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शराब प्रकरण: लगातार तीसरे दिन राजभवन तक रोष मार्च निकाल रहे शिअद कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उठाया

Sun, 09 Aug 2020 02:28 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 09 Aug 2020 02:28 PM IST
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Akali dal leaders Arrested for protesting in Chandigarh
Punjab - फोटो : अमर उजाला
जहरीली शराब प्रकरण में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पंजाब सरकार के खिलाफ लगातार तीसरे दिन राजभवन तक विरोध मार्च का आयोजन किया। लेकिन राजभवन पहुंचने से पहले ही चंडीगढ़ पुलिस ने अकाली कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। रोष मार्च रोकने पर पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की भी हुई।
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जहरीली शराब पीने से सूबे में हुई सौ से अधिक मौत और नकली शराब की बड़े पैमाने पर बिक्री के विरोध में पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबड़िया के नेतृत्व में लुधियाना के अकाली कार्यकर्ताओं ने रविवार को राजभवन तक रोष मार्च निकालने की कोशिश की। लेकिन राजभवन पहुंचने से पहले ही अकाली कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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इस मौक पर पुलिस और अकालियों के बीच धक्कामुक्की हुई। विरोध कर रहे हीरा सिंह गाबड़िया को पुलिस घसीट कर ले गई। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए हीरा सिंह गाबड़िया ने कहा कि शराब और रेत माफिया ने कांग्रेस आलाकमान से समझौता किया था। उन्होेंने आरोप लगाया कि शराब और रेत माफिया ने कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी को 2000 करोड़ रुपये भेजे।
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जिसके कारण सोनिया गांधी ने पंजाब में जहरीली शराब से इतनी संख्या में लोगों की जान जाने के बावजूद घटना की निंदा नहीं की और न ही शराब त्रासदी में मारे गए लोगों के परिवारों को सांत्वना देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पंजाब से दिल्ली धन हस्तांतरण का पता लगाने के लिए केंद्रीय सतर्कता जांच की आवश्यकता है। उन्होंने राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर से आग्रह किया कि वे तत्काल केंद्र सरकार को इसकी सिफारिश करें।


 इसके साथ ही गाबड़िया ने राज्यपाल से कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने, शराब के अवैध कारोबार की उच्च न्यायालय या सीबीआई जांच के आदेश देने, पीड़ित परिवारों द्वारा नामित सभी कांग्रेसी विधायकों के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज करने के आदेश देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य को पहले आबकारी राजस्व में 5600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। चरनजीत सिंह बराड़ ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर तब तक गिरफ्तारियां देना जारी रखेगी, जब तक उनकी मांगें  नहीं मान ली जातीं।
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