फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Akshay Kumar Statement on Relaion with Dera Sacha Sauda Chief Ram Rahim

राम रहीम के साथ संबंधों पर एक्टर अक्षय कुमार ने दी सफाई, बोले- मैं कभी बाबा से मिला ही नहीं

Mon, 27 Aug 2018 03:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 27 Aug 2018 03:42 PM IST
विज्ञापन
Akshay Kumar Statement on Relaion with Dera Sacha Sauda Chief Ram Rahim
अक्षय कुमार - फोटो : File Pic
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के साथ संबंधों को लेकर बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने सफाई देते हुए बड़ा बयान दिया है। रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट आने के बाद अक्षय कुमार ने यह सब कहा। राम रहीम की फिल्म मैसेंजर आफ गॉड को पंजाब में रिलीज कराने के लिए पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के साथ डेरा प्रमुख की डील कराने संबंधी आरोपों का खंडन करते हुए अभिनेता अक्षय कुमार ने दोनों से ही अपने संबंधों को सिरे से नकार दिया है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा हैकि वे आज कर कभी डेरा प्रमुख से नहीं मिले हालांकि सुखबीर बादल से उनकी दो बार मुलाकात सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान हुई है। अक्षय कुमार ने कहा कि वह न कभी वह डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से मिले हैं और न ही उन्हें जानते हैं। उन्हाेंने इस बात को भी सिरे से नकारा कि उन्होंने कभी शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल की डेरा प्रमुख से मुलाकात करवाई थी। अक्षय ने कहा कि जिस बेअदबी कांड में जस्टिस रणजीत सिंह आयोग उनका नाम जोड़ रहा है उसकी उन्हें जानकारी तक नहीं है।
विज्ञापन


दरअसल, श्री गुरुग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी मामले में आई जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट से खलबली मची हुई है। इस मामले में रिपोर्ट के आधिकारिक रूप से जारी होने से पहले ही इसको लेकर हो रही चर्चाओं से पंजाब का माहौल गर्माया गया है। मुख्य गवाह हिम्मत सिंह के पलटने के बाद अब आयोग की रिपोर्ट फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार के कारण चर्चाओं में आ गई है। बताया जाता है कि रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरमीत राम रहीम से सुखबीर बादल की मुलाकात अक्षय कुमार के घर पर हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेअदबी के मामलों को लेकर जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के लीक होने का जो दावा किया जाता रहा है, उसे लेकर खुद जस्टिस रणजीत सिंह और राज्य सरकार का कहना है कि लीक हुई रिपोर्ट असली नहीं है, वहीं अकाली दल बरगाड़ी गोलीकांड के मुख्य गवाह हिम्मत सिंह के मुकर जाने से आक्रामक हो गया है। शनिवार को अभिनेता अक्षय कुमार की इस मामले में शमूलियत की चर्चा ने मामले को नया मोड़ दे दिया। हालांकि अकाली दल की तरह ही अक्षय कुमार ने भी बेअदबी से जुड़े मामलों से अपने सरोकार का खंडन कर दिया है लेकिन इसके साथ यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इस मामले के असली गुनाहगार कौन है?

 

एसआईटी के प्रमुख खटड़ा ने दिया इंटरव्यू

Akshay Kumar Statement on Relaion with Dera Sacha Sauda Chief Ram Rahim
रणबीर सिंह खटड़ा
बता दें कि जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट को पंजाब विधानसभा में पेश किए जाने का एलान पहले ही किया जा चुका है, लेकिन बेअदबी मामलों की जांच को लेकर बनाई गई एसआईटी के प्रमुख डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा द्वारा एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू ने राज्य सरकार के लिए नई मुश्किल भी खड़ी कर दी है। खटड़ा ने कहा है कि बेअदबी मामलों की जांच में पिछली अकाली-भाजपा सरकार की ओर से उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था, बल्कि सरकार ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि बेअदबी के दोषियों को पकड़ें भले ही वह कोई भी हों।

