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अकांक्ष मर्डर केस: हरमेहताब की जमानत याचिका पर पुलिस को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 17 Oct 2017 09:09 AM IST
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- फोटो : File Photo
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हिमाचल के सीएम वीरभद्र की पत्नी के भतीजे अकांक्ष सेन हत्याकांड मामले में आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद ने जिला अदालत में फिर से जमानत याचिका दायर की है। सोमवार को उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने थाना पुलिस को 23 अक्तूबर के लिए नोटिस किया है।
हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया है कि अकांक्ष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण एक्सीडेंट से उसके सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। बचाव पक्ष के अनुसार पीजीआई की रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं हैं। इससे साफ है कि उसकी हत्या नहीं हुई है, उसकी मौत रोड एक्सीडेंट के कारण सिर पर चोट लगने से हुई है। बचाव पक्ष ने इसी आधार पर फरीद की जमानत याचिका दायर की है।
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हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया है कि अकांक्ष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण एक्सीडेंट से उसके सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। बचाव पक्ष के अनुसार पीजीआई की रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं हैं। इससे साफ है कि उसकी हत्या नहीं हुई है, उसकी मौत रोड एक्सीडेंट के कारण सिर पर चोट लगने से हुई है। बचाव पक्ष ने इसी आधार पर फरीद की जमानत याचिका दायर की है।
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यह है मामला
सोलन निवासी अकांक्ष सेन सेक्टर-9 में नेशनल शूटर राजा सिद्धू के घर पर रुका हुआ था। उसने एक माह पहले ही पार्टनरशिप में सेक्टर-9 में बूमबाक्स कैफे खोला था। आठ फरवरी की रात सिद्घू के घर पर पार्टी थी। इसमें फरीद और बलराज भी आए हुए थे।
अकांक्ष के साथ उसका दोस्त शेरा भी था। पार्टी के दौरान शेरा और दोनों आरोपियों में किसी बात पर बहस हो गई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। उस समय बीच बचाव कर मामला शांत करवा दिया गया। इसके बाद अकांक्ष सेन और उसका भाई अदम्य सिंह राठौड़ वहां से सेक्टर-18 आ गए। सुबह पांच बजे अकांक्ष ने एक दोस्त करन को सेक्टर-18 बुलाया और सेक्टर-9 दोबारा देखने पहुंच गए कि उसके बाद कोई झगड़ा नहीं हुआ।
उनको वहां देखते ही बलराज गुस्से में आ गया और बीएमडब्लू कार में बैठा। उसके साथ फरीद भी बैठ गया। बलराज ने तेज गति से बीएमडब्लू कार अकांक्ष पर चढ़ा दी। उसका भाई अदम्य राठौड़ और उसके दोस्त उसे फौरन पीजीआई ले जाया गया। घटना के बाद से वह कोमा में था। उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। 10 फरवरी को अकांक्ष ने पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
अकांक्ष के साथ उसका दोस्त शेरा भी था। पार्टी के दौरान शेरा और दोनों आरोपियों में किसी बात पर बहस हो गई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। उस समय बीच बचाव कर मामला शांत करवा दिया गया। इसके बाद अकांक्ष सेन और उसका भाई अदम्य सिंह राठौड़ वहां से सेक्टर-18 आ गए। सुबह पांच बजे अकांक्ष ने एक दोस्त करन को सेक्टर-18 बुलाया और सेक्टर-9 दोबारा देखने पहुंच गए कि उसके बाद कोई झगड़ा नहीं हुआ।
उनको वहां देखते ही बलराज गुस्से में आ गया और बीएमडब्लू कार में बैठा। उसके साथ फरीद भी बैठ गया। बलराज ने तेज गति से बीएमडब्लू कार अकांक्ष पर चढ़ा दी। उसका भाई अदम्य राठौड़ और उसके दोस्त उसे फौरन पीजीआई ले जाया गया। घटना के बाद से वह कोमा में था। उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। 10 फरवरी को अकांक्ष ने पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।