'बहुचर्चित सीडी कांड को दबा रही हुड्डा सरकार'
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10 साल में हरियाणा विकास में भले ही पिछड़ गया हो, लेकिन भ्रष्टाचार में नंबर-1 पर है। कैश फॉर सीएलयू कांड में लोकायुक्त के जांच के आदेश ने इसे प्रमाणित कर दिया है। लोकायुक्त का यह आदेश हुड्डा सरकार के लिए काला अध्याय है। हुड्डा सरकार मामले को दबा कर रखना चाहती थी।
बृहस्पतिवार को हरियाणा प्रदेश भाजपा के चुनाव अभियान प्रबंधक प्रो. गणेशीलाल ने कांग्रेस पर हमला बोला। कैश फॉर सीएलयू की सीडी मामले में लोकायुक्त द्वारा जांच के आदेश पर प्रेस बयान में कहा, कांग्रेस ने लोकायुक्त को अर्जी लिख चुनाव तक मामले में सुनवाई नहीं करने की अपील भी की थी।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के आरोपी नेता विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी भी हैं। आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफ आइआर दर्ज होनी चाहिए। प्रो. गणेशी लाल ने कहा कि हुड्डा की सरकार भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करेगी, इसे लेकर जनता के साथ भाजपा को संदेह है। दावा किया कि प्रदेश की जनता हुड्डा की कांग्रेस को 15 अक्टूबर को मतदान के दिन सबक जरूर सिखाएगी।
लोकायुक्त ने करार दिया भ्रष्टाचार का मामला
कैश फार सीएलयू, सीडी प्रकरण में लोकायुक्त के फैसले ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोकायुक्त जस्टिस प्रीतम पाल ने अपने फैसले में कहा है कि यह मामला भ्रष्टाचार का है। लिहाजा इस मामले में जांच की जरूरत है।
उन्होंने हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वी कामराज को जांच अधिकारी नियुक्त कर उन्हें तीन माह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
इन शिकायतों के संबंध में शिकायतकर्ताओं द्वारा लोकायुक्त के पास भेजा गया रिकार्ड भी मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक के माध्यम से जांच अधिकारी को भेजा जाएगा।
लोकायुक्त ने दोनों पक्षों से इस संबंध में आगामी जांच के लिए 22 अक्तूबर को जांच अधिकारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वी कामराज के समक्ष पेश होने को कहा है।
कांग्रेसियों की अर्जी हुई खारिज
लोकायुक्त ने कांग्रेसी नेताओं द्वारा दी गई उस अर्जी को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा था कि ये मामला सुनवाई लायक नहीं। इसके अलावा इस मामले की सुनवाई हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद करने की अर्जी को भी खारिज कर दिया।
लोकायुक्त ने जब यह फैसला सुनाया उस समय शिकायतकर्ताओं की ओर से उनके वकील नरेश सिंह सेखावत व जोरावर सिंह के अलावा कथित आरोपियों के अधिवक्ता भी मौजूद थे। इस फैसले के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे सीडी कांड के इन आरोपियों के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
कांग्रेस के प्रत्याशी हैं ये लोग
कांग्रेस पार्टी ने भ्रष्टाचार के आरोपों को झेल रहे इन कांग्रेसी नेताओं को इस बार फिर से विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया है। स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह को नारनौल से, विनोद भ्याना को हांसी से, रामनिवास घोड़ेला को बरवाला से, नरेश सेलवाल को उकलाना से और जनरैल सिंह को रतिया से कांग्रेस प्रत्याशी बनाया गया है।
अहम होगा 22 अक्तूबर का दिन
सूत्रों के मुताबिक लोकायुक्त ने बहुत विचार करने के बाद इस मामले की जांच वी कामराज करेंगे। कामराज स्वच्छ छवि और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। अब 22 अक्तूबर का दिन इस मामले में अहम होगा।
कोट:
इन कांग्रेसी नेताओं के नामांकन पत्र रद्द करने के लिए पार्टी चुनाव आयोग को पत्र लिखेगी। इस फैसले से यह साफ हो गया है कि इनेलो की शिकायत पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित थी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को तुरंत इन कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करनी चाहिए।
अभय सिंह चौटाला, विधायक ,ऐलनाबाद