{"_id":"5bbf752ebdec224fd3116879","slug":"akali-dal-delegation-meets-rajnath-singh","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिअद का दावा : चंडीगढ़ में मजबूत रहेगी पंजाब की पकड़, गृहमंत्री ने दिया भरोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिअद का दावा : चंडीगढ़ में मजबूत रहेगी पंजाब की पकड़, गृहमंत्री ने दिया भरोसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 11 Oct 2018 09:37 PM IST
विज्ञापन
पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की अगुवाई में गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल का प्रतिनिधिमंडल गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिला। इसके बाद अकाली दल ने दावा किया कि राजनाथ सिंह ने उन्हें यूटी में नियुक्तियों के दौरान पंजाब-हरियाणा का 60-40 का अनुपात जारी रखने का भरोसा दिया है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि जुलाई 2018 में जारी किया गया सिख महिलाओं के लिए चंडीगढ़ में हेलमेट को जरूरी बनाने वाला नोटिफिकेशन वापस लिया जाएगा। उन्हें पहले की तरह दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट से छूट दी जाएगी।
विज्ञापन
पूर्व सीएम बादल ने सिखों की दोनों अहम मांगें मानने के लिए गृहमंत्री का धन्यवाद किया। बादल ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्री से कहा कि संघीय क्षेत्रों के साझे पुलिस कैडर के संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। इसके जरिए प्रवेश स्तर पर 50 प्रतिशत पुलिस कर्मचारियों के पद सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने हैं। बाकी भर्ती दानिप्स कैडर के जरिए होगी।
विज्ञापन
पूर्व सीएम ने कहा कि यह पंजाब पुनर्गठन एक्ट का सीधा उल्लंघन है जो कि निर्धारित करता है कि चंडीगढ़ प्रशासन के लिए कर्मचारियों की भर्ती पंजाब-हरियाणा से 60-40 के अनुपात में की जाएगी। बादल ने दावा किया कि राजनाथ सिंह ने इस पर दोबारा विचार करने के साथ यह भी आश्वासन दिया कि पंजाब के साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। बादल ने चंडीगढ़, पंजाब को सौंपने की अपील की। गौरतलब है कि इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल भी थे।
विज्ञापन