घमासानः चंदूमाजरा बोले- सुखबीर बादल का इस्तीफा किसी ने नहीं मांगा, सिद्धू ने भी कही ये बात
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सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने साफ किया कि पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल के इस्तीफे की मांग पार्टी के किसी भी नेता ने नहीं की है। रोपड़ में अकाली भाजपा वर्करों की बैठक के बाद चंदूमाजरा ने कहा कि पार्टी टकसाली नेताओं की सेवाएं लेती रहेगी और पार्टी प्रधान के बारे में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी में नेताओं की राय की कद्र की जा रही है और जिन लोगों का अकाली दल के साथ व्यवहारिक संबंध नहीं है, वह पार्टी के बारे में गलत बातें कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बताया कि 84 दंगों के दोषियों को सजा दिलाने के लिए शिरोमणि अकाली दल की तरफ से एक नवंबर को तख्त साहिबानों पर अरदास दिवस मनाया जा रहा है। इस दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ साथ शहीद हुए सिख परिवारों को सत्कार दिया जाएगा। रोपड़ में आयोजित मीटिंग में अकाली दल के सीनियर नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा भी पहुंचे। चंदूमाजरा ने कहा कि 84 दंगों में इंसाफ के लिए दिल्ली में जंतर मंतर पर धरना दिया जाएगा और इससे संबंधित बिल भी लोकसभा में लाया जाएगा।
चंदूमाजरा ने कहा कि बारहवीं के सिलेबस में सिख इतिहास के साथ की गई छेड़छाड़ 84 के हमले से भी अधिक खतरनाक कदम है। कांग्रेस सरकार यह खेल रही है और खालसा पंथ इसको चुनौती के तौर पर मान रहा है। उन्होंने कहा कि इस साजिश का जवाब जरूर दिया जाएगा और सरकार को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी।
इस दौरान डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सिख इतिहास को दूसरी बार नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश रची जा रही है। लुधियाना में रेलवे ट्रैक के पास हुए एक समागम में कांग्रेसी विधायक की तरफ से मुख्य मेहमान के तौर पर की गई शिरकत पर डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने अमृतसर हादसे के बाद भी सबक नहीं लिया और लुधियाना में कांग्रेस विधायक ने इसी तरह का एक कार्यक्रम फिर करवा दिया।
पंजाब योजना बोर्ड की उप-चेयरपर्सन राजिंदर कौर भट्ठल ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने अपनी पार्टी से इस्तीफा देने की बात कही है, ऐसा करके वह सूबे के लोगों को मूर्ख बनाना चाहते हैं। उनका इस्तीफा एक कागजी बम है जिसमें कुछ नहीं है। सुखबीर को बेअदबी मामले में पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। पंजाब का सब कुछ लुटाकर और बेअदबी करवाकर इस्तीफे देने की बात कर रहे हैं जबकि अकाली दल की सरकार के समय यह मामला हुआ और दोषी लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई।
भट्ठल ने कहा कि बेअदबी जांच में पहले जांच पूरी हुई है और दूसरी जांच चल रही है। तीसरी जांच में बेअदबी के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। भट्ठल सोमवार को फतेहगढ़ साहिब के गांव जल्ला सौंढा में आयोजित तीन दिवसीय 26वें वार्षिक कबड्डी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंचीं थी। यह टूर्नामेंट उदासीन 108 संत बाबा निर्माण दास स्थल पर यूथ स्पोर्ट्स क्लब और ग्राम पंचायत की ओर से करवाया गया था।
इस मौके पर उनके साथ फतेहगढ़ साहिब के विधायक कुलजीत सिंह नागरा, बस्सी पठाना विधायक गुरप्रीत सिंह जीपी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिंदर सिंह भांबरी, प्रदेश कांग्रेस सचिव गुरसतिंदर सिंह जल्ला मौजूद थे। कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के मामले में भट्ठल ने कहा कि ये मामला सीएम के ध्यान में है। एसजीपीसी चुनाव में कांग्रेस पहले की तरह हिस्सा नहीं लेगी। यह धार्मिक चुनाव है। निजी तौर पर कोई भी व्यक्ति इसमें शामिल हो सकता है। अगर कांग्रेस से कोई गुरसिख नेता एसजीपीसी चुनाव लड़ता है तो हमें कोई एतराज नहीं है।
सुखबीर के इस्तीफे की पेशकश एक ड्रामेबाजी
सुखबीर को दिख रहा है कि अकाली दल का पतन हो रहा है और पार्टी टूटने की कगार पर है इसलिए अब ड्रामेबाजी शुरू कर दी है। सिद्धू ने कहा कि अकाली दल एक पवित्र व पंथक पार्टी थी, जिसको सुखबीर-मजीठिया ने प्राइवेट लिमिटेड पार्टी बना डाला। पार्टी में किसी को खड़े ही नहीं होने दिया और एक तानाशाह की तरह पार्टी को चलाया।