Punjab: विधानसभा में सीएम मान का खुलासा- कागजों में बनीं 540 KM सड़कें, AI से रोकेंगे जीएसटी की फर्जी बिलिंग
लोक निर्माण विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग किया जा रहा है। अब प्रदेश सरकार जीएसटी की फर्जी बिलिंग रोकने के लिए भी एआई का इस्तेमाल करेगी। पायलट प्रोजेक्ट में इसके अच्छे नतीजे सामने आए हैं।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से पता चला है कि पंजाब में 540 किलोमीटर सड़कें सिर्फ कागजों में ही बनी हैं। धरातल पर इनका वजूद ही नहीं हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में मंगलवार को यह खुलासा किया। उन्होंने कहा कि एआई के इस्तेमाल से सड़कों की मरम्मत कार्य में ही 163.26 करोड़ की बचत हुई है।
लोक निर्माण विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग किया जा रहा है। अब प्रदेश सरकार जीएसटी की फर्जी बिलिंग रोकने के लिए भी एआई का इस्तेमाल करेगी। पायलट प्रोजेक्ट में इसके अच्छे नतीजे सामने आए हैं। इसका उपयोग अब ढांचागत विकास, कृषि, राजस्व और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में भी किया जाएगा।
सरकार और राजभवन में टकराव के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बुलाए गए दो दिवसीय विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन में वक्तव्य देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने देश में अनाज उत्पादन में अहम योगदान देने के अलावा भारतीय फौज में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व दिया है लेकिन केंद्र सरकार ने हमेशा राज्य की अनदेखी की है।
पंजाब को सभी शर्तें पूरी करने के बावजूद आरडीएफ का बनता हिस्सा नहीं मिल रहा। मान ने कहा कि जीएसटी राज्य एकत्रित करते हैं लेकिन अपना बनता हिस्सा लेने के लिए केंद्र के आगे हाथ फैलाने पड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार पंजाब विरोधी भावना की शिकार है, जिस कारण वह राज्य को बर्बाद करने पर तुली है। अगर एनडीए सरकार की चले तो वह राष्ट्रीय गीत में से भी पंजाब का नाम हटा देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब और इसके किसानों के प्रति भी विरोधी रवैया इख्तियार किया हुआ है। केंद्र सरकार अब अनाजों पर एमएसपी खत्म करने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की समूची जिम्मेदारी पंजाब के किसानों पर डाल रही है। पंजाब के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसे पंजाब इस देश का ही हिस्सा नहीं है।
सत्र को मंजूरी, पत्रों के जवाब देने के लिए राज्यपाल का धन्यवादः मान
मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र को मंजूरी देने और अपने पत्रों का तुरंत जवाब देने के लिए राज्यपाल का धन्यवाद किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल जल्द ही बकाया बिलों के साथ-साथ नए बिलों को भी मंजूरी देंगे। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच किसी भी मसले पर कोई मतभेद नहीं है।
बता दें कि पिछले सत्र को पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने अवैध करार दिया था, जिसके खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पंजाब सरकार के पक्ष में माना और विशेष सत्र बुलाया।