अमृतसर रेल हादसाः बदहवास अपनों को तलाशते रहे लोग, अकाली दल ने की 1 करोड़ मुआवजा की मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार शाम को रेल हादसे के बाद अमृतसर के सिविल अस्पताल में पूरी रात अफरातफरी मची रही। लोग अपने सगे संबंधियों को ढूंढते दिखे। बेड कम पड़ गए और मुर्दाघर पूरी तरह से फुल हो गए। लोग अपनों के तलाश में भटक रहे थे। जहां पर हादसा हुआ वहां लोग की चप्पले और कपड़े भीषण हादसे को बयां कर रहे थे। लोगों में प्रशासन को लेकर गुस्सा है और इस गुस्सा का शिकार गई लोग बने।
अमृतसर में लोगों ने प्रदर्शन भी किया। मृतकों का पंचनामा करने के लिए छह इंस्पेक्टर तैनात किए गए थे, जो रात तक दस्तावेज पूरे करते रहे। शनिवार सुबह होते होते मृतकों के परिजनों ने शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाना शुरू कर दिया।
कनाडा के प्रधानमंत्री ने अमृतसर हादसे पर गहरा दुख जताया
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो ने दशहरे के दिन अमृतसर में रावण दहन देख रहे अनेक लोगों के ट्रेन तले कुचलकर मारे जाने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। ट्रूडो ने ट्वीट करते हुए लिखा, भारत के अमृतसर में भयावह ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। कनाडा के लोग आज रात आपके साथ गहरे दुख में हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
दर्द पर मरहम लगाने के लिए उठे हाथ
शुक्रवार शाम को हुए रेल हादसे के शिकार लोगों के परिवारों की मदद के लिए विश्व प्रसिद्ध खालसा एड संस्था आगे आई है। खालसा एड के 23 सेवादार अस्पताल में डेरा डाले हैं, उनके द्वारा एंबुलेंस भी लगाई गई हैं। खालसा एड के वालंटियरों की तरफ से पीड़ितों की हर संभव मदद की जा रही है। सिविल अस्पताल में करीब 45 लाशों का पोस्टमार्टम करवाकर उनके परिजनों तक पहुंचाया गया।
इतना ही नहीं डेड बॉडी को पैक कर पोस्टमार्टम तक सहायता की गई। खालसा एड के अमनप्रीत का कहना है कि उनकी टीम के आठ सदस्य रात को भी रुक रहे हैं, ताकि किसी मरीज को कोई जरूरत है तो तत्काल प्रदान की जा सके। दवा से लेकर हर आपातकालीन सुविधा उन्होंने तैयार कर रखी है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से घटनास्थल के बाहर और अस्पतालों में लंगर लगाया गया है। सनशाइन यूथ क्लब की तरफ से हेल्प की जा रही है। उनके वालंटियर रक्तदान से लेकर मरीजों को खान पान की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
टाला जा सकता था हादसा : रेल राज्यमंत्री
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि यह हादसा टाला जा सकता था, क्योंकि रेलवे ट्रैक के करीब इस तरह के आयोजन नहीं होने चाहिए। रेलवे फाटक से कुछ ही दूरी पर यह आयोजन हो रहा था। ट्रैक ऊंचाई पर था, इसलिए लोग वहां खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे। रावण दहन होते ही पटाखों की आवाज आई। तभी भगदड़ मची और लोग ट्रेनों की आवाज नहीं सुन पाए। ड्राइवर को पहले से निर्देश होते हैं कि कहां हॉर्न बजाना है, कहां पर रफ्तार कम करनी है। हादसा शाम को 7 बजे हुआ। जहां हादसा हुआ, वहां एक मोड़ है। ड्राइवर कैसे देख पाता कि आगे क्या हो रहा है?
हर परिवार को एक करोड़ मुआवजा दे पंजाब सरकार: सुखबीर
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को दिए 5-5 लाख रुपये के मुआवजे की राशि को काफी कम बताते हुए प्रति परिवार को एक-एक करोड़ की राशि तथा सरकारी नौकरी देने की मांग की है। सुखबीर बादल शनिवार को घायलों का हाल जानने अमृतसर पहुंचे।
सुखबीर ने पत्रकारों से बात करते हुए हलका पूर्वी के विधायक व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू और पार्षद मिट्ठू मदान को कटघरे में खड़ा कर उनको मुख्य आरोपी मानते हुए इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिला तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाने के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करेंगे। सुखबीर से पहले विक्रम सिंह मजीठिया भी अमृतसर में पहुंचे और मृतकों के संस्कार में शामिल हुए।
इससे पहले मृतकों के परिजनों के बयान कलमबद्ध कर दस्तावेज पूरे किए गए। हादसे के बाद थानेदार ने कैंटीन में ही बैंच लगाकर काम किया। शनिवार सुबह से अस्पताल में घायलों से मिलने राजनेता पहुंचने लगे। वहीं परिजन अपने सगे संबंधियों के शव लेने और कागजी कार्रवाई पूरी करने में लगे रहे।