{"_id":"58ed32784f1c1b462dcf6c4b","slug":"akansh-murder-chandigarh-high-profile-bmw-murder-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अकांक्ष हत्याकांड: फरीद को ‘बी’ क्लास सुविधाएं देनी हैं या नहीं जेल प्रशासन तय करेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकांक्ष हत्याकांड: फरीद को ‘बी’ क्लास सुविधाएं देनी हैं या नहीं जेल प्रशासन तय करेगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 12 Apr 2017 09:25 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अकांक्ष हत्याकांड के सहआरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद की ‘बी’ क्लास सुविधाएं देने संबंधी याचिका पर जिला अदालत ने जेल प्रशासन को अपने मैनुअल के तहत फैसला लेने को कहा है। थाना पुलिस ने याचिका पर दाखिल जवाब में फरीद को यह सुविधा देने का विरोध किया है। पुलिस के अनुसार फरीद हत्या के मामले में आरोपी है। ऐसे में उसे बी क्लास सुविधाएं देने का कोई आधार नहीं है।
इससे पहले फरीद ने जिला अदालत में दायर याचिका में फरीद ने जिला अदालत से यूटी प्रशासन और बुड़ैल जेल को आदेश देने की अपील थी कि उसे केस के ट्रायल के दौरान जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाएं दी जाएं। इसके लिए उसने कहा था कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है। ऐसे में उसकी एजुकेशन के आधार पर वह जेल में बी क्लास सुविधाओं का हकदार है।
इसके अलावा उसने कहा था कि शिक्षा और सोशल स्टेटस के आधार पर वह उक्त सुविधाओं के लिए तब तक हकदार है, जब तक कि उसके केस का कोई फैसला नहीं आ जाता। पुलिस ने याचिका पर दाखिल जवाब में इसका विरोध किया था। पुलिस का कहना था कि वह हत्या के मामले में आरोपी है। यह कोई मामूली अपराध नहीं है। इसलिए उसे बी क्लास की सुविधाएं न दी जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले फरीद ने जिला अदालत में दायर याचिका में फरीद ने जिला अदालत से यूटी प्रशासन और बुड़ैल जेल को आदेश देने की अपील थी कि उसे केस के ट्रायल के दौरान जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाएं दी जाएं। इसके लिए उसने कहा था कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है। ऐसे में उसकी एजुकेशन के आधार पर वह जेल में बी क्लास सुविधाओं का हकदार है।
विज्ञापन
इसके अलावा उसने कहा था कि शिक्षा और सोशल स्टेटस के आधार पर वह उक्त सुविधाओं के लिए तब तक हकदार है, जब तक कि उसके केस का कोई फैसला नहीं आ जाता। पुलिस ने याचिका पर दाखिल जवाब में इसका विरोध किया था। पुलिस का कहना था कि वह हत्या के मामले में आरोपी है। यह कोई मामूली अपराध नहीं है। इसलिए उसे बी क्लास की सुविधाएं न दी जाएं।
विज्ञापन
क्या है बी क्लास सुविधाओं में
मंगलवार को अदालत ने याचिका जेल प्रशासन को मार्क कर दी और कहा कि वह जेल मैनुअल के तहत तय करे कि आरोपी को बी क्लास की सुविधाएं दी जानी चाहिए या नहीं। साथ ही इसके बारे में कोर्ट को अवगत कराने को कहा है। ऐसे में अब जेल प्रशासन कमेटी जेल के नियमों के तहत अपने स्तर पर तय करेगा कि फरीद को बी क्लास की सुधिवाएं दी जानी चाहिए या नहीं।
क्या है बी क्लास सुविधाओं में
जेल में कैदियों को उनके अपराध के अनुसार अलग-अलग बैरक में रखा जाता है। सजायाफ्ता कैदियों को अलग बैरक में रखा जाता है और विचाराधीन कैदियों को अलग बैरक में। बी क्लास सुविधाओं में दोनों ही तरह के कैदियों को बेड की सुविधा, अलग से बना खाना और घर का बना खाना, न्यूजपेपर और मैगजीन पढ़ने की सुविधा, सख्त और कड़े काम से छूट, कैदियों वाली यूनिफार्म न पहनने से छूट और उनसे मिलने वाले अधिक लोग मिल सकते हैं। जेल में टीवी देखने के अलावा भी कई अन्य तरह की सुविधाएं मिलती हैं।
क्या है बी क्लास सुविधाओं में
जेल में कैदियों को उनके अपराध के अनुसार अलग-अलग बैरक में रखा जाता है। सजायाफ्ता कैदियों को अलग बैरक में रखा जाता है और विचाराधीन कैदियों को अलग बैरक में। बी क्लास सुविधाओं में दोनों ही तरह के कैदियों को बेड की सुविधा, अलग से बना खाना और घर का बना खाना, न्यूजपेपर और मैगजीन पढ़ने की सुविधा, सख्त और कड़े काम से छूट, कैदियों वाली यूनिफार्म न पहनने से छूट और उनसे मिलने वाले अधिक लोग मिल सकते हैं। जेल में टीवी देखने के अलावा भी कई अन्य तरह की सुविधाएं मिलती हैं।