खटड़ा ने यह भी साफ किया कि तत्कालीन सरकार ने उन्हें किसी से नरमी बरतने को नहीं कहा। उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन सरकार ने इस मामले में डेरा सिरसा के प्रमुख के प्रति नरमी बरतने को कभी नहीं कहा और पारदर्शी तरीके से दोषियों को पकड़ने के निर्देश दिए थे। इस तरह मुख्य गवाह के मुकरने, सिख जत्थेबंदियों और अकाली दल द्वारा आयोग की रिपोर्ट को नकारने के बाद कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विधानसभा में रिपोर्ट पेश करकेवह जहां विपक्षी अकाली दल को घेरना चाहती थी, अब बचाव की मुद्रा में है। सोमवार को सदन में पेश की जा रही रिपोर्ट अगर लीक रिपोर्ट से मेल खाती है तो कांग्रेस के लिए यह मुश्किल की घड़ी होगी।

बहबलकलां में मैंने हाथ जोड़कर अपील की थी: खटड़ा
खटड़ा ने अपने इंटरव्यू में एक ओर अहम खुलासा करते हुए कहा कि बार बार यह कहा जा रहा है कि बहबलकलां में शांतिपूर्ण तरीके से पाठ कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोली चलाई लेकिन यह सही नहीं है क्योंकि जब वहां पाठ की आखिरी तुकों की समाप्ति हो गई तो मैंने धरना दे रहे लोगों केपास जाकर पूरी नम्रता से हाथ जोड़कर कहा कि धरना गैरकानूनी घोषित किया गया है इसलिए वे लोग जगह खाली कर दें। खटड़ा ने कहा कि इस दौरान बहस बढ़ गई और अचानक माहौल ऐसा बन गया कि पुलिसकर्मियों और धरना दे रहे लोगों को चोटें आईं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने उन्हें पूरा सहयोग दिया।

लीक रिपोर्ट सही तो भी सवालों के घेरे में

Akshay Kumar Statement on Relaion with Dera Sacha Sauda Chief Ram Rahim
अमृतसर में श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी - फोटो : अमर उजाला
मीडिया में जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की जिस रिपोर्ट को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं, अगर उस रिपोर्ट को सही मान लिया जाए तो भी वह काफी कमजोर है। मुख्य गवाह हिम्मत सिंह जिसकी गवाही के आधार पर जांच आगे बढ़ी और रिपोर्ट तैयार हुई है, ने गवाही के पल्ला झाड़ते हुए यहां तक कह दिया है कि उसके समेत जस्टिस रणजीत सिंह और पंजाब के जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का नार्को टेस्ट करा लिया जाए। दरअसल, आयोग की रिपोर्ट से अगर इस गवाह को अलग भी कर दिया जाए तो रिपोर्ट में ज्यादातर स्थानों पर सबूतों का आभाव दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट में कई जगह लिखा गया है कि ’ऐसा सुनने में आया है‘। यानी आयोग ने कई सिफारिशें सुनी सुनाई बातों के आधार पर भी कर दी हैं।

सिख जत्थेबंदियों के निशाने पर आयोग की रिपोर्ट
जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पर छिड़ी सियासी जंग से इतर सिख जत्थेबंदियों में भी यह रिपोर्ट चर्चा का मुद्दा बनी हुई है। श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी गुरमुख सिंह के छोठे भाई हिम्मत सिंह जोकि आयोग को दिए अपने बयान से मुकर गए हैं, ने अब कहा है कि आयोग की रिपोर्ट सदन में पेश किए जाने से पहले उनका बयान उसमें से निकाला जाए। एसजीपीसी ने तो शनिवार को अमृतसर में एक बैठक में प्रस्ताव पारित कर जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट को सिरे से रद कर दिया है। वहीं, सिख स्टूडेंट फेडरेशन ग्रेवाल ने आरोप लगाया है कि गलत रिपोर्टों को ढाल बनाकर सरकार सिखों के बीच फूट डालना चाहती है। उधर, पंजाब विधानसभा के स्पीकर ने रिपोर्ट लीक होने को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा है कि रिपोर्ट सदन में ही आनी चाहिए थी।

