फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Air quality index of seven cities of Haryana crosses 400 Marks

Haryana News: सात शहरों का एक्यूआई 400 पार, हरियाणा जहरीली हवा की चपेट में, स्कूल बंद करने की सिफारिश

Fri, 03 Nov 2023 08:52 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 03 Nov 2023 08:52 PM IST
सार

प्रदूषण विभाग के मुताबिक हरियाणा में फरीदाबाद शहर प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। इस शहर का औसत एक्यूआई 460 दर्ज किया गया। इस शहर के सेक्टर 16 में तो औसत एक्यूआई 492 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, हिसार, जींद, फतेहाबाद, रोहतक, सोनीपत और बहादुरगढ़ का भी एक्यूआई 400 से ज्यादा रिकॉर्ड हुआ है।

विज्ञापन
Air quality index of seven cities of Haryana crosses 400 Marks
हरियाणा में छाई धुंध। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

दिवाली से पहले हरियाणा जहरीली हवा की चपेट में आ गया है। राज्य के 15 शहर रेड जोन की कैटेगिरी में पहुंच गए हैं, जबकि हरियाणा के सात शहरों की हवा गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। इन शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 से ऊपर दर्ज किया गया है। पराली जलाने की घटनाओं व मौसम की बदलती परिस्थितयां की वजह से प्रदूषण के कण धरती के आसपास ही मंडरा रहे हैं। प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर होता है। इसे देखते हुए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण से प्रभावित शहरों में प्राइमरी स्कूलों को बंद करने की हरियाणा सरकार से सिफारिश की है। 

विज्ञापन


अब हरियाणा सरकार इस बारे में शिक्षा विभाग से राय मशविरा लेगा। इसके बाद प्रभावित शहरों के छोटे बच्चों के स्कूलों को बंद करने के संबंध में आदेश जारी हो सकते हैं। उधर, दिल्ली सरकार ने शुक्रवार व शनिवार को स्कूल को बंद करने का निर्देश जारी किया था। जानकार के मुताबिक दिवाली तक प्रदूषण से फिलहाल राहत के आसार नहीं है। ऐसे में लोगों की सांसों पर गंभीर संकट आ गया है। 
विज्ञापन


प्रदूषण विभाग के मुताबिक हरियाणा में फरीदाबाद शहर प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। इस शहर का औसत एक्यूआई 460 दर्ज किया गया। इस शहर के सेक्टर 16 में तो औसत एक्यूआई 492 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, हिसार, जींद, फतेहाबाद, रोहतक, सोनीपत और बहादुरगढ़ का भी एक्यूआई 400 से ज्यादा रिकॉर्ड हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन



खुले में कचरा जलाने वालों पर सख्ती बरतें उपायुक्त

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष डॉ. एमएम कुट्टी की अध्यक्षता में एक वर्चुअल समीक्षा बैठक में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बोर्ड के अध्यक्ष राघवेंद्र राव ने उपायुक्तों को खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। दरअसल, हरियाणा के कई शहरों में कचरा जलाने की शिकायत मिल रही हैं। वायु प्रदूषण में खुले में जलाए गए कचरे का भी काफी योगदान रहता है। वहीं, खनन और उत्खनन गतिविधियों की भी निगरानी करने का निर्देश दिया है।

पंजाब में 12 हजार से ज्यादा, हरियाणा में सिर्फ 1372 जली पराली

हरियाणा में इस बार पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले साल की तुलना में 2023 में पराली जलाने की घटनाओं में 38 फीसदी की कमी आई। वहीं, वर्ष 2021 की तुलना में 2023 में पराली जलाने की घटनाओं में 57 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 

पंजाब में इस साल अब तक 12813 पराली जलाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं, हरियाणा में 1372 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि शुरुआती दिनों में हरियाणा में भी पराली जलाने के मामले बढ़े थे, मगर हरियाणा सरकार के प्रयासों और सख्त निगरानी की वजह से इसमें कमी आई है।



939 चालान, 25.12 जुर्माना वसूला, दो डीसी की तारीफ

खेतों में आग लगाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हरियाणा सरकार कड़ी कार्रवाई कर रही है। अब तक 939 किसानों के चालान किए गए हैं और 25.12 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। खेतों की आग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करने के साथ ही दोषी अधिकारियों को निलंबित करने का भी कार्य किया गया है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष डॉ. एमएम कुट्टी ने पिछले वर्ष की तुलना में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में 60 प्रतिशत से अधिक की कमी हासिल करने के लिए करनाल और कैथल के उपायुक्तों की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेतों में पराली जलाने को नियंत्रित करने में हरियाणा ने बेहतर कार्य किया है लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार के लिए आगामी त्योहारी सीजन के दौरान कड़ी निगरानी और कड़े उपायों करने की आवश्यकता है।

सड़क से लगते पार्क में एक्सरसाइज न करें

पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि एक्यूआई का लगातार गंभीर बने रहना स्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरनाक है। ऐसे में लोगों को खुद से बचाव करना होगा। जिनकी सर्जरी हुई या बीमार है, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्गों को बाहर नहीं निकलना चाहिए। यदि बाहर निकलना ही तो जिस समय ज्यादा ट्रैफिक होता है, उस दौरान न निकलें। सड़क से लगते पार्क और सड़क पर एक्सरसाइज न करें। घरों के आसपास पानी का छिड़काव करें।

इसलिए नहीं मिल रही राहत

प्रदूषण के कणों को हटाने के लिए बारिश व तेज हवा का चलना जरूरी है। मानसून की विदाई के बाद पश्चिमी विक्षोभ बारिश लाने का काम करते हैं, मगर पिछले 20 दिन से कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया है। इस बीच दो विक्षोभ आए लेकिन उनकी तीव्रता काफी कम थी। उल्टा हवा की गति भी कमजोर कर गए। जब तक हवा की गति में परिवर्तन और बारिश नहीं होती, तब तक प्रदूषण से राहत मिलने के आसार नहीं है।

किस जिले का कितना प्रदूषण

फरीदाबाद 460
हिसार 456
जींद 447
फतेहाबाद 432
रोहतक 424
सोनीपत 455
बहादुरगढ़ 404
बल्लभगढ़ 398
मानेसर 372
गुरुग्राम 367
कैथल 361
पलवल 339
करनाल 312
कुरुक्षेत्र 321
भिवानी 313
नारनौल 286
सिरसा 236
यमुनानगर 250
अंबाला 218
चरखी दादरी 257

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed