{"_id":"592a5a0f4f1c1bfc118b458e","slug":"akal-takht-jathedar-gyani-gurbachan-singh-speaks-on-terrorism-in-kashmir-and-stone-pelting","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर में आतंकवाद और पत्थरबाजों पर अकाल तख्त के जत्थेदार ने कही बड़ी बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर में आतंकवाद और पत्थरबाजों पर अकाल तख्त के जत्थेदार ने कही बड़ी बात
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 29 May 2017 09:14 AM IST
विज्ञापन
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर में आतंकवाद और पत्थरबाजों को आड़े हाथों लेते हुए अकाल तख्त के जत्थेदार ने आक्रामक तेवर दिखाए और सरकार को चेताया। जब अपना घर ही कमजोर होगा, तो बाहर वाले क्यों नहीं फायदा उठाएंगे। ये हमारी ही कमजोरी है कि देश में आतंकवाद तेजी से फन उठा रहा है। सरकार को सचेत रहने के साथ-साथ इस पर सोचना होगा और इस फन को कुचलना होगा।
कमजोर इरादों से आतंकवाद खत्म नहीं हो सकता। यह उद्गार अमृतसर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने ‘अमर उजाला’ से मुखाबित होते हुए व्यक्त किए। जत्थेदार शनिवार को चंडीगढ़ में एक धार्मिक समारोह में भाग लेने आए हुए थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर में पत्थरबाजी बहुत बड़ी चिंता का विषय है। कश्मीर के युवाओं को बाहरी ताकतें गुमराह कर पत्थरबाजी के लिए मजबूर कर रही है।
लेकिन सरकार को चाहिए कि नौजवानों को रोजगार उपलब्ध करवाए, उनकी बात सुने और उन्हें गुमराह होने से बचाए। जब युवाओं के पास रोजगार होगा, उनकी जरूरतें पूरी होंगी तो वे न तो अलगाववादियों की सुनेंगे और न ही बाहरी ताकतों की। उन्होंने कहा कि पत्थरबाज भी हमारे ही बच्चे हैं, उन्हें उनका हक दो, नौकरी दो, तो वे क्यों पत्थर मारेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमजोर इरादों से आतंकवाद खत्म नहीं हो सकता। यह उद्गार अमृतसर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने ‘अमर उजाला’ से मुखाबित होते हुए व्यक्त किए। जत्थेदार शनिवार को चंडीगढ़ में एक धार्मिक समारोह में भाग लेने आए हुए थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर में पत्थरबाजी बहुत बड़ी चिंता का विषय है। कश्मीर के युवाओं को बाहरी ताकतें गुमराह कर पत्थरबाजी के लिए मजबूर कर रही है।
विज्ञापन
लेकिन सरकार को चाहिए कि नौजवानों को रोजगार उपलब्ध करवाए, उनकी बात सुने और उन्हें गुमराह होने से बचाए। जब युवाओं के पास रोजगार होगा, उनकी जरूरतें पूरी होंगी तो वे न तो अलगाववादियों की सुनेंगे और न ही बाहरी ताकतों की। उन्होंने कहा कि पत्थरबाज भी हमारे ही बच्चे हैं, उन्हें उनका हक दो, नौकरी दो, तो वे क्यों पत्थर मारेंगे।
विज्ञापन
अकाल तख्त ने की जट्टू इंजीनियर की निंदा
गुरमीत राम रहीम का नया लुक हुआ वायरल
डेरामुखी की पांचवीं फिल्म जट्टू इंजीनियर पर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सवाल खड़े कर दिए हैं। जत्थेदार ने कहा कि संतों को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। फिल्में बनाना, कॉमेडी करना, ये सब संतों के काम नहीं, ऐसे काम संत कभी नहीं करता। अब खुद ही लोग अंदाजा लगा लें कि डेरामुखी संत है या नहीं? उनके अनुसार अकाल तख्त डेरामुखी के इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
पंजाब को बदनाम कर रही एजेंसियां
जत्थेदार ने कहा कि नशे के नाम पर एजेंसियां पंजाब को बदनाम कर रही हैं। पंजाब में नशे के जो हालात दिखाए व बताए जाते हैं, दरअसल, पंजाब में उतने खराब हालात हैं नहीं। यह पंजाब को बदनाम करने की बड़ी साजिश है। जो थोड़ा-बहुत नशा पंजाब में है भी, तो सरकार उससे सख्ती से निपटे।
पंजाब को बदनाम कर रही एजेंसियां
जत्थेदार ने कहा कि नशे के नाम पर एजेंसियां पंजाब को बदनाम कर रही हैं। पंजाब में नशे के जो हालात दिखाए व बताए जाते हैं, दरअसल, पंजाब में उतने खराब हालात हैं नहीं। यह पंजाब को बदनाम करने की बड़ी साजिश है। जो थोड़ा-बहुत नशा पंजाब में है भी, तो सरकार उससे सख्ती से निपटे।