फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   administration strict fire in farm, now farmers destroy evidence in farm

फाने जलाने पर प्रशासन सख्त: अब सबूत मिटाने को जोतने लगे खेत

Sun, 08 May 2016 05:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत/सोनीपत/करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत/सोनीपत/करनाल Updated Sun, 08 May 2016 05:45 PM IST
विज्ञापन
administration strict fire in farm, now farmers destroy evidence in farm
खेतों में किसान - फोटो : amar ujala

गेहूं के अवशेष (फाने) जलाने पर प्रशासन की सख्ती के चलते किसानों में हड़कंप मचा हुआ है। शुक्रवार को फाने जलाने की घटना तो सामने नहीं आई लेकिन ऐसे ही मामलों में पानीपत में सात तो सोनीपत में 27 नए मुकदमे दर्ज किए गए। सोनीपत के राई में तीन किसान गिरफ्तार किए गए हैं। दूसरी तरफ, किसान अब फाने जलाने के सबूत ही मिटाने में लग गए हैं। इसके लिए उन्होंने खेतों की जुताई करनी शुरू कर दी है।

विज्ञापन


सोनीपत जिले में पुलिस ने फाने जलाने से संबंधित 27 नए मामले दर्ज किए हैं। जिले में अब तक कुल 47 मामले दर्ज हो चुके हैं। इसमें से दो मामले ऐसे हैं, जिनमें शुक्रवार को तीन की गिरफ्तारी भी हुई है। हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। ये दोनों ही मामले थाना राई के हैं। पुलिस के अनुसार थाना राई पुलिस को शिकायत मिली थी कि गांव बड़ौली और दीपालपुर में किसानों ने अपने खेतों में फांस में आग लगा रखी थी।
विज्ञापन


सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने बड़ौली से सतनारायण और उसके पुत्र अभिमन्यु को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ फांस में आग लगाने के अलावा दूसरे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला भी दर्ज किया गया है। वहीं दीपालपुर में मनोज को गिरफ्तार किया गया। तीनों ही किसानों को गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया। शुक्रवार को ही सोनीपत सदर थाने में 20, मुरथल में पांच, राई में दो नए केस दर्ज किए गए। इससे पहले गोहाना (बरोदा, सदर, सिटी) ने 14, मुरथल थाना ने दो, खरखौदा में 3, गन्नौर में एक मामले दर्ज किए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पानीपत के सनौली समेत तमाम जगह किसानों ने वीरवार को खेतों में जुताई शुरू कर दी। कुछ ने कृषि कार्य और दूसरों ने मुकदमा दर्ज होने की डर से ऐसा किया माना जा रहा है। खेतों में सुबह से लेकर देर रात तक ट्रैक्टर चलते दिखाई दिए। इसी बीच कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारी खेतों में फानों को जलाने की रिपोर्ट तैयार करने में लगा रहा। वीरवार को सात और मुकदमे दर्ज किए गए। कृषि विभाग दो दिनों में जिले में करीब 58 किसानों के खिलाफ फसलों के अवशेष जलाने के आरोप में मामला दर्ज कर चुका है।

इनेलो किसान सेल ने फाने नहीं जलाने का प्रस्ताव किया पास करनाल में फाने जलाने के घातक परिणाम देखते हुए इनेलो किसान सैल ने बैठक करके फाने नहीं जलाने का प्रस्ताव पास किया है। सेल के जिलाध्यक्ष फूल सिंह मंजूरा की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय में हुई  मंजूरा की ओर से फानों में आग न लगाए जाने का प्रस्ताव पेश किया गया। इसे सभी उपस्थित किसानों व कार्यकर्ताओं ने एकमत होकर पास कर दिया। पूर्व विधायक सांगवान ने भी किसानों से फानों में आग न लगाने की अपील की है।


मां-बेटे की मौत के बाद जागा प्रशासन बुधवार को मतलौडा थाना क्षेत्र के गांव सींक निवासी शीना व उसका बेटा शौकीन खेतों में गेहूं के फानों में लगी आग में जिंदा जल गए थे। इसके बाद प्रशासन व कृषि विभाग सख्त हुआ।
 
सुनील मान, एसडीओ, कृषि विभाग पानीपत ने बताया कि छिछड़ाना के पास हादसे में मां-बेटे की मौत दर्दनाक थी। कृषि विभाग ने ऐसे किसानों के साथ सख्ती से निपटते हुए 58 मुकदमे दर्ज कराए हैं। विभागीय टीम अपने-अपने क्षेत्रों का जायजा ले रही हैं और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।



करनाल के डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने भारतीय दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के अंतर्गत तुरंत प्रभाव से जिला करनाल में गेहूं की फसल की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश मई के अंत तक लागू व मान्य होंगे। उन्होंने बताया कि जो भी इन आदेशों की अवहेलना करेगा। वह भारतीय दंड संहिता की धारा 188 आईपीसी एवं संपठित वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत दंड का भागी होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed