कपूरथला: कृषि मंत्री बोले- आठ नवंबर को रद्द होंगे कृषि कानून, इजराइल के सहयोग से खेती सम्मेलन का आयोजन
इजराइल के सहयोग से दिसंबर महीने में पंजाब में किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में कृषि की नवीन तकनीक व पानी के बचत से किसानों को रूबरू कराया जाएगा।
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कृषि और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने कहा कि पंजाब सरकार खेती को कृषि कानूनों की मार से बचाएगी और आठ नवंबर को विधानसभा के विशेष सत्र में तीनों कानूनों को रद्द करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘पंजाब सरकार किसानों के हितों की रक्षा में कोई भी कदम उठाने से गुरेज नहीं करेगी चाहे इसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े’।
कैबिनेट मंत्री बनने के बाद पहली बार कपूरथला पहुंचे कृषि मंत्री ने हिंदू कन्या कालेज में ‘पंजाब का भविष्य’ विषय पर विचार चर्चा में हिस्सा लिया। पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि किसानी खातिर अपनी जान गंवाने वाले किसानों के परिवार की हरसंभव मदद की जा रही है और उनके 157 पारिवारिक सदस्यों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
कृषि मंत्री ने एलान किया कि दिसंबर के पहले सप्ताह में इजराइल सरकार के साथ मिलकर एक खेती सम्मेलन करवाया जा रहा है, जिससे खेती से संबंधित तमाम नवीनतम तकनीक और विशेषकर पानी की बचत की तकनीक को पंजाब के किसानों तक पहुंचाया जा सके।
सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेती विशेषज्ञ, फिक्की और विश्व बैंक के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उन्होंने एलान किया कि पंजाब सरकार ने विशेष फसल आधारित क्षेत्रों, सब्जियों, फलों की काश्त और आलू उत्पादन वाले क्षेत्रों में दो खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगाने का फैसला किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि मालवा के नरमा पट्टी वाले किसानों को खराब फसल का मुआवजा व भारी बारिश से बर्बाद धान और बासमती की विशेष गिरदावरी का काम मुकम्मल कर लिया गया है। जल्द ही किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को नकली बीजों की मार से बचाने के लिए नई बीज नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजाब के अलावा अन्य सूबों वाले डीलरों, बीज विक्रेताओं को पंजाब में बीजों की सप्लाई और बिक्री के लिए कृषि विभाग से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। पराली के उचित प्रबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से किसानों, पंचायतों, सरकारी अदारों को खेती से संबंधित मशीनरी पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देने के सार्थक नतीजे निकले हैं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट के अनुसार इस बार पराली को आग लगाने के मामले पिछले साल की अपेक्षा 55 प्रतिशत कम हुए हैं। उन्होंने कॉलेज में विद्यार्थियों के साथ विचार चर्चा दौरान उनके बेरोजगारी, नौकरियों की कमी और विदेश जाने के रुझान के सवालों के जवाब भी दिए। इस चर्चा में पूर्व सांसद संदीप दीक्षित, यूथ कांग्रेस के सचिव गौतम सेठ, कॉलेज निदेशक डॉ. सतीश कपूर व प्रिंसिपल अर्चना गर्ग ने भाग लिया। इससे पहले कृषि मंत्री को स्थानीय रेस्ट हाउस में पंजाब पुलिस की एक टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह, एसडीएम डॉ. जयइंद्र सिंह ने प्रशासन की तरफ से कृषि मंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर एसपी रमनीश कुमार, एसपी जसबीर सिंह व कृषि विभाग से संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।