फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Air Quality Index, Haryana Air Pollution, Sirsa's air is the most polluted

जहरीली हुई हरियाणा के 13 शहरों की आबोहवा, सिरसा देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर

Fri, 18 Oct 2019 12:44 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 18 Oct 2019 12:44 AM IST
विज्ञापन
Air Quality Index, Haryana Air Pollution, Sirsa's air is the most polluted
प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटो) - फोटो : ani

हरियाणा में चार अक्तूबर के बाद से शुष्क चल रहा मौसम शुक्रवार को करवट लेने वाला है। इससे पहले देश के 108 शहरों में सिरसा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित पाई गई। सिरसा में सूचकांक मूल्य बीते 24 घंटे में 21 अंक बढ़कर 342 दर्ज किया। बताया जा रहा है कि औद्योगिक प्रदूषण के अलावा पराली के धुएं और सर्द-शुष्क मौसम से भी हरियाणा के 13 शहरों की हवा बद से बदतर हो गई है।  

विज्ञापन


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से शाम चार बजे जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक में दिल्ली में जहां प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 की मात्रा 284 पाई गई। वहीं सिरसा में देश में सर्वाधिक 342 दर्ज की गई। सिरसा की हवा बेहद खराब तो प्रदेश के 12 जिलों की हवा खराब श्रेणी में पाई गई। राहत की बात यह है कि करनाल और यमुनानगर में वायु प्रदूषण का स्तर पहले से घटा है। हालांकि दिवाली पर पटाखे चलने के बाद हवा की गुणवत्ता और खराब होने की आशंका है। 
विज्ञापन


मानसून के विदा होने के बाद पहली बार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते 18 अक्तूबर को अंबाला समेत प्रदेश के उत्तरी जिलों और उनके आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश वायु प्रदूषण से राहत दे सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्काईमेट के विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी हलचलों की सक्रियता बढ़ने से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी से दिन और रात का तापमान गिर सकता है। इसके साथ ही मौसम सर्द होता जाएगा।  

मुंह पर कपड़ा बांधे नजर आए लोग
शुक्रवार शाम को करवा चौथ के मौके पर बाजारों में निकले शहरवासी अपने मुंह पर कपड़ा बांधे नजर आए। फसली अवशेष को जलाने के कारण धुआं उठने से प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। हालांकि अभी धान की कटाई में तेजी नहीं आई है। दीपावली पर पटाखों और फसली अवशेष जलाने पर वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो सकती है। 
 

शहर   वायु गुणवत्ता सूचकांक (पीएम 2.5)
सिरसा                                 342
हिसार  297
जींद 295
गुरुग्राम 279 
करनाल 261
पानीपत 261
पलवल 260
रोहतक 259
मानेसर 252
फरीदाबाद 245
यमुनानगर 240 
बहादुरगढ़ 229
सोनीपत 217

न जलाएं पराली, फसली अवशेष का करें प्रबंधन
अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों में धान की पराली व अन्य फसलों के अवशेषों को न जलाएं। फसलों के अवशेष का उचित प्रबंधन करें। धुएं व गैस का चैंबर बनने से सांस, त्वचा और आंखों की बीमारियों का प्रकोप बढ़ता है। धुएं के कारण राजमार्गों पर दुर्घटना होने का डर रहता है। आसपास के क्षेत्रों में भी आग लगने का खतरा रहता है। मिट्टी में मित्र कीटों में कमी हो जाने के कारण उर्वरा शक्ति कम हो जाती है। पशुओं के चारे में कमी आती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed