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गुड न्यूज, बायोमीट्रिक सर्वे के बचे लोगों को चंडीगढ़ में मिलेगा आशियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 24 May 2016 01:53 AM IST
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चंडीगढ़ प्रशासन
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सिटी ब्यूटीफुल को स्लम फ्री सिटी बनाने के लिए यूटी प्रशासन ने फ्रेश बायोमीट्रिक सर्वे करवाने का फैसला लिया है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य उन लोगों का पुनर्वास है जो 2006 में करवाए गए बायोमीट्रिक सर्वे में छूट गए थे या फिर किन्हीं कारणों से अयोग्य करार दे दिए गए थे।
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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने सर्वे के लिए एस्टेट ऑफिस को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी मिलने के बाद एस्टेट ऑफिस ने यह सर्वे कराने की तैयारी कर ली है। एस्टेट ऑफिस सर्वे के लिए टीमों का गठन करेगा, जो मौके पर जाकर कॉलोनियों में झुग्गी वासियों की जानकारी जुटाएंगी। बताया जा रहा है कि 5 हजार लोग इस सर्वे में कवर नहीं हो पाए थे।
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बायोमीट्रिक सर्वे 2006 में कुल 18 कॉलोनियों की पहचान की गई थी, जिनके वासियों को जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत पुनर्वास के लिए फ्लैट्स दिए जाने थे। पुनर्वास योजना के तहत चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) बायोमीट्रिक सर्वे 2006 के 23 हजार 974 झुग्गीवासियों में से 12 हजार 736 को फ्लैट बनाकर सौंप चुका है। सेक्टर-49, 38 वेस्ट, रामदरबार, मलोआ, मौलीजागरां और धनास जैसे क्षेत्रों में सीएचबी पुनर्वास योजना के तहत करीब 25 हजार फ्लैट्स का निर्माण कर रहा है। प्रशासन ने 2017 तक शहर को स्लम फ्री बनाने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।
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सर्वे में 200 एकड़ जमीन पर 18 कॉलानियों का मिला था कब्जा
बायोमीट्रिक सर्वे 2006 में एस्टेट ऑफिस और हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रोनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन लि. (हारट्रोन) की 13 टीमों ने मिलकर सर्वे किया था। फेज वाइज किए इस सर्वे में करीब 200 एकड़ जमीन पर 18 कॉलोनियों का कब्जा मिला था। सर्वे में कॉलोनीवासियों के अंगूठे केनिशान, फोटो, फिजिकल वेरिफिकेशन और वोटर कार्ड का डाटा जुटाया गया था। इस दौरान बहुत से झुग्गीवासियों को वोट कार्ड नहीं होने और फिजिकल वेरिफिकेशन के वक्त मौजूद न होने की वजह से अयोग्य करार दे दिया गया था। तभी से ये लोग एस्टेट ऑफिस और सीएचबी के चक्कर लगा रहे हैं।