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साइक्लिंग को बढ़ावा: चंडीगढ़ यूटी प्रशासक के सलाहकार के आदेश, हफ्ते में एक दिन साइकिल से दफ्तर आएं अधिकारी
Tue, 17 Aug 2021 10:49 AM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 17 Aug 2021 10:49 AM IST
सार
मार्च 2018 में नगर निगम के तत्कालीन कमिश्नर जतिंदर यादव ने एक आदेश जारी कर हर बुधवार को कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए साइकिल से आना अनिवार्य किया था। हालांकि पहले ही दिन आदेशों का पालन नहीं हुआ था।
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साइकिल चलाते प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और उनके सलाहकार धर्मपाल।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह हफ्ते में एक दिन साइकिल से दफ्तर आएं। धर्मपाल का मानना है कि अधिकारी साइकिल का इस्तेमाल करेंगे तो अन्य कर्मचारी व शहरवासी साइकिल चलाने के प्रति प्रेरित होंगे। बता दें कि तीन साल पहले भी ऐसा ही आदेश जारी हुआ थे, लेकिन अधिकारी एक बार ही साइकिल से दफ्तर पहुंचे थे।
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सलाहकार धर्मपाल शहर में साइकिल पथ व साइक्लिंग के प्रति शहरवासियों की रुचि देख काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के लोगों के लिए यह काफी अच्छी सुविधा है। वह इसे प्रोत्साहित करेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल-डीजल की गाड़ियां छोड़ साइकिल की सवारी शुरू करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन के अधिकारियों को पहल करनी होगी ताकि वह अन्य लोगों के लिए उदाहरण बन सकें। इसलिए बीते दिनों प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह हफ्ते में कम से कम एक दिन साइकिल से दफ्तर जरूर आएं।
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उन्होंने बताया कि दिन अभी निर्धारित नहीं किया गया है लेकिन जल्द ही तय कर लिया जाएगा। धर्मपाल ने कहा कि उन्होंने भी फैसला किया है कि हफ्ते में एक दिन घर से दफ्तर साइकिल पर ही जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी स्वतंत्रता दिवस के समारोह के आयोजन में व्यस्त थे, इसलिए अब वह सभी से चर्चा करके एक दिन तय करेंगे।
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टूटे साइकिल ट्रैक को जल्द ठीक करने के आदेश
धर्मपाल ने कहा कि शहर में साइकिल पथ की कमी नहीं है। हालांकि कुछ साइकिल पथ खराब स्थिति में हैं। लोगों को साइकिल चलाने में समस्या न आए, इसके लिए खराब साइकिल पथों की सूची मांगी है ताकि उन्हें जल्द से जल्द ठीक किया जा सके। धर्मपाल ने बताया कि बीते दिनों उन्होंने इंजीनियरिंग विभाग के साथ एक बैठक कर साइकिल पथों की स्थिति की समीक्षा की है। सभी साइकिल पथों को ठीक करने के आदेश दे दिए गए हैं।
मार्च 2018 में हर बुधवार साइकिल से आने का जारी हुआ था आदेश
मार्च 2018 में नगर निगम के तत्कालीन कमिश्नर जतिंदर यादव ने एक आदेश जारी कर हर बुधवार को कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए साइकिल से आना अनिवार्य किया था। हालांकि पहले ही दिन आदेशों का पालन नहीं हुआ था। अधिकतर कर्मी अपने वाहनों से ही निगम पहुंचे थे लेकिन निगम की पार्किंग के बजाय कार्यालय के सामने की पार्किंग में वाहन खड़ा कर पैदल ही कार्यालय आए थे। कुछ महिला कर्मियों को उनके परिजन दोपहिया और चारपहिया वाहनों से निगम ऑफिस के सामने छोड़ कर गए थे। कुछ दिनों बाद ये योजना पूरी तरह से फेल हो गई। सभी कर्मियों व अधिकारियों ने साइकिल को त्याग दिया।