पंजाब कांग्रेस प्रधान ने कहा- रिपोर्ट में जिसका भी नाम होगा, उसे नहीं बख्शेंगे

Akshay Kumar Statement on Relaion with Dera Sacha Sauda Chief Ram Rahim
Sunil Jakhar - फोटो : File Photo
जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पर पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़, जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी ने अकाली दल पर हमला बोलते हुए कहा कि रिपोर्ट पर बहस से उनको भागना नहीं चाहिए। जाखड़ ने कहा कि अकालियों को उनके गुनाहों की सजा मिलने का वक्त आ गया है। सूबे के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को जनता के बीच बताना होगा कि डेरा सिरसा के साथ उनकी क्या डील हुई थी। फिल्म में अकाली दल का क्या रोल था। बहिबलकलां में गोलीबारी के आदेश देने वाले जनरल डायर के चेहरे से नकाब जल्द हटने जा रहा है।

जाखड़ ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील की कि जिन लोगों के नाम जस्टिस रंजीत सिंह की रिपोर्ट में आएंगे, उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए, क्योंकि पंजाब की जनता बरगाड़ी व बहिबल कलां कांड से काफी गुस्से में है। जाखड़ मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ जालंधर में पत्रकारों से खास बातचीत कर रहे थे। उनका जालंधर पहुंचने पर स्वागत विधायक बावा हेनरी, विधायक सुशील रिंकू, राजिंदर बेरी, मेयर जगदीश राज राजा, पीपीसीसी महासचिव मनोज अरोड़ा ने किया।

जाखड़ ने रंधावा का बचाव करते हुए कहा कि अकाली दल बौखलाहट का शिकार हो चुका है। कभी जस्टिस रंजीत सिंह तो कभी रंधावा के खिलाफ इसलिए आवाज उठाई जा रही है, ताकि किसी तरह से बहिबल कलां के जनरल डायर का चेहरा जनता के सामने न आए।

डेरामुखी को माफी दिलाने में किसकी भूमिका रही
जाखड़ ने कहा कि यह भी सामने आना चाहिए कि किस तरह से डेरा सच्चा सौदा के संत को श्री अकाल तख्त साहब से माफी दिलाई गई और उसमें किन जत्थेदारों की भूमिका थी। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के अलावा कॉल रिकार्ड चेक होनी चाहिए। जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में जो भी दोषी हुआ, उसको बख्शा नहीं जाएगा चाहे कोई भी हो। सच सामने आना चाहिए। बहिबलकलां में किसने फायरिंग की और क्यों की?  किसकी डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम से मीटिंग हुई और दिल्ली में कहां पर हुई? फिल्म में किसका पैसा लगा और डेरे से क्या डील हुई थी?

विधानसभा में रिपोर्ट पर सभी को बोलने का मौका मिले
पंजाब कांग्रेस प्रधान ने कहा कि जस्टिस रंजीत सिंह की रिपोर्ट विधानसभा में पेश होनी है। उस पर हरेक को पूरा मौका मिलना चाहिए, हरेक को बोलने का अधिकार है और इसके लिए समय काफी है। अगर बहस लंबी चलती है तो उसके लिए स्पीकर साहब को समय बढ़ाना चाहिए, लेकिन इसमें किसी सूरत में अकाली दल को भागना नहीं चाहिए। जाखड़ ने कहा कि एसजीपीसी व श्री अकाल तख्त साहिब का उपयोग अकाली दल द्वारा करना निंदनीय है और अब उनको धर्म व संस्थानों का दुुरुपयोग बंद करना चाहिए। अकाली दल का पंजाब में सफाया हो चुका है और जनता उनको दुत्कार चुकी है। यही वजह है कि अकाली दल अब हरियाणा, राजस्थान का रुख कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed