{"_id":"5dc273b38ebc3e5aea7bd38b","slug":"air-pollution-chandigarh-climate-clear-now","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ी राहतः 10 दिन बाद साफ हुई चंडीगढ़ की हवा, पश्चिम से चली हवाओं से छंटे प्रदूषण के कण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ी राहतः 10 दिन बाद साफ हुई चंडीगढ़ की हवा, पश्चिम से चली हवाओं से छंटे प्रदूषण के कण
Wed, 06 Nov 2019 12:53 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 06 Nov 2019 12:53 PM IST
विज्ञापन
Chandigarh Weather
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आखिरकार दस दिन बाद चंडीगढ़ की हवा साफ हो गई है। दिवाली के बाद से चंडीगढ़ की हवा दूषित बनी हुई थी। चंडीगढ़ का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 250 से 300 के बीच रिकार्ड किया जा रहा था, मगर मंगलवार को चलीं हवाओं की वजह से प्रदूषण साफ हो गया। मंगलवार शाम सात बजे सेक्टर 25 का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 106 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति को संतोषजनक कहा जा सकता है। रविवार को एक्यूआई 300 पार था। उसके मुकाबले मंगलवार की हवा काफी स्वच्छ रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौ नवंबर तक हवा साफ रहेगी। उसके बाद मौसम में थोड़ा बदलाव आएगा और प्रदूषण फिर से बढ़ने के आसार हैं। मंगलवार को नार्थ-वेस्ट से चली हवाओं की वजह से प्रदूषण के कण हट गए हैं। मंगलवार को हवा की रफ्तार 10-15 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से चल रही थी। जम्मू-कश्मीर के पास वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे हवाओं की रफ्तार में बदलाव देखने को मिल रहा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर छह नवंबर से दिखने लगेगा। हलके बादल छाएंगे। सात व आठ को नवंबर को बारिश के आसार हैं।
इससे प्रदूषण के कण पूरी तरह से हट जाएंगे। पीजीआई के डिपार्टमेंट आफ कम्युनिटी मेडिसिन व स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर डा. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि पंजाब व हरियाणा में अब भी खूब पराली जलाई जा रही है। सोमवार को नासा के सेटेलाइट इमेज ने पांच हजार से ज्यादा आग जलने के स्पॉट रिकार्ड किए गए, जबकि मंगलवार को छह हजार से ज्यादा स्पॉट दर्ज किए गए लेकिन हवा की दिशा में अब बदलाव आया है। साथ ही हवा की गति भी बढ़ी है। इस वजह से प्रदूषण के कण स्थिर होने की बजाय वे बिखर जा रहे हैं।
विज्ञापन
मंगलवार को आसमान पूरी तरह से साफ था। पेक का एक्यूआई 88 रिकार्ड किया गया है जो संतोषजनक की स्थिति में आता है। एक्यूआई 0 से 50 के बीच होने पर ‘अच्छा’ होता है, जबकि 51 से 100 के बीच होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 के बीच होने पर उसे ‘गंभीर’ समझा जाता है। दिवाली के दिन कई जगह एक्यूआई 300 से ऊपर दर्ज किया गया था, जो गंभीर की श्रेणी में आता है।
विज्ञापन
विशेषज्ञों का कहना है कि नौ नवंबर तक हवा साफ रहेगी। उसके बाद मौसम में थोड़ा बदलाव आएगा और प्रदूषण फिर से बढ़ने के आसार हैं। मंगलवार को नार्थ-वेस्ट से चली हवाओं की वजह से प्रदूषण के कण हट गए हैं। मंगलवार को हवा की रफ्तार 10-15 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से चल रही थी। जम्मू-कश्मीर के पास वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे हवाओं की रफ्तार में बदलाव देखने को मिल रहा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर छह नवंबर से दिखने लगेगा। हलके बादल छाएंगे। सात व आठ को नवंबर को बारिश के आसार हैं।
विज्ञापन
इससे प्रदूषण के कण पूरी तरह से हट जाएंगे। पीजीआई के डिपार्टमेंट आफ कम्युनिटी मेडिसिन व स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर डा. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि पंजाब व हरियाणा में अब भी खूब पराली जलाई जा रही है। सोमवार को नासा के सेटेलाइट इमेज ने पांच हजार से ज्यादा आग जलने के स्पॉट रिकार्ड किए गए, जबकि मंगलवार को छह हजार से ज्यादा स्पॉट दर्ज किए गए लेकिन हवा की दिशा में अब बदलाव आया है। साथ ही हवा की गति भी बढ़ी है। इस वजह से प्रदूषण के कण स्थिर होने की बजाय वे बिखर जा रहे हैं।
विज्ञापन
मंगलवार को आसमान पूरी तरह से साफ था। पेक का एक्यूआई 88 रिकार्ड किया गया है जो संतोषजनक की स्थिति में आता है। एक्यूआई 0 से 50 के बीच होने पर ‘अच्छा’ होता है, जबकि 51 से 100 के बीच होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 के बीच होने पर उसे ‘गंभीर’ समझा जाता है। दिवाली के दिन कई जगह एक्यूआई 300 से ऊपर दर्ज किया गया था, जो गंभीर की श्रेणी में आता है।