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रिटायरमेंट के 16 साल बाद प्रमोशन, हाईकोर्ट ने दिलाया हक 

Sat, 19 Nov 2016 11:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 19 Nov 2016 11:02 PM IST
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After 16 years of retirement, promotion, High Court made the right
चंडीगढ़ कोर्ट - फोटो : file photo

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए भठिड़ा निवासी उदम सिंह कालड़ा की रिटायरमेंट के 16 वर्ष बाद अपना फैसला सुनाते हुए बैंक आफ इंडिया प्रबंधन को उन्हें प्रमोट करने के आदेश दिए।

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22 साल पहले याचिका दाखिल करते हुए उदम सिंह कालड़ा की ओर से बैंक प्रबंधन के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें अन्य लोगों प्रमोशन दिया गया परंतु उनके योग्य होने पर भी उन्हें प्रमोशन नहीं दिया गया। 
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हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौर के बाद याचिका को एडमिट कर लिया था। 22 साल बाद इस याचिका पर फिर से सुनवाई हुई और इससे पहले ही दिसम्बर 2000 में सेवानिवृत्ति ले ली थी। 
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पिछले सप्ताह इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बैंक आफ इंडिया  से याचिकाकर्ता को  प्रमोशन न देने व इससे जुड़ा पूरा रिकार्ड कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। इसके जवाब में बैंक ने हाईकोर्ट में रिकार्ड पेश करने में असमर्थता जताई। 

रिटायरमेंट के 16 साल बाद दिया प्रमोशन का लाभ

After 16 years of retirement, promotion, High Court made the right
कोर्ट

बैंक ने कोर्ट को बताया कि यह रिकार्ड मुम्बई के हेड आफिस में था। लेकिन जुलाई 2005 में मुम्बई में बाढ़ आने के कारण बैंक का पुरा रिकार्ड नष्ट हो गया। इस कारण बैंक के पास अभी याचिकाकर्ता की प्रमोशन से जुड़ा कोई रिकार्ड नही हैं। 

हाईकोर्ट के जस्टिस पी बी बजंतरी ने बैंक के जवाब पर कड़ा रूख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को इस आधार पर प्रमोशन का लाभ देने से इंकार नही किया जा सकता है कि बैंक का रिकार्ड नष्ट हो गया हैं। 

इसमें याचिकाकर्ता का कोई दोष नही हैं। हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन रहते हुए याचिकाकर्ता ने  अपनी मर्जी से सेवानिवृति ले ली थी। हाईकोर्ट ने बैंक को आदेश दिया कि वो जिस दिन याचिकाकर्ता के जुनियर को प्रमोशन दी गई उस दिन से याचिकाकर्ता को प्रमोशन देते हुए उसी आधार पर उसका वेतन, भत्ते व अन्य सुविधा का लाभ दे। 

बैंक उसको पिछला बकाया बगैर ब्याज के अदा करे। हाईकोर्ट ने छह माह के भीतर प्रमोशन व अन्य लाभ देने का बैंक को आदेश जारी किया हैं।

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