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सुरक्षा मिलने के बाद बालटाल में शुरू हुए लंगर
अनिल कुमार/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Mon, 21 Jul 2014 05:18 PM IST
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बालटाल में सीआरपीएफ और बीएसएफ की ओर से लंगर वालों को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने के बाद शनिवार रात सवा नौ बजे भंडारे शुरू कर दिए गए।
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हिंसा के बाद से बालटाल में लगभग पांच हजार यात्री परेशान थे। लंगर जलाने के बाद बंद हुए लंगर का फायदा कश्मीरियों ने उठाना शुरू कर दिया।
एक श्रद्धालु से टेट में ठहरने के लिए पांच हजार रुपये वसूले जा रहे थे। ये सब कुछ देखते हुए श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) ने सुरक्षा व्यवस्था मुहैया होते ही भंडारे शुरू कर दिए।
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एसएबीएलओ के प्रधान विजय ठाकुर व महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि आर्गनाइजेशन की मांग थी कि लंगर वालों को सीआरपीएफ, बीएसएफ की ओर से सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
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शनिवार रात को जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक के बाद लंगर वालों को सुरक्षा दे दी गई। बालटाल में करीब पांच हजार यात्री फंसे हुए थे जो भूख और ठंड से परेशान थे।
शनिवार रात सवा नौ बजे ही लंगर शुरू करवाए गए साथ ही उनके ठहरने का प्रबंध किया गया। गुप्ता ने बताया कि हिंसा के बाद कश्मीरियों ने टेंट में ठहरने के लिए एक श्रद्धालु से पांच हजार रुपये वसूलना शुरू कर दिया था जबकि पहले पांच सौ रुपये लिए जाते थे।
गुप्ता ने बताया कि बालटाल में लगभग 41 भंडारे लगे थे। इनमें से नौ को फूंक दिया गया और कुछ में तोड़फोड़ हुई। लगभग चार भंडारे वाले बालटाल से वापस चले गए।
बाकी बचे लगभग 28 लंगर बालटाल में चल रहे हैं। गुप्ता ने बताया कि बालटाल कैंप में जिन भंडारों में आग लगी थी उनमें कुछ सामान बचा था लेकिन शनिवार रात को भी बचा सामान कश्मीरी लूट कर ले गए।