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जहरीली हवाः इंसान तो इंसान बेजुबान भी परेशान, न पहन सकते मास्क न कर सकते बखान
Sun, 03 Nov 2019 12:05 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 03 Nov 2019 12:05 PM IST
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फाइल फोटो
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अपने आगोश में ले चुकी धुएं की चादर इंसानों और जानवरों के साथ ही पक्षियों के लिए भी जानलेवा बन गई है। छोटा और संवेदनशील श्वसन तंत्र होने के कारण पक्षियों का भी इस भीषण प्रदूषण में सांस लेना दूभर हो गया। इससे पक्षियों की जिंदगी पर भी खतरा मंडराने लगा है।
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लुवास के वैज्ञानिकों के अनुसार हवा में मौजूद सल्फर, कार्बन मोनो ऑक्साइड और नाइट्रेट गैसों के कारण पशु-पक्षियों का श्वसन तंत्र प्रभावित होगा। इंसानों की तरह ही पशु-पक्षियों को भी सांस की समस्याएं हो रही हैं। अगर अगले तीन-चार दिन और हालात ऐसे ही रहे तो हालात बिगड़ जाएंगे और इंसानों के साथ पशु-पक्षियों के लिए सांस लेना कठिन हो जाएगा।
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दूध उत्पादन में आएगी कमी
वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदूषण का स्तर निर्धारित खतरनाक स्तर से भी दोगुना हो गया है। ऐसे में हर जीव पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ना तय है। पशुओं का श्वसन तंत्र मजबूत होता है, लेकिन ऐसे वातावरण में उन्हें भी सांस लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रदूषण के कारण उन्हें सांस में दिक्कत हो रही है, जिससे पशु असहज महसूस करता है और उसके दूध उत्पादन में भी कमी आती है। इससे पशुओं के साथ किसानों व पशुपालकों को भी नुकसान होगा।
बिगड़ सकते हैं हालात
इस भीषण प्रदूषण में पक्षियों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उनका श्वसन तंत्र छोटा और संवेदनशील होता है, इसलिए उनके लिए स्मॉग का कहर और भी खतरनाक है। तीन-चार दिन अगर ऐसी ही स्थिति रही तो पशु-पक्षियों के हालात बिगड़ सकते हैं। - डॉ. अशोक भटेजा, पशु चिकित्सा सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं महामारी विज्ञान विभाग, लुवास