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चंडीगढ़ः पलायन रोकने को प्रशासन की पहल, एक माह का किराया माफ, छात्र अभिभावकों को राहत
Mon, 30 Mar 2020 11:42 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2020 11:42 AM IST
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यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर
- फोटो : अमर उजाला
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एडवाइजर मनोज परिदा ने ट्वीट कर जानकारी दी कि प्रशासन ने मजदूरों की तकलीफ को समझते हुए उन्हें मकान के किराए से एक महीने की राहत दी है। आदेश के अनुसार मकान मालिक मजदूरों से इस महीने का किराया नहीं मांग सकते हैं और न ही उन्हें जबरदस्ती घर से बाहर किया जा सकता है। ऐसा करना कानूनन अपराध होगा।
चंडीगढ़ की कॉलोनियों, साथ लगते गांवों, पुनर्वास कालोनियों जैसे मलोया, धनास, मौलीजागरां आदि में बड़ी तादाद में मजदूर रहते हैं। प्रशासन ने यह फैसला मजदूरों के पलायन को देखते हुए लिया है। इसके अलावा यूटी प्रशासन ने कर्फ्यू लगने के कई दिनों बाद पलायन कर रहे मजदूरों के लिए मलोया के कम्युनिटी सेंटर में रहने की जगह दी है। यहां प्रवासी मजदूरों के लिए शेल्टर बनाए गए हैं और मेडिकल जांच व खाने पीने की व्यवस्था की गई है।
स्कूल खुलने के एक माह बाद जमा करनी होगी फीस : बदनौर
शहर के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में नए सत्र 2020-21 की फीस स्कूलों के खुलने के एक माह बाद ही जमा करवानी होगी। यह फैसला रविवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की ओर से लिया गया है। प्रशासक ने यह फैसला कोरोना के चलते 21 दिन के लॉक डाउन के मद्देनजर परिजनों को राहत देने के लिए लिया है।
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चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्य्क्ष नितिन गोयल ने बताया कि कुछ प्राइवेट स्कूल परिजनों को संदेश भेजकर स्कूल फीस 10 अप्रैल तक जमा करवाने के लिए बोल रहे थे। परिजनों की शिकायत के बाद उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन को इसकी शिकायत की थी।
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चंडीगढ़ की कॉलोनियों, साथ लगते गांवों, पुनर्वास कालोनियों जैसे मलोया, धनास, मौलीजागरां आदि में बड़ी तादाद में मजदूर रहते हैं। प्रशासन ने यह फैसला मजदूरों के पलायन को देखते हुए लिया है। इसके अलावा यूटी प्रशासन ने कर्फ्यू लगने के कई दिनों बाद पलायन कर रहे मजदूरों के लिए मलोया के कम्युनिटी सेंटर में रहने की जगह दी है। यहां प्रवासी मजदूरों के लिए शेल्टर बनाए गए हैं और मेडिकल जांच व खाने पीने की व्यवस्था की गई है।
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स्कूल खुलने के एक माह बाद जमा करनी होगी फीस : बदनौर
शहर के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में नए सत्र 2020-21 की फीस स्कूलों के खुलने के एक माह बाद ही जमा करवानी होगी। यह फैसला रविवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की ओर से लिया गया है। प्रशासक ने यह फैसला कोरोना के चलते 21 दिन के लॉक डाउन के मद्देनजर परिजनों को राहत देने के लिए लिया है।
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चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्य्क्ष नितिन गोयल ने बताया कि कुछ प्राइवेट स्कूल परिजनों को संदेश भेजकर स्कूल फीस 10 अप्रैल तक जमा करवाने के लिए बोल रहे थे। परिजनों की शिकायत के बाद उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन को इसकी शिकायत की थी।