कोरोना से जंग तेज : पंजाब के सभी प्राइमरी हेल्थ केंद्र कोविड-19 वैक्सीनेशन सेंटर घोषित, सातों दिन होगी वैक्सीनेशन
- पंजाब के सभी प्राइमरी हेल्थ केंद्र कोविड-19 वैक्सीनेशन सेंटर घोषित
- राज्य की मुख्य सचिव विनी महाजन ने समीक्षा बैठक के दौरान लिया फैसला
- राज्य के सभी अस्पतालों में हफ्ते के सातों दिन कोविड-19 वैक्सीनेशन का काम शुरू किया जाए
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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पंजाब सरकार ने राज्य के सभी प्राइमरी हेल्थ केंद्रों को कोविड-19 वैक्सीनेशन सेंटर घोषित कर दिया है। राज्य की मुख्य सचिव विनी महाजन ने समीक्षा बैठक के दौरान यह फैसला लिया। इसके साथ ही सेहत विभाग को निर्देश दिया गया है कि राज्य के सभी अस्पतालों में हफ्ते के सातों दिन कोविड-19 वैक्सीनेशन का काम शुरू किया जाए।
समीक्षा बैठक में सभी डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस प्रमुखों, म्युनिसिपल कमिश्नरों, सिविल सर्जनों व अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कोविड-19 के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए सभी जरूरी प्रबंध यकीनी बनाने और कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने मीटिंग के दौरान मेडिकल विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की और कोविड-19 फैलाव रोकने के लिए उनसे राय मांगी। बैठक में मुख्य सचिव विनी महाजन ने राज्य में कोविड-19 के मामलों में मौजूदा वृद्धि से निपटने के लिए उठाए गए आपातकालीन कदमों का जायजा लिया। कोविड की तीसरी लहर पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने अधिकारियों से इसके फैलाव को रोकने के लिए संपर्कों की टेस्टिंग बढ़ाने को भी कहा।
उन्होंने बताया कि राज्य ने पिछले साल सितंबर में कोविड का पहला शिखर देखा, तब एक दिन में 2896 मामले सामने आए। इसके बाद दूसरा शिखर नवंबर में देखा गया, जब एक दिन में 843 केस सामने आए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को हिदायत दी कि वह हफ्ते के सभी दिनों के लिए सभी चयनित अस्पतालों में कोविड-19 टीकाकरण करें और सभी सरकारी पीएचसी समेत अन्य सरकारी व निजी स्वास्थ्य सुविधाओं को टीकाकरण केंद्रों के तौर पर शामिल करें।
एल-3 केयर सुविधा से लैस किए जाएं निजी अस्पताल : महाजन
महाजन ने डिप्टी कमिश्नरों और सिविल सर्जनों से कहा कि वे अपने क्षेत्र के प्राइवेट अस्पतालों को कोविड बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने की सलाह दें और प्राइवेट अस्पताल, जो अभी तक एल-3 कोविड केयर के लिए वेरिफाई नहीं किए गए, को जल्द वेरिफाई करें ताकि उनको एल-3 केयर सुविधाओं में शामिल किया जा सके।
अब तक 8 जिलों में रात का कर्फ्यू लागू
महाजन ने बताया कि 8 जिलों में पहले ही रात का कर्फ्यू लगाया गया है और अन्य जिलों को भी स्थिति की समीक्षा करने और उसके अनुसार उचित फैसले लेने की सलाह दी गई है। मुख्य सचिव ने राज्य के लोगों से अपील की कि वह लापरवाही न बरतें और कोविड संबंधी सभी सावधानियों की पालना करते हुए महामारी से निपटने में सरकार की सहायता करें। उन्होंने बताया कि राज्य ने पहले ही सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए हैं।
पॉजिटिव लोगों के 20 संपर्कों की हो रही तलाश
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य हुसन लाल ने बताया कि फील्ड अधिकारी प्रति पॉजिटिव मामले के पीछे 20 व्यक्तियों के संपर्क का पता लगा रहे हैं और सभी संपर्कों की कोविड टेस्टिंग यकीनी बनाने की जरूरत है। कोविड सैंपलिंग को बढ़ाकर 30,000 प्रतिदिन से अधिक किया गया है। मामलों की मृत्यु दर 3.2 प्रतिशत रही है और इसे नीचे लाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। सीएफआर पिछले एक महीने के समय के दौरान 2.4 रही है।
चालान काटने की प्रक्रिया तेज की गई : डीजीपी
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पुलिस फोर्स कोविड प्रोटोकॉल की पालना यकीनी बनाने के लिए सख्त मेहनत कर रही है। पुलिस द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के चालान काटने की प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई है और यह सुझाव दिया गया है कि संक्रमण फैलने से रोकने के लिए होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज पैलेसों के स्टाफ की नियमित तौर पर जांच की जा सकती है। उन्होंने कोविड प्रोटोकॉल लागू करने में जिलों का समर्थन करने का भरोसा दिया।