चंडीगढ़ः सीएम ने रोक लगा दी, इतिहास की किताबों के मु्द्दे पर 48 घंटे लगातार धरना देगा शिअद
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा इतिहास की विवादित किताब पर रोक के बावजूद शिरोमणि अकाली दल इसे मुद्दा बनाएगा। किताब में गुरु साहिबान को लेकर अपमानजनक गलतियों के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तक आंदोलन चलेगा। पार्टी ने फिलहाल 48 घंटे के धरने का एलान किया है। गुरुवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास के बाद प्लाजा में शिअद का धरना शुरू होगा।
पहले 24 घंटे शिअद प्रधान सुखबीर बादल पार्टी नेताओं के साथ धरने पर बैठेंगे। अगले 24 घंटे तक धरने की अगुवाई शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल करेंगे। तीन नवंबर को पार्टी सिख कत्लेआम को लेकर जंतर मंतर पर रोष प्रदर्शन करेगी। जिसमें दिल्ली सिख गुरद्वारा मैनेजमेंट कमेटी और वहां की पार्टी इकाई भी शामिल होंगे। उसके बाद किताबों के मुद्दे पर आंदोलन के अगले चरण का एलान किया जाएगा।
सुखबीर ने लोगों से कांग्रेस द्वारा जानबूझ कर गुरु साहिबान के अपमान की साजिश के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कैप्टन अमरिंदर सिंह को खालसा पंथ से माफी मांगने को मजबूर करने के लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 48 घंटों में अगर सरकार और सीएम ने माफी न मांगी और दोषियों को सजा न दी तो पहले चरण की समाप्ति पर अगले आंदोलन का एलान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों के अंदर उन मुगलों की आत्मा में प्रवेश कर गई है जिनके खिलाफ लड़ते हुए बड़ी कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने मांग की कि इतिहास की किताबों में गलतियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। गुरु साहिबान के अपमान जैसे बड़े गुनाह को सिर्फ किताबें वापस लेकर नहीं बख्शा जा सकता। सरकार को इसके लिए मजबूर करने को पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी।