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अब परेशान करने में जुटा आकाशवाणी, कर्मियों में रोष
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 18 Oct 2014 12:13 AM IST
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आकाशवाणी कुरुक्षेत्र में उद्घोषकों एव प्रस्तोताओं द्वारा अधिकारियों पर दमनकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि अधिकारियों ने प्रैस कांफ्रेंस करने वाले उद्घोषकों को परेशाना करना शुरू कर दिया है।
इसी कड़ी में सभी उद्घोषकों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्टीकरण न देने की सूरत में कार्यवाही करने की बात कही गई है। यहां एक ओर रोचक बात सामने आई है कि जिन प्रोस्तोताओं के फोटो समाचार पत्रों में छपे हैं, उनकी डयूटियां को निरस्त कर दी गई है।
आकाशवाणी आकस्मिक उद्घोषक एवं प्रस्तोता संरक्षण मंच के अधिकारी रविंद्र एकांत ने दी। इस विषय में अधिक जानकारी देते हुए महेश शर्मा, दीप्ति अग्रवाल, अनुराधा एवं अन्य उद्घोषकों ने बताया कि प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर सिरकार ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए आकाशवाणी उत्तर क्षेत्र के अतिरिक्त महानिदेशक को समस्याओं का हल करने के लिए निर्देश जारी किए हैं, जिसकी सूचना उन्होंने हमें मेल के द्वारा भेजी है।
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सभी उद्घोषक एवं प्रोस्ताताओं का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता तब तक आकाशवाणी के अधिकारियों के खिलाफ रोष जारी रहेगा।
इसी कड़ी में दिवाली के दिन आकाशवाणी पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन भी करेंगे। इनके अनुसार उन्हें पता चला है कि उत्तर क्षेत्र के अतिरिक्त महानिदेशक ने आकाशवाणी कुरूक्षेत्र का औचक निरीक्षण किया था, लेकिन वे उनसे बिना मिले चले गए।
उद्घोषकों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा आकाशवाणी की छवि बिगाड़ने हेतु जो ब्यान जारी किया है वो सरासर गलत है।
उन्होंने कहा कि अखबारों में छपी खबरों के लिए वे अधिकारी स्वयं जिम्मेवार हैं जिनकी राजनीति एवं अदूरदर्शी नीतियों के कारण ऐसा हुआ।
उद्घोषकों का सवाल ये भी है कि वे जब आकाशवाणी के भीतर अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं, तो आकाशवाणी की छवि धूमिल नहीं होती और क्या समाचार पत्रों में छपी सूचनाओं से ही आकाशवाणी की छवि धूमिल होती है।
इन उद्घोषकों का कहना है कि अगर उनकी समस्याओं को हल नहीं किया गया और इन अधिकारियों का यहां से तबादला नहीं किया गया तो वे प्रसार भारती में सीईओ महोदय और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
उद्घोषकों का ये भी कहना है कि यदि प्रसार भारती कोई जांच बैठाते हैं तो उसमें लगाये गये सभी आरोपों का सौ प्रतिशत सिद्ध हो जाएगा।
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इसी कड़ी में सभी उद्घोषकों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्टीकरण न देने की सूरत में कार्यवाही करने की बात कही गई है। यहां एक ओर रोचक बात सामने आई है कि जिन प्रोस्तोताओं के फोटो समाचार पत्रों में छपे हैं, उनकी डयूटियां को निरस्त कर दी गई है।
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आकाशवाणी आकस्मिक उद्घोषक एवं प्रस्तोता संरक्षण मंच के अधिकारी रविंद्र एकांत ने दी। इस विषय में अधिक जानकारी देते हुए महेश शर्मा, दीप्ति अग्रवाल, अनुराधा एवं अन्य उद्घोषकों ने बताया कि प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर सिरकार ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए आकाशवाणी उत्तर क्षेत्र के अतिरिक्त महानिदेशक को समस्याओं का हल करने के लिए निर्देश जारी किए हैं, जिसकी सूचना उन्होंने हमें मेल के द्वारा भेजी है।
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सभी उद्घोषक एवं प्रोस्ताताओं का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता तब तक आकाशवाणी के अधिकारियों के खिलाफ रोष जारी रहेगा।
इसी कड़ी में दिवाली के दिन आकाशवाणी पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन भी करेंगे। इनके अनुसार उन्हें पता चला है कि उत्तर क्षेत्र के अतिरिक्त महानिदेशक ने आकाशवाणी कुरूक्षेत्र का औचक निरीक्षण किया था, लेकिन वे उनसे बिना मिले चले गए।
उद्घोषकों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा आकाशवाणी की छवि बिगाड़ने हेतु जो ब्यान जारी किया है वो सरासर गलत है।
उन्होंने कहा कि अखबारों में छपी खबरों के लिए वे अधिकारी स्वयं जिम्मेवार हैं जिनकी राजनीति एवं अदूरदर्शी नीतियों के कारण ऐसा हुआ।
उद्घोषकों का सवाल ये भी है कि वे जब आकाशवाणी के भीतर अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं, तो आकाशवाणी की छवि धूमिल नहीं होती और क्या समाचार पत्रों में छपी सूचनाओं से ही आकाशवाणी की छवि धूमिल होती है।
इन उद्घोषकों का कहना है कि अगर उनकी समस्याओं को हल नहीं किया गया और इन अधिकारियों का यहां से तबादला नहीं किया गया तो वे प्रसार भारती में सीईओ महोदय और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
उद्घोषकों का ये भी कहना है कि यदि प्रसार भारती कोई जांच बैठाते हैं तो उसमें लगाये गये सभी आरोपों का सौ प्रतिशत सिद्ध हो जाएगा।