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गैंगस्टर अंकित भादू के एनकाउंटर के बाद पीरमुछल्ला से भागे 12 कश्मीरी, कई सवाल उठे, तलाश जारी
Sat, 09 Feb 2019 11:39 AM IST
खुशबू गोयल
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 09 Feb 2019 11:39 AM IST
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गैंगस्टर अंकित भादू का एनकाउंटर
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कुख्यात गैंगेस्टर अंकित भादू के एनकाउंटर के बाद पीरमुछल्ला की एक सोसायटी से करीब 12 कश्मीरी युवक जे एंड के नंबर की गाड़ी से सामान समेटकर भाग निकले। बताया जाता है कि यह सभी कश्मीरी युवक इमर्जिंग अपार्टमेंट में रह रहे थे, जो महालक्ष्मी अपार्टमेट की गली में ही तीन अपार्टमेंट छोड़कर स्थित है।
शुक्रवार सुबह जैसे ही इन कश्मीरी युवकों को गली में एनकाउंटर की खबर पता चली सभी अपना सामान बांधकर सुबह करीब 11.15 बजे टवेरा गाड़ी से इलाके से निकल गए। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये कश्मीरी युवक कौन थे और अंकित भादू के एनकाउंटर के बाद पीरमुछल्ला से क्यों भाग निकले।
इमर्जिंग अपार्टमेंट के सामने स्थित त्रिसला सोसाइटी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर गुरपाल सिंह ने बताया कि उक्त सोसायटी में पिछले काफी दिनों से दस से बारह कश्मीरी रह रहे थे। इनमें से एक कश्मीरी रोजाना दिखता था, लेकिन गैगेस्टर के एनकाउंटर के बाद शुक्रवार सुबह सभी कश्मीरी युवक जे एंड के नंबर की टवेरा गाड़ी से अपना पूरा सामान भरकर कहीं निकल गए।
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एसएचओ बोले- कराएंगे मामले की जांच
कश्मीरी युवकों के भागने के मामले में ढकोली पुलिस थाना के एसएचओ बिक्रमजीत सिंह घुम्मन ने बताया कि ऐसे हादसों के बाद लोग डर जाते हैं। हो सकता है डर के मारे उन्होंने इलाका छोड़ दिया हो। फिर भी हम इमर्जिंग अपार्टमेंट में पुलिस टीम भेजकर मामले की जांच करवाएंगे। साथ ही पूरे एरिया में रहने वाले किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन रिकार्ड भी खंगाला जाएगा।
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शुक्रवार सुबह जैसे ही इन कश्मीरी युवकों को गली में एनकाउंटर की खबर पता चली सभी अपना सामान बांधकर सुबह करीब 11.15 बजे टवेरा गाड़ी से इलाके से निकल गए। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये कश्मीरी युवक कौन थे और अंकित भादू के एनकाउंटर के बाद पीरमुछल्ला से क्यों भाग निकले।
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इमर्जिंग अपार्टमेंट के सामने स्थित त्रिसला सोसाइटी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर गुरपाल सिंह ने बताया कि उक्त सोसायटी में पिछले काफी दिनों से दस से बारह कश्मीरी रह रहे थे। इनमें से एक कश्मीरी रोजाना दिखता था, लेकिन गैगेस्टर के एनकाउंटर के बाद शुक्रवार सुबह सभी कश्मीरी युवक जे एंड के नंबर की टवेरा गाड़ी से अपना पूरा सामान भरकर कहीं निकल गए।
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एसएचओ बोले- कराएंगे मामले की जांच
कश्मीरी युवकों के भागने के मामले में ढकोली पुलिस थाना के एसएचओ बिक्रमजीत सिंह घुम्मन ने बताया कि ऐसे हादसों के बाद लोग डर जाते हैं। हो सकता है डर के मारे उन्होंने इलाका छोड़ दिया हो। फिर भी हम इमर्जिंग अपार्टमेंट में पुलिस टीम भेजकर मामले की जांच करवाएंगे। साथ ही पूरे एरिया में रहने वाले किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन रिकार्ड भी खंगाला जाएगा।
किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन पर उठे सवाल
गैंगस्टर अंकित भादू के एनकाउंटर और दो साथियों की गिरफ्तारी के बाद पीरमुछल्ला इलाके में स्थित फ्लैट्स में रहने वाले किराएदारों की वेरिफिकेशन और पुलिस पेट्रोलिंग पर सवाल उठने लगे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, जिस अपार्टमेंट में सिक्योरिटी गार्ड्स नहीं हैं और जो बिल्डिंग तीन मंजिल की बनाकर बेची जा रही हैं, उनमें रहने वालों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यहां बिना रोकटोक कोई भी आराम से दाखिल हो सकता है। ऐसे फ्लैटों में रहने वाले कितने किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन फ्लैट मालिकों और बिल्डरों ने करवाया है, यह भी बड़ा सवाल है। यहां के स्थानीय लोगों की माने तो पुलिस चार माह से पेट्रोलिंग पर नहीं दिखी तो किराएदारों का रिकार्ड क्या खंगालेगी।
सिर्फ जर्मनदीप की हुई कागजी पुलिस वेरिफिकेशन
निर्मल टावर वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान संजीव शर्मा ने बताया कि पुलिस को किराएदारों की सिर्फ कागजी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करनी चाहिए। बल्कि किराएदारों के घर में जाकर मालिक की मौजूदगी में उनकी अच्छे तरीके से जांच पड़ताल करनी चाहिए। वहीं लोगों को पता लगे कि कोई नया किराएदार उनके एरिया में रहने आया है, तो उसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों के साथ शेयर की जाए, ताकि लोगों की पुलिस वेरिफिकेशन हो सके। क्योंकि जहां पुलिस और गैंगेस्टर के बीच मुठभेड़ हुई है, वहां जर्मनजीत उर्फ जर्मन के नाम पर पुलिस वेरिफिकेशन करवाया गया है, लेकिन उसका कोई आपराधिक बड़ा रिकार्ड नहीं था, जिसके चलते अंकित भादू जैसे बड़े गैंगेस्टर उसके साथ रहने लगे और पुलिस और लोगों को भनक तक नहीं लगी।
सिर्फ जर्मनदीप की हुई कागजी पुलिस वेरिफिकेशन
निर्मल टावर वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान संजीव शर्मा ने बताया कि पुलिस को किराएदारों की सिर्फ कागजी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करनी चाहिए। बल्कि किराएदारों के घर में जाकर मालिक की मौजूदगी में उनकी अच्छे तरीके से जांच पड़ताल करनी चाहिए। वहीं लोगों को पता लगे कि कोई नया किराएदार उनके एरिया में रहने आया है, तो उसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों के साथ शेयर की जाए, ताकि लोगों की पुलिस वेरिफिकेशन हो सके। क्योंकि जहां पुलिस और गैंगेस्टर के बीच मुठभेड़ हुई है, वहां जर्मनजीत उर्फ जर्मन के नाम पर पुलिस वेरिफिकेशन करवाया गया है, लेकिन उसका कोई आपराधिक बड़ा रिकार्ड नहीं था, जिसके चलते अंकित भादू जैसे बड़े गैंगेस्टर उसके साथ रहने लगे और पुलिस और लोगों को भनक तक नहीं लगी।