुमार को अपना हमसफर बनाया। बात 2013 की है।
शिवरात्रि के दिन कल्पना ने श्रवण कुमार को भजन गाते सुना। वह भजन पर इतना मोहित हुई कि उसने दृष्टिहीन श्रवण कुमार के साथ 2014 में शादी कर ली। उसके बाद से कल्पना और श्रवण कुमार शिवरात्रि का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं।
दोनों का एक बेटा है सुरजीत, जो 16 महीने का हो गया है। श्रवण कुमार (39 वर्ष) चंबा (हिमाचल प्रदेश) के गांव तल्ला के रहने वाले हैं। जन्म से दृष्टिहीन हैं। अमृतसर के अंध विद्यालय में म्यूजिक टीचर हैं। 2013 में घर में शिवरात्रि मनाई जा रही थी।
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श्रवण के भाभी के मायके से कुछ रिश्तेदार भी आए हुए थे। इन्हीं रिश्तेदारो में कल्पना भी शामिल थी। उसने श्रवण कुमार को भजन गाते हुए सुना तो मोहित हो गई। उसने ठान लिया कि वो श्रवण के साथ शादी करेगी।
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शिवरात्रि के दिन कल्पना ने श्रवण कुमार को भजन गाते सुना। वह भजन पर इतना मोहित हुई कि उसने दृष्टिहीन श्रवण कुमार के साथ 2014 में शादी कर ली। उसके बाद से कल्पना और श्रवण कुमार शिवरात्रि का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं।
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दोनों का एक बेटा है सुरजीत, जो 16 महीने का हो गया है। श्रवण कुमार (39 वर्ष) चंबा (हिमाचल प्रदेश) के गांव तल्ला के रहने वाले हैं। जन्म से दृष्टिहीन हैं। अमृतसर के अंध विद्यालय में म्यूजिक टीचर हैं। 2013 में घर में शिवरात्रि मनाई जा रही थी।
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श्रवण के भाभी के मायके से कुछ रिश्तेदार भी आए हुए थे। इन्हीं रिश्तेदारो में कल्पना भी शामिल थी। उसने श्रवण कुमार को भजन गाते हुए सुना तो मोहित हो गई। उसने ठान लिया कि वो श्रवण के साथ शादी करेगी।
दोनों परिवारों की मर्जी से की शादी
दृष्टिहीन युवक संग शादी करने वाली लड़की कल्पना
यह ठान लेने के बाद कल्पना ने माता पिता से बात की। पिता काशी राम व मां भाग्य देवी ने इतना कहा कि जहां भाग्य ले जाए। पिता काशी राम बोले भी शादी के लिए राजी हो गए। दोनों परिवार वालों की सहमति से 31 दिसंबर 2014 को कल्पना और श्रवण कुमार की शादी हो हुई।
पहली संतान के रूप में बेटे का जन्म 15 सितंबर 2015 का है। श्रवण भले ही उसे देख नही पाता पर पत्नी कल्पना से रोज पूछता है कि कैसा दिखने में लगता है उसका बेटा। घर में टीवी नहीं है। खाली समय में कल्पना श्रवण कुमार को धार्मिक पुस्तकें पढ़ कर सुनाती है।
श्रवण कुमार कहते हैं कि मैं ऐसी पत्नी पाकर धन्य हो गया। मैं शिवरात्रि का व्रत नही रखता पर अगर ऐसी पत्नी के लिए कोई भी जप, तप करना पड़े तो मैं तैयार हूं। मैं खुश हूं कि मेरी कल्पना से बढ़कर प्यार करने वाली मुझे पत्नी मिली।
पहली संतान के रूप में बेटे का जन्म 15 सितंबर 2015 का है। श्रवण भले ही उसे देख नही पाता पर पत्नी कल्पना से रोज पूछता है कि कैसा दिखने में लगता है उसका बेटा। घर में टीवी नहीं है। खाली समय में कल्पना श्रवण कुमार को धार्मिक पुस्तकें पढ़ कर सुनाती है।
श्रवण कुमार कहते हैं कि मैं ऐसी पत्नी पाकर धन्य हो गया। मैं शिवरात्रि का व्रत नही रखता पर अगर ऐसी पत्नी के लिए कोई भी जप, तप करना पड़े तो मैं तैयार हूं। मैं खुश हूं कि मेरी कल्पना से बढ़कर प्यार करने वाली मुझे पत्नी मिली।