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अमर उजाला इंपेक्ट: क्राइम पर लगाम लगाने में फेल, 3 पुलिस वालों पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 09 Jun 2017 02:04 PM IST
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पुलिस
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चंडीगढ़ में घर में चोरियां व नशे के कारोबार पर लगाम लगाने में फेल होने पर तीन पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। स्पेशल सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर सहित दो कांस्टेबलों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। यही नहीं आला अधिकारियों के आदेश पर इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। एसएसपी डा. ईश सिंघल ने बताया कि क्राइम ब्रांच में इंस्पेक्टर मलकीत सिंह तैनात थे। उन्हें शहर में नशा सप्लाई और घरों में चोरियों की वारदातें रोकने और सुलझाने वाली स्पेशल टीम का इंचार्ज बनाया गया था। लेकिन पिछले 6 महीने के कार्यकाल में उनका बेहद खराब प्रदर्शन साबित हुआ, जिसकी रिपोर्ट को संज्ञान में लेकर इंस्पेक्टर मलकीत, कांस्टेबल नवीन और शंभू को लाइन हाजिर किया गया है।
8 महीने पहले बनी थी सेल
यूटी पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर क्राइम ब्रांच में करीब 8 महीने पहले 3 इंस्पेक्टरों को तैनात किया गया था। इस दौरान उसको अलग-अलग विभाग का इंचार्ज भी बनाया गया। इसमें नशा व घरों में चोरियों को रोकने के लिए इंचार्ज इंस्पेक्टर मलकीत सिंह, स्नैचिंग को रोकने वाले सैल का इंचार्ज इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह और गाड़ियों की चोरी रोकने वाली सैल का इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह को बनाया था।
पहले भी हुए मलकीत लाइन हाजिर-
गौरतलब हो कि इंस्पेक्टर मलकीत सेक्टर-3 थाना प्रभारी के पद से लाइन हाजिर हुए थे। इस दौरान उनके खिलाफ आरोप था कि उन्होंने अपने सीनियर ऑफिसर के आदेश का पालन नहीं किया था। हाइकोर्ट में आग के मॉकड्रिल कॉल पर डीएसपी पहुंच गए लेकिन बार-बार कॉल करने के बावजूद इंस्पेक्टर मलकीत सिंह हाईकोर्ट परिसर में काफी देरी से पहुंचे तब तक पूरी टीम वहां से निकल चुकी थी। इस मामले में डीएसपी की शिकायत पर उन्हें लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद मलकीत को वापस आने पर क्राइम ब्रांच में जिम्मेवारी दी गई थी।
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कब लगेगी स्नैचिंग पर लगाम?
इसके साथ बनाए एंटी स्नैचिंग सैल ने अपनी शुरुआती कार्रवाई में कुछ स्नैचर्स को गिरफ्तार कर स्नैचिंग पर काबू पाया था। लेकिन, पिछले कुछ महीनों से शहर में बैखौफ स्नैचर दोबारा से सक्रिय होकर धड़ल्ले से वारदातें कर रहे हैं। आखिरकार इस स्नैचिंग की वारदातों पर कब लगाम लगेगी?
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8 महीने पहले बनी थी सेल
यूटी पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर क्राइम ब्रांच में करीब 8 महीने पहले 3 इंस्पेक्टरों को तैनात किया गया था। इस दौरान उसको अलग-अलग विभाग का इंचार्ज भी बनाया गया। इसमें नशा व घरों में चोरियों को रोकने के लिए इंचार्ज इंस्पेक्टर मलकीत सिंह, स्नैचिंग को रोकने वाले सैल का इंचार्ज इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह और गाड़ियों की चोरी रोकने वाली सैल का इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह को बनाया था।
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पहले भी हुए मलकीत लाइन हाजिर-
गौरतलब हो कि इंस्पेक्टर मलकीत सेक्टर-3 थाना प्रभारी के पद से लाइन हाजिर हुए थे। इस दौरान उनके खिलाफ आरोप था कि उन्होंने अपने सीनियर ऑफिसर के आदेश का पालन नहीं किया था। हाइकोर्ट में आग के मॉकड्रिल कॉल पर डीएसपी पहुंच गए लेकिन बार-बार कॉल करने के बावजूद इंस्पेक्टर मलकीत सिंह हाईकोर्ट परिसर में काफी देरी से पहुंचे तब तक पूरी टीम वहां से निकल चुकी थी। इस मामले में डीएसपी की शिकायत पर उन्हें लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद मलकीत को वापस आने पर क्राइम ब्रांच में जिम्मेवारी दी गई थी।
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कब लगेगी स्नैचिंग पर लगाम?
इसके साथ बनाए एंटी स्नैचिंग सैल ने अपनी शुरुआती कार्रवाई में कुछ स्नैचर्स को गिरफ्तार कर स्नैचिंग पर काबू पाया था। लेकिन, पिछले कुछ महीनों से शहर में बैखौफ स्नैचर दोबारा से सक्रिय होकर धड़ल्ले से वारदातें कर रहे हैं। आखिरकार इस स्नैचिंग की वारदातों पर कब लगाम लगेगी?