पंजाब में बाढ़ का कहर, सभी आईएएस अधिकारी एक दिन के वेतन का देंगे योगदान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के कई जिलों में बाढ़ की तबाही से जनजीवन अभी भी अस्त-व्यस्त है। वहीं प्रशासन हर संभव मदद में जुटा है। इसी के तहत पंजाब कैडर के सभी आईएएस अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाएं हैं। सभी आईएएस अफसर पंजाब के मुख्यमंत्री राहत कोष में एक दिन के वेतन का योगदान देंगे।
All IAS officers of Punjab cadre will be contributing one-day salary to Punjab Chief Minister's Relief Fund to help the flood-affected people.
— ANI (@ANI) August 23, 2019विज्ञापन
इसे भी पढ़ें- हरसिमरत बोलीं-बाढ़ के लिए सीधे पंजाब की कांग्रेस सरकार जिम्मेदार, पहले नहीं उठाए कदम
वहीं पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की देखरेख के लिए चार मंत्रियों की नियुक्ति की गई है। इनमें चरणजीत सिंह चन्नी, सुंदर शाम अरोरा, गुरप्रीत सिंह और भारत भूषण आशु शामिल हैं। जो रोपड़, जालंधर, कपूरथला जिलों में बाढ़ राहत कार्यों की देखरेख करेंगे।
बाढ़ के बाद महामारी फैलने का खतराPunjab CM Captain Amarinder Singh deputes 4 ministers- Charanjit Singh Channi, Sunder Sham Arora, Gurpreet Singh & Bharat Bhushan Ashu to oversee flood relief works in Ropar, Jalandhar, Kapurthala districts. (File pic) pic.twitter.com/La9HGGDi2N
— ANI (@ANI) August 23, 2019
जालंधर के लोहियां व फिल्लौर हलके के जिन 90 गांवों में सतलुज का पानी कई फुट तक भर गया था, अब वहां पर महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। सेहत विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है और वहां पर स्थायी रूप से सात कैंप स्थापित कर दिए हैं और 14 मोबाइल टीम तैनात कर दी हैं।
बाढ़ का पानी निकलते ही तेजी से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ने लगा है। लोगों को हैजा, उल्टी, दस्ती के अलावा चमड़ी और आंखों का फ्लू रोग हो सकता है। सेहत विभाग की तरफ से अभी से दवा घर घर तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि अगले 72 घंटे में सेहत विभाग अपनी एक्सरसाइज शुरू कर दे। वहीं सिविल सर्जन गुरिंदर कौर चावला ने एक आपातकालीन बैठक शुक्रवार को बुलाई और तमाम चिकित्सकों के साथ अगली रणनीति तैयार की। स्टाफ की छुट्टियां भी रद्द कर दी गयी हैँ।