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अफगानी नागरिक को जेल में हुआ प्यार, कोर्ट के आदेश पर महिला वकील को बनाया जीवनसाथी
Tue, 28 May 2019 05:09 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 28 May 2019 05:09 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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हत्या के मामले में जेल काट रहे अफगानी नागरिक एहसानुल्लाह का प्यार जेल में परवान चढ़ा, पुलिस की निगरानी में शादी हुई और अब हाईकोर्ट ने उसकी शादी को रजिस्टर करने की अनुमति दे दी है। खास बात यह है कि एहसानुल्लाह को किसी महिला कैदी से नहीं अपनी वकील से प्यार हुआ और अब महिला वकील उनकी पत्नी हैं।
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अफगानी नागरिक एहसानुल्लाह पर उसी के साथी एक अफगानी नागरिक की हत्या का आरोप था। इस मामले में चंडीगढ़ ट्रायल कोर्ट ने उसे दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस सजा के खिलाफ एहसानुल्लाह ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने इसे गैरइरादतन हत्या का दोषी पाया और उसकी सजा को घटाकर पांच वर्ष कर दिया था। हालांकि आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि सजा पूरी होने के बाद उसे अफगानिस्तान डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
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सजा काटते हुए एहसानुल्लाह को अपनी महिला वकील से प्यार हो गया और इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने से पांच साल बड़ी महिला वकील से उसने शादी की अनुमति मांगी। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस की निगरानी में दोनों की शादी हुई। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अपनी शादी को रजिस्टर करवाने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति मांगी थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि जब शादी की अनुमति दे दी गई है तो मैरिज रजिस्ट्र्र्रेशन की अनुमति भी दी जानी चाहिए। वैसे भी याची अपनी सजा में से साढ़े तीन साल की सजा काट चुका है।
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अभी कई मुश्किलें
हाईकोर्ट ने सजा को कम करने का आदेश सुनाते हुए अपने आदेश में यह भी लिख दिया था कि सजा खत्म होने के बाद याची को वापस अफगानिस्तान डिपोर्ट कर दिया जाए। ऐसे में शादी होने के बाद भी याची अपनी पत्नी के साथ नहीं रह पाएगा। अभी फिलहाल दोनों के पास कानूनी विकल्प मौजूद हैं लेकिन साथ रहने